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खबरदार

महाराष्ट्र में लोहा गर्म..बीजेपी कब मारेगी हथौड़ा? देखिए खबरदार

27 जून 2022

महाराष्ट्र की सियासत में इस समय लोहा गर्म है. बस देखना ये है कि बीजेपी अपनी सियासत का हथौड़ा कब मारेगी. शिवसेना को सत्ता से बाहर करने के लिए चोट कब करेगी और उसकी चाल क्या होगी? ये मुकाबला उद्धव ठाकरे की शिवसेना और एकनाथ शिंदे की बागियों वाली सेना के बीच है. सुप्रीम कोर्ट से उद्धव सेना को झटका लगा है और शिंदे सेना को 14 दिन का मौका मिल गया है. महाराष्ट्र की पूरी राजनीति का फोकस दोपहर में सुप्रीम कोर्ट पर था क्योंकि वहां से ही आगे का रास्ता तय होना था. श्वेता सिंह के साथ देखिए खबरदार में विश्लेषण.

शुरू हो गया शिवसैनिकों का 'बदला-पुर', देखिए खबरदार

26 जून 2022

महाराष्ट्र की राजनीति में अभी तक जो नजर नहीं आ रहा था अब वो सड़क पर और शिवसेना नेताओं की जुबान पर नजर आने लगा है. हम शरीफ क्या हुए, दुनिया बदमाश हो गई. ये फिल्मी डायलॉग आदित्य ठाकरे ने युवा सेना अध्यक्ष के तौर पर कार्यकर्ताओं को दिए अपने संबोधन में बोला है. महाराष्ट्र की राजनीति में जो तेवर शिवसेना की पहचान रहा है वो अब नजर आ रहा है. सड़क, सदन और कोर्ट, हर ओर से बागियों पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है. श्वेता सिंह के साथ गुवाहाटी से देखिए खबरदार का ये एपिसोड.

बाला साहेब के नाम पर क्यों भड़के शिवसैनिक? देखिए खबरदार

25 जून 2022

महाराष्ट्र की सियासत में जो तूफान आया हुआ है उसको लेकर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की एक सीक्रेट मीटिंग हुई और वो मीटिंग वड़ोदरा में आधी रात के बाद हुई. यानी महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए बीजेपी का खेल शुरू हो गया है. राजनीति में कुछ भी सीधा नहीं होता. हर रास्ता घुमावदार होता है. फडणवीस और शिंदे की मुलाकात तो वड़ोदरा में हुई लेकिन रूट एकदम घुमावदार लिया गया. शिंदे गुवाहाटी से दिल्ली होते हुए वड़ोदरा पहुंचे जबकि फडणवीस मुंबई से इंदौर होते हुए वड़ोदरा पहुंचे. सवाल यही है कि वड़ोदरा में आधी रात के बाद कौन सी राजनीतिक खिचड़ी पकाई गई. श्वेता सिंह के साथ गुवाहाटी से देखिए खबरदार.

किसकी 'भक्ति' से मिली शिंदे-सेना को 'शक्ति'? देखिए खबरदार

24 जून 2022

महाराष्ट्र के पोलिटिकल थ्रिलर में हर पल एक नया मोड़ आ रहा है. ये आर या पार की लड़ाई है और इसका रिजल्ट एकदम उलझा हुआ है. इस सियासी मुकाबले में अब कुछ भी हो सकता है. शिवसेना इस समय अग्निपथ पर है और एकनाथ शिंदे की सेना के अग्निवीर बगावत की आग को उस हद तक फैला देना चाहते हैं कि शिवसेना ठाकरे मुक्त हो जाए. श्वेता सिंह के साथ खबरदार में देखिए कि मातोश्री के अंदर इस वक्त की पॉलिटिकल धड़कनें कैसी चल रही हैं और किसकी 'भक्ति' से मिली शिंदे-सेना को उद्धव ठाकरे से बगावत की 'शक्ति'?

शिंदे की बगावत, विधायकों की नाराजगी या सोची-समझी राजनीति? देखें खबरदार

23 जून 2022

शिंदे सेना के फोटोग्राफ और वीडियो तो आप लगातार देख रहे हैं, लेकिन इन दृश्यों कि पीछे छुपा दृश्यम कोई नहीं देख रहा है. सवाल ये उठ रहा है कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक्शन पैक्ड थ्रिलर में जो सामने सीधे सीधे दिख रहा है क्या वही अंतिम सत्य है? महाराष्ट्र की राजनीति में जितनी तेज़ी से बदलाव आए हैं और जितनी आसानी से बदलाव आए हैं, वो अपने आप में हैरान करते हैं. शिवसेना विधायकों का सूरत चले जाना, वहां से गुवाहाटी चले जाना. उसी समय शिवसेना के तेवर ठंडे दिखाई देना, जो हो रहा है होने देना, उद्धव ठाकरे के इस्तीफे वाला इमोश्नल कार्ड. सरकारी आवास से निकलते सूटकेस और फिर ये इशारा कि अगर बागी विधायक वापस आ जाएं तो अघाड़ी छोड़ देंगे. ये सब उतना सीधा नहीं है जितना दिखाई दे रहा है. देखें खबरों को ख़बरदार के लेंस से.

बागी श‍िंदे के 'फंदे' में श‍िवसेना का 'सरेंडर'! देखें सुपर विश्लेषण

22 जून 2022

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार वेंटिलेटर पर है और उसमें ऑपरेशन कमल के कामयाब होने की 'Beep' बीजेपी को बीच-बीच में सुनाई दे रही है. ये महाराष्ट्र के सियासी थ्रिलर का क्लाइमैक्स है. एकनाथ शिंदे अपने रिज़ॉर्टवीर विधायकों के साथ पूरी तरह कॉन्फिडेंट हैं. 34 विधायकों के दस्तखत वाला लेटर बम उद्धव ठाकरे की सियासत पर फोड़ा जा चुका है. शिवसेना और शिंदे-सेना के बीच का दंगल ही आज की सबसे बड़ी खबर है. इसमें मिडनाइट ड्रामा है, इमोशन है, रेज़िग्नेशन है, सत्ता है, बगावत है. साम-दाम-दंड-भेद है. इसलिए इस पर खबरदार रहना ज़रूरी है ये आज का सुपर विश्लेषण है.

क्या महाराष्ट्र में लॉन्च हुआ BJP का 'ऑपरेशन लोटस'? देखिए खबरदार

21 जून 2022

मंगलवार को देश का फोकस सेना की खबर पर रहा है. फर्क इतना है कि भारतीय सेना नहीं बल्कि महाराष्ट्र की शिवसेना सुबह से चर्चाओं में है. शिवसेना के एकनाथ शिंदे ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 26 विधायकों के वियोग की पिक्चर रिलीज कर दी है. कल तक सारा फोकस अग्निपथ योजना और अग्निवीरों पर था और अब ये फोकस महाराष्ट्र के सियासी अग्निपथ पर शिफ्ट हो गया है. अग्निवीरों की जगह रिजॉर्टवीरों ने ले ली है. ये ऑपरेशन कमल का नया सीजन है जो महाराष्ट्र में स्ट्रीम हो रहा है. अंजना ओम कश्यप के साथ खबरदार में देखिए महाराष्ट्र सियासत का ये विश्लेषण.

सेना ने अग्निवीरों के लिए जारी किया नोटिफिकेशन, देखें खबरदार में विश्लेषण

20 जून 2022

सरकार ने साफ कर दिया कि सेना में आने वाले हर युवा को अग्निपथ से होकर ही गुजरना होगा. इससे एक बात साफ है कि हंगामा कितना भी हो, सरकार अपने इस फैसले से पीछे नहीं हटने वाली. इस संदेश के आने के बाद सेनाएं भी एक्टिव हो गई हैं. थल सेना ने इसके लिए आज नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. आमतौर पर ऐसे नोटिफिकेशन्स पर लोगों का ध्यान नहीं जाता। मनोरंजन से जुड़ी मैगजीनें और अखबार तो लोग चाव से पढ़ लेते हैं लेकिन नोटिफिकेशन आंखों के सामने से बिना नोटिस हुए गुजर जाते हैं. लेकिन इन नोटिफिकेशन्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि नोटिफिकेशन ही कई बार देश की नीतियों में बदल जाते हैं. खबरदार के इस एपिसोड में देखें सेना के द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन का विश्लेषण.

