जब बंगाल में 6 दिन बाद पहले चरण का मतदान होना है तो आज दिल्ली पर सबकी नजर लगी रही. क्योंकि देश की संसद में आज तैंतीस फीसदी महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने वाले तीन बिलों को पेश करके चर्चा शुरु होती है. लोकसभा में ये चर्चा अभी जारी है. इस बीच प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मिलकर पहले ही दिन विपक्ष की तरफ से सवालों के बाउंसर पर जवाबों की तेज पारी खेली है. खासकर दक्षिण के राज्यों की हिस्सेदारी घटने और पिछड़े-दलित महिला के आरक्षण को लेकर विपक्ष के सवालों पर मोदी-शाह ने हर भ्रम को दूर करना चाहा है. आज की बहस में अब तक के सियासी युद्ध से एक एक करके आपको हम खबरदार करेंगे.
दुनिया एक तरफ होर्मुज के रण पर चिंतित है. दूसरी तरफ देश में महिला आरक्षण का सियायी ऱण संसद में कल से शुरु होने वाला है. हर खबर पर हम आपको खबरदार करेंगे. जहां सबसे पहले बताएंगे कि क्यों ईरान की जंग तो बस झांकी, बाकी असल में अमेरिका-चीन की बड़ी टक्कर बाकी है.... इसके बाद दिखाएंगे कि होर्मुज पर कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन क्यों बार बार हो रहा है? दुनिया में युद्ध की खबर के बाद देश के राजनीतिक युद्ध से खबरदार करेंगे.
78 साल के इतिहास, 18 विधानसभा चुनाव के बाद आज पहली बार तय हो गया कि बिहार में अब बीजेपी के पास मुख्यमंत्री की कुर्सी होगी. बीस साल के राज में 12 साल के बाद नीतीश कुमार राजभवन इस्तीफा देने गए तो ऐसा पहली बार होगा जब इस्तीफा देने के बाद फिर नीतीश कुमार नहीं बल्कि नए मुख्यमंत्री की शपथ होगी. कल सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. देखें खबरदार.
वक्त है देश दुनिया की हर खबर से आपको खबरदार करने का. इस वक्त मैं इतिहास को अपने में समेटे शहर पटना में हूं. बिहार की राजधानी पटना जहां कल नया राजनीतिक इतिहास रचा जाना है. बीस साल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस्तीफा देना है. बीजेपी को अपना पहली बार बिहार में मुख्यमंत्री बनाने के लिए चुनना है. इतिहास इसी हफ्ते संसद में भी रचा जाएगा. जहां लोकसभा से विधानसभाओं तक महिलाओं को तैंतीस फीसदी आरक्षण देने वाले नारी शक्ति अधिनियम में नए संशोधन को पारित कराना है. लड़ाई सैलरी के लिए कर्मचारियों ने आज यूपी हरियाणा के तीन शहरों में छेड़ दी. लेकिन दुनिया की नजर सबसे बड़ी लड़ाई पर है. ईरान युद्ध में अब दुनिया होर्मुज पर डबल नाकाबंदी से जलने वाली है. जहां ईरान ने पहले ही ब्लॉक कर रखा था. अब अमेरिका भी होर्मुज ब्लॉक करने उतर चुका है.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वैंस कल सुबह तक पाकिस्तान पहुंच जाएंगे. कल सुबह ही इस्लामाबाद में शांति वार्ता प्रस्तावित है. ईरान के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की सीधी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है. लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि वैंस आ रहे हैं तो फिर ऐसा मुश्किल है कि ईरान बातचीत की टेबल पर ना पहुंचे. लेकिन वैंस ने पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप के हवाले से जो बात कही है, उसके बाद एक बार फिर सवाल उठने लगा है कि समझौता होगा या फिर महातबाही होगी?
क्या शनिवार को सीजफायर की बातचीत शुरु होेने से पहले ही किसी भी पल महायुद्ध फिर से ईरान के साथ अमेरिका इजरायल का शुरु हो सकता है? दुनिया भर के लिए सबसे गंभीर बन चुके इसी सवाल के हर पहलू से आज आपको हम खबरदार करेंगे. अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान को सैन्य तौर पर अक्षम बनाने का मक़सद हासिल कर लिया है. जबकि ईरानी मीडिया की तरफ से दावा किया जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल को ईरान के सैन्य हथियारों की ताकत को लेकर गलत अंदाजा हुआ है. ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान के पास अब भी 17 हजार से अधिक मिसाइल है.
आज दुनिया राहत की सांस ले रही है. क्योंकि जो ट्रंप आज सुबह ईरान की सभ्यता मिटा देने की चेतावनी दे रहे थे. उन्होंने ईरान के साथ मिलकर सीजफायर का सूरज उगाया है. लेकिन सवाल है कि 14 दिन के सीजफायर के आगे क्या है? सवाल है कि क्या ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध विराम करके खाड़ी के देशों और इजरायल को बीच लड़ाई में झटका दे दिया है? क्या होर्मुज को लेकर सीजफायर के बावजूद अभी पेच बहुत बाकी हैं. सारे जवाबों से खबरदार करेंगे. लेकिन पहले बात पिछले 40 दिनों में दुनिया ने क्या क्या देखा. 1- अमेरिका की प्रतिष्ठा को युद्ध के मैदान से लेकर राष्ट्रपति की जुबान तक तार तार होते देखा. 2- ईरान को अपने से सौ गुना ज्यादा ताकत वाले अमेरिका-इजरायल से अकेले लड़़ते देखा. 3- दुनिया ने देखा कि कैसे कुछ लाख के ड्रोन से करोड़ों की मिसाइल को नष्ट कराया जा सकता है. 4- अमेरिका का घमंड यानी लड़ाकू विमान F-35 को दुनिया ने इसी महायुद्ध में क्षतिग्रस्त होते देखा है. 5- 20 साल बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान युद्ध मे गिरते देखे गए, ये दावा है. 6- उस होर्मुज पर तेल की नाकाबंदी भी इसी महायुद्ध में देखी गई, जिसका युद्ध से पहले कोई लेना देना तक नहीं था. 7- 40 दिन में ये तक हो गया कि ईरान और रूस के तेल पर प्रतिबंध हटते देखा गया. 8- रूस-चीन-ईरान की जंग में जुगलबंदी पहली बार ऐसी देखी गई. जब नाटो देश इनके सामने ट्रंप से पल्ला झाड़कर अलग हो गए. 9- कच्चे तेल के दाम साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे. 10- तो इसी युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया को मिसाइल पर मिसाइल टेस्ट करते देखा गया. 11- और फिर इसी युद्ध के दौरान परमाणु बम को सुरक्षा की गारंटी मानते-बनते भी देखा गया.
आज की रात ईरान में कुछ भी हो सकता है. ये कहने के पीछे मकसद डराना नहीं है. बल्कि ये बताना है कि ट्रंप के बयान के बाद अब सबकी आशंका यही है कि आज रात ईरान में कुछ भी हो सