प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन और सरकार के मुखिया के तौर पर अपने 25 वर्षों का सफर तय किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके जीवन में घटी कोई भी घटना व्यर्थ नहीं गई है, बल्कि हर एक परिस्थिति ने उन्हें कुछ न कुछ नया सिखाया है. मोरबी की भीषण बाढ़ के समय उन्होंने दिन-रात लोगों की सेवा करना सीखा, तो वहीं भुज के विनाशकारी भूकंप ने उन्हें हर मुश्किल परिस्थिति में पुनर्निर्माण के लिए डटे रहने का हौसला दिया. देखें...