क्यों पड़ी नए भर्ती सिस्टम की जरूरत? देखें खबरदार में विश्लेषण

19 जून 2022

आज तीनों सेनाओं की एक साझा प्रेंस कॉन्फ्रेंस में एक बात साफ हो गई कि अग्निवीर सेना की जरूरत है. आने वाले भविष्य में सेना में जोश की कमी हो जाएगी क्योंकि सेना में मौजूद लोगों की उम्र का औसत करीब 32 साल है. ऐसे सेना पिछले 30 सालों से चाहती थी कि ये औसत उम्र घटकर 26 साल पर आ जाए. अग्निपथ स्कीम इसी की खास पहल है. लेकिन इस स्कीम को लेकर युवाओं का काफी गुस्सा है. और इन युवाओं के प्रदर्शन के बाद कई नई बातें सामने आईं. जिसे लेकर राजनाथ सिंह ने सेना के तीनों प्रमुखों के साथ बैठक की और बाद में तीनों सेनाओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. खबरदार में देखिए अग्निपथ से जुड़े सवालों के जवाब.

विरोध के नाम पर 'आग' कौन लगा रहा है? देखें खबरदार में विश्लेषण

18 जून 2022

सेना में भर्ती की अग्निपथ स्कीम अब खुद सरकार के लिए अग्निपथ बन चुकी है. शनिवार को भी देश के कई राज्यों में अग्निपथ के खिलाफ विरोध के अंगारे भड़कते रहे लेकिन बिहार में तो आज हद हो गई. लगातार चौथे दिन अग्निपथ के विरोध की आग में बिहार जलता रहा. ऐसा लगता है मानो युवाओँ के आंदोलन को अब उपद्रवियों ने हाइजैक कर लिया है. छात्रों ने बिहार बंद का आह्वान किया था जिसको मुख्य विपक्षी दल RJD ने सपोर्ट किया था. बंद को देखते हुए बिहार में रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढाने का दावा था लेकिन कई जगह उपद्रव और हिंसा की आग में ये सारे दावे जलकर राख हो गये. आखिर विरोध के नाम पर 'आग' कौन लगा रहा है? शुभांकर मिश्रा के साथ देखिए खबरदार.

अग्निपथ के खिलाफ इतने उग्र क्यों हैं युवा? देखें खबरदार

17 जून 2022

बिहार में अग्निपथ योजना के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन शुक्रवार को भी देखने मिला. प्रदर्शन के कारण बिहार में कई ट्रेनें रद्द हो गईं जिसका यात्रियों पर असर पड़ा. बिहार में कुछ ट्रेनों का समय भी बदला गया. बिहार में अग्निपथ योजना के विरोध में हिंसक प्रदर्शन जारी है. सेना की अग्निपथ भर्ती योजना की लॉन्चिंग के साथ ही इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी लॉन्च हो गए. बिहार में कम से कम नौ जगह ट्रेनों की बोगियों में आग लगा दी गई. हिंसा की ये आग फैलते हुए दिल्ली भी पहुंच गई. बिहार में अग्निपथ स्कीम का सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है और सबसे ज्यादा ट्रेनें जलाई जा रही हैं. शुभांकर मिश्रा के साथ खबरदार में देखें 'अग्निपथ' पर क्यों हैं देश के युवा.

अग्निपथ योजना को लेकर सरकार के पक्ष और युवाओं की चिंता! देखें खबरदार

16 जून 2022

सेना की नौकरी, एक ऐसी नौकरी है जिसमें सम्मान है, पैसा और जॉब गारंटी तो है ही और देश की रक्षा की जिम्मेदारी है. एक बार सेना में भर्ती होने के बाद सैनिक अपनी तमाम ज़िम्मेदारियों को एकतरफ रखने की स्थिति में होता है और पूरी तरह से देश के लिए समर्पित होकर काम कर पाता है, जिस भारतीय सेना की पहचान, ऐसे वीर सैनिकों के जुनून से होती है. क्या चार साल की सेवा शर्तों वाले अग्निवीर से ये उम्मीद की जा सकेगी, कि उसके अंदर भी वैसा ही जुनून हो जो पर्मानेंट नियुक्ति वाले सैनिक में होता है? सड़क किनारे अल सुबह दौड़ लगाने वाले ज्यादातर गांव देहात के युवा, वही है जो सेना में शामिल होने का ख्वाब लेकर अपना पसीना बहाते हैं. उनकी सोच यही होती है कि उनकी ये मेहनत ना सिर्फ देश, बल्कि उनके परिवार को आजीवन सुरक्षा का भरोसा देगी. लेकिन क्या चार साल के अग्निवीर इस सोच के साथ सेना में भर्ती होंगे? देखें खबरदार.

