उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शामली बिजनौर और गाजियाबाद में थे. मौका तो विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन का था लेकिन योगी ने इस मौके का इस्तेमाल अखिलेश सरकार को खबरदार करने में किया. माफिया राज पर हमले किए वहीं कांवड़ियों का मुद्दा बनाकर चढ़ावा चोरी पर का जवाब दिया. देखें खबरदार.
मोदी सरकार जिन बिल पर दो तिहाई बहुमत तक जरूरी है. अमित शाह की रणनीति से इस वक्त सरकार मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है. जबकि चार महीने पहले सरकार को नंबर की लड़ाई में रोक लेने वाला विपक्ष अब कमजोर दिख रहा है. जहां आज कांग्रेस की संसदीय दल की रणनीतिक बैठक में सरकार को घेरने के लिए मुद्दे तो चुन लिए गए. लेकिन सवाल है कि जहां दो तिहाई बहुमत के करीब सरकार खड़ी दिखने लगी है. देखें...
मॉनसून सत्र से पहले बड़ा पावर गेम खेला जा रहा है. शरद पवार की पार्टी ने लोकसभा में परिसीमन बिल का समर्थन करने के संकेत दिए हैं. अगर ऐसा हुआ तो फिर शरद पवार के 8 सांसदों से मोदी सरकार के लोकसभा में दो तिहाई बहुमत के मिशन को मजबूती मिलेगी. देखें खबरदार.
जो कहीं परिवार के साथ घूमने जाते हैं. इस भरोसे के साथ की सुरक्षा मिलेगी. लेकिन महाराष्ट्र के नासिक में भागवत परिवार का यही भरोसा टूट गया. जो एक वॉटरफॉल सपरिवार घूमने गए. वहां दो बदमाशों ने परिवार की महिला से छेड़खानी की. परिवार ने विरोध किया तो फिर पंद्रह किलोमीटर तक पीछा करके चार बार बदमाशों ने हमला किया. इस मामले में नौ लोग पकड़े गए हैं. तीन लोग फरार हैं. देखें खबरदार.
कृष्ण जन्मभूमि को लेकर 9 अगस्त से कारसेवा का ऐलान हुआ है. अखाड़ा परिषद की तरफ से कहा गया कि बड़ी संख्या में साधु-संत दिल्ली से मथुरा की ओर पैदल मार्च करेंगे. अब सवाल है कि अयोध्या के मुद्दे पर सनातन ही समाजवादी की बात करने वाले अखिलेश यादव क्या करेंगे? क्या 'चित भी मेरी, पट भी मेरी' वाला बीजेपी का दांव यही है? देखें खबरदार.
जहां हार्ड हिंदुत्व और सॉफ्ट हिंदुत्व का सियासी युद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच चल रहा है. जिसमें आज नया अध्याय भी हनुमान गढ़ी का योगी आदित्यनाथ ने जोड़ दिया है. चर्चा चलने लगी है कि क्या बीजेपी की पिच पर सनातन वाली बैटिंग समाजवादी पार्टी को भारी पड़ सकती है. जहां सामने हिंदुत्व पर हार्डकोर राजनीति करने वाले योगी सामने हैं. जहां एक तरफ अखिलेश यादव कहते हैं कि सनातन ही समाजवाद है. देखें खबरदार.
खबरदार में आज आपको हम उस मुजरिम से मिलाने वाले हैं. जिसका नाम हर साल जून से सितंबर के बीच सबसे ज्यादा हर राज्य में हर दल की सरकार लेती है. वो मुजरिम जिसे कठघरे में खड़ा करके बहुत से मुख्यमंत्री, मंत्री, मेयर, पार्षद से लेकर प्रधान तक की कुर्सी बच जाती है. इस मुजरिम का नाम है मानसून. इस मुजरिम का नाम है बादल और बारिश. जिसके नाम पर इन दिनों खूब पर्ची जवाबदेही की फाड़ी जा रही है.
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा विवाद में जांच चल रही है. रोज नए दावे चढ़ावा चोरी के आ रहे हैं. इस बीच उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम से चढ़ावा चोरी का मामला आ गया. जहां मुख्यमंत्री के निर्देश ना केवल हाई लेवल कमेटी बनी. बल्कि बदरीनाथ-केदारनाथ टेंपल कमेटी के निजी सचिव को निलंबित कर दिया गया है. तीसरी खबर मध्य प्रदेश में नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर से आई है.
अयोध्या के चढ़ावा विवाद का जो पहाड़ टूटा है, उसका असर लगातार जारी है. एक महीना इस पूरे विवाद को सामने आए हो चुका है. इस्तीफा दे चुके चंपत राय की चिट्टी आई है. लिखा है कि जल्द एसआईटी की पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद मौन व्रत तोड़कर बोलूंगा. वहीं गोपाल राव को ट्रस्ट से बाहर किया गया है. पर ना तो एसआईटी की रिपोर्ट में नाम है. ना कोई शिकायत इनके खिलाफ हुई है. हांलाकि ट्रस्ट के लोग इनसे नाराज हैं. देखें...
राम मंदिर ट्रस्ट की करीब तीन घंटे तक चली बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा को लेकर फैसला हुआ. दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया. बैठक में ऑफलाइन मौजूद आठ और ऑनलाइन बैठक में शामिल चार सदस्यों ने चढ़ावा चोरी से खुद को आहत बताया. कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया. क्या चंपत राय की विदाई से चढ़ावा चोरी के दाग धूल जाएंगे? देखें खबरदार.