'राहुल भक्ति' में कांग्रेस का सत्याग्रह सिर्फ 9 से 5 क्यों? देखें खबरदार

15 जून 2022

देश में महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ता, पिछले तीन दिन से दिल्ली की गर्मी में तपती सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने नेता राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं. हालांकि कांग्रेस का ये विरोध प्रदर्शन टाइम मैनेजमेंट का एक बेहतरीन उदाहरण साबित हो रहा है. कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ राहुल गांधी के साथ ईडी दफ्तर पहुंचते हैं. राहुल गांधी दफ्तर के अंदर जाते हैं और कार्यकर्ता बाहर विरोध प्रदर्शन पर बैठ जाते हैं लेकिन राहुल गांधी जबतक लंच के लिए ईडी दफ्तर से बाहर आते हैं तबतक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगभग समाप्त हो जाता है. देखें खबरों को खबरदार के लेंस से.

खबरदार: 30-40 हजार रूपए सैलरी, 12 लाख निधि पैकेज, समझें क्या है अग्निपथ योजना

14 जून 2022

जो युवा भारतीय सेनाओं का हिस्सा बनकर देशसेवा करना चाहते हैं, उनके इस सपने को पूरा करने का तरीका बदल गया है. भारतीय सेना की तीनों शाखाओं यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती के लिए नई स्कीम लॉन्च की गई है, जिसका नाम है - अग्निपथ. इस योजना के तहत सैनिकों की भर्ती 4 साल के लिए होगी और उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा. सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति की बैठक में नई योजना को मंजूरी मिलने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना को तीनों अंगों के प्रमुखों ने इसका ऐलान किया. भारतीय सेना में पहली बार ऐसी कोई स्कीम लॉन्च की गई है जिसके तहत शॉर्ट टर्म के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी. देखें खबरदार.

राहुल के लिए कांग्रेस का हाई वोल्टेज ड्रामा, सालों बाद सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

13 जून 2022

आज बहुत दिनों बाद लगा कि कांग्रेस के नेता विरोध प्रदर्शन और धरना देना अभी भूले नहीं हैं. ये अलग बात है कि उनका ये गुस्सा, ये विरोध, अपनी पार्टी के नेता राहुल गांधी को ईडी दफ्तर बुलाने को लेकर था. राहुल गांधी को आज प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए बुलाया था. पहले राउंड में उनसे 3 घंटे पूछताछ हुई, फिर 1 घंटे का लंच ब्रेक मिला, और इस ब्रेक के बाद दूसरे राउंड की पूछताछ हुई. वो पुराना ज़माना था जब कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सड़क पर इस तरह किसी मुद्दे पर इतने ज़्यादा जोश के साथ नारेबाजी करते, गिरफ्तारी देते और हंगामा करते देखा गया था. ईडी ने राहुल को पूछताछ के लिए बुलाकर कांग्रेस की ऐसी नब्ज दबाई जिसने कांग्रेस में पुराना वाला जोश पैदा कर दिया. देखें खबरदार.

सहारनपुर से जुड़े हैं रांची हिंसा के तार, नया CCTV वीडियो आया सामने, देखें खबरदार

12 जून 2022

रांची हिंसा के बाद से करीब 14 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लगाई गई है. इस हिंसा के बाद पूरे शहर में दहशत है, यही वजह है कि पुलिस हालात सामान्य बनाने के लिए सख्ती बरत रही है. हिंसा के आरोपियों को धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है. लेकिन अपनी जांच के दौरान पुलिस कुछ ऐसा पता चला है कि जिसने इस हिंसा में बाहरी साजिश का एंगल दिया है. जांच में पता चला है कि रांची में भड़की हिंसा के तार यूपी के सहारनपुर से जुड़ते है. रांची में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने करीब 9 एफआईआर दर्ज करके 26 नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है. हिंसा के मामले में जिन आरोपियों पर कार्रवाई हो रही है, उनके मुताबिक पुलिस के लाठीचार्ज के बाद हालात खराब हुए. जो तस्वीरें अभी तक आई थीं, उनमें जुलूस और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का मुक्की नजर आई थी. देखें खबरदार.

हिंसा के लिए मुसलमानों को किसने भड़काया? देखें खबरदार

11 जून 2022

एक शहर या एक राज्य में नहीं बल्कि शहर-शहर और कई राज्यों में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जिस तरह मुस्लिम समुदाय नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आया वो ये साबित करता है कि मुसलमानों का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन ऑर्गनाइज तरीके से किया गया और विरोध प्रदर्शन में हिंसा को प्रायोजित किया गया. खासकर उत्तर प्रदेश में तो इसकी स्क्रिप्ट बेहद शातिर तरीके से लिखी गई जिसका खुलासा अब यूपी पुलिस की जांच में भी हो रहा है जिसने प्रयागराज में हिंसक प्रदर्शनों के पीछे शामिल आरोपियों की शिनाख्त भी कर ली है. अर्पिता आर्या के साथ देखें खबरदार में विश्लेषण.

देशव्यापी उपद्रव का 'स्क्रिप्ट राइटर' कौन? देखें खबरदार

10 जून 2022

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पूरे भारत ने जो तस्वीरें देखी हैं वो अपने आप में देश को खबरदार करने वाली हैं. दिल्ली, मुंबई से लेकर लखनऊ और कोलकाता तक. सहारनपुर, देवबंद से लेकर मुरादाबाद और रांची तक. हर शहर से तनाव और हिंसक घटनाओं से भरी तस्वीरें आती रहीं. 'भड़काऊ प्रदर्शन' करके नूपुर शर्मा के भड़काऊ बयान के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की गई और जैसा कि होता है, कई जगह भड़काऊ प्रदर्शन हिंसा में बदल गए. सवाल ये है कि इस अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन का स्क्रिप्ट राइटर कौन है? श्वेता सिंह के साथ देखें खबरदार. 

पाक में मंदिर पर अटैक, अब चुप क्यों है अरब जगत? देखें खबरदार

09 जून 2022

इस्लामिक देशों की तरफ से भारत की दिशा में एकतरफा लेक्चर, कड़े बयान आ रहे हैं. अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों की तरफ से धमकियां आ रही हैं. भारत के मुसलमानों के प्रति चिंता ज़ाहिर करते हुए. भारत के ही खिलाफ नफरती प्रोपगेंडा चलाया जा रहा है. लेकिन पाकिस्तान में हो रही किसी भी प्रकार की कट्टरता या धार्मिक अपमान, इस्लामिक देशों को एक बार नहीं, बार बार स्वीकार है. जब पाकिस्तान में किसी मंदिर को तोड़ा जाता है. हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जाता है. तब मुस्लिम देशों का ईशनिंदा कानून सन्नाटे में चला जाता है और OIC देश चुप्पी की चादर ओढ़ लेते हैं. देखें खबरदार.

पाक की 'ना-पाक'साजिश, भारत के खिलाफ ट्रेंड करा रहा 'हैशटैग', देखें खबरदार

08 जून 2022

पैगंबर मोहम्मद पर दिये अपने विवादित बयान के बाद नुपुर शर्मा बीजेपी से निलंबित हो चुकी हैं. लेकिन खाड़ी देशों की नाराजगी है कि कम होने का नाम नहीं ले रही क्योंकि पाकिस्तान ऐसा नहीं चाहता. वो पाकिस्तान ही है जिसने ना सिर्फ नुपुर शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया बल्कि भारत के खिलाफ भी हैशटैग ट्रेंड करवाए. भारत के खिलाफ पाकिस्तान और खाड़ी देशों में 4 जून से 7 जून के बीच मुख्य तौर पर पांच हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे. पाकिस्तान के 31 वेरीफाइड हैंडल्स से भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले ऐसे हजारों ट्वीट्स एक साथ किये गये कि पाकिस्तान में भारत विरोधी हैशटैग टॉप ट्रेंडिंग बन गये. देखें खबरों को ख़बरदार के लेंस से.

कानपुर में पत्थरबाज़ी का रिमोट किसके पास था? देखें खबरदार

07 जून 2022

उत्तर प्रदेश पुलिस कानपुर के दंगाइयों को चुन-चुनकर सजा दिलवाने के मिशन मोड में है. दंगे से जुड़े हर कनेक्शन को खंगाला जा रहा है और गिरफ्तारियों का सिलसिला चल रहा है. कानपुर पुलिस ने सोमवार को जिन 40 दंगाइयों के पोस्टर कानपुर में चिपकाए थे, उनमें से चार अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. कुल 50 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अब कानपुर विकास प्रधिकरण ने भी दंगाइयों के खिलाफ अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. श्वेता सिंह के साथ खबरदार में कानपुर दंगे की जांच में अबतक पुलिस को मिली कामयाबी से जुड़ी रिपोर्ट देखिए.