क्या बड़े नौकरशाह, अलग अलग फील्ड के एक्सपर्ट को प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल में जगह दे सकते हैं? क्योंकि प्रधानमंत्री का भरोसा योग्य नौकरशाहों पर रहा है। वो मानते हैं कि ब्यूरोक्रेट हो या टेक्नोक्रेट... ये योजनाओं को पूरा करने में तेजी लाते हैं। नीतियों के जनता के असर तक को समझते हैं. देखें खबरदार.
धीरे धीरे वो समय करीब आने लगा है. जब या तो पांच जुलाई या फिर 11 जुलाई के बाद कभी भी मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. हम लगातार आपको इस मंत्रिमंडल विस्तार से जुडी खबरों पर खबरदार कर रहे हैं. आज इसका चौथा पार्ट दिखाने जा रहे हैं. देखें खबरदार.
सबकी नजर मोदी मंत्रिमंडल के जल्द होने वाले तीसरे कार्यकाल के पहले विस्तार पर लगी है. जहां आज हम आपको इस विस्तार पर खबरदार करने वाले तीसरे हिस्से की जानकारी देंगे. सोमवार को हमने बताया कि प्रधानमंत्री पांच जुलाई या फिर 11 जुलाई के बाद कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं. मंगलवार को हमने बताया कि पुराने सहयोगी और बगावत करके समर्थन करने आए नए साथी सांसदों में मंत्री पद देने को लेकर क्या खबर चल रही है.
केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को अहम बैठक बुलाई. इसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिव शामिल हुए. पीएम का मंत्र इस बैठक में सुशासन और सुधार बताया जा रहा है. क्या यही वो मंत्र है जो मंत्रिमंडल विस्तार में भी दिख सकता है? देखें खबरदार.
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को सेशेल्स के दौरे से लौट आए हैं. अब सबकी नजर इस खबर पर लगी है कि मोदी 3.0 यानी नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा. माना जा रहा है कि सबकुछ तय हो चुका है. मोदी मंत्रिमंडल में कई की छुट्टी होने वाली है. कुछ के विभाग कम होने वाले हैं. क्या नए चेहरे मंत्रिमंडल में एंट्री लेकर चौंकाने वाले हैं? देखें खबरदार.
आज का अयोध्या कांड कलियुग वाला है. जहां राम मंदिर बनने के बाद जमीन से लेकर चढ़ावा चोरी तक का आरोप है. जहां विश्वास का संकट है. आठ गिरफ्तार हैं. लेकिन सवाल बडे चेहरों का है? चंपत राय...जिनको लेकर कहा गया कि नैतिकता के नाम पर इस्तीफा दे दिया तो सवाल है क्या नैतिकता बहुत देर से जागी....क्या FIR में आगे चंपत राय का नाम होगा? देखें खबरदार.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या के पुलिस थाने में FIR दर्ज कर ली गई है. 8 नामजद लोगों पर FIR दर्ज की गई है. जिनमें मंदिर ट्रस्ट ने टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट आने के 3 दिन बाद जाकर ये FIR दर्ज हुई है. देखें...
जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी दो एसआईटी की रिपोर्ट पर सबकी नजर है. एक जांच की आंच अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद की है. दूसरी जांच की आंच सरकारी लापरवाही से खड़ी इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत से जुड़ी है. मुख्यमंत्री लगातार सख्त हैं. अफसरों पर भृकुटी ताने हुए हैं. लेकिन अयोध्या से लखनऊ तक जनता का सवाल है...क्या वाकई न्याय होगा? देखें खबरदार.
आग बुझ चुकी है, वो आग भी जो लखनऊ में सोमवार दोपहर सवा दो बजे लगी. वो अग्नि भी जो आज 15 चिताओं में लगी. लेकिन 15 परिवारों के साथ देश के हर आम आदमी के सीने में सवालों की आग सुलग रही है. वो जानना चाहते हैं कि कभी पुल गिरेगा, कभी सड़क धंसेगी, कभी होटल में आग लगेगी, कभी कोचिंग में आग, कभी स्कूल में आग लगेगी, कभी अस्पताल में आग. क्या जनता की जान की कीमत ही नहीं है?
लखनऊ के गेमिंग जोन में लगी आग ने 15 लोगों की जान ले ली. इससे पहले 3 जून को दिल्ली में नियम तोड़कर चलते होटल में भी आग लगी थी, जिसमें 23 मौतें हुईं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा था कि यूपी में अभियान चले. हर जगह जांच हो कि कहीं नियम तो नहीं टूट रहे. पता नहीं क्या जांच हुई, क्योंकि 19 दिन के भीतर लखनऊ में दो मंजिला इमारत में ये अग्निकांड हो गया. देखें खबरदार.
मानसून 15 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन 8 जून से तेलंगाना में अटका हुआ है. 11 दिन हो गए हैं, ये आगे नहीं बढ़ रहा है. अटके मानसून की वजह से उत्तर-मध्य भारत के 7 राज्य मानसूनी बारिश को तरस रहे हैं. इन्हीं राज्यों में उत्तर प्रदेश भी है. जहां राम के नाम पर राजनीति की बारिश हो रही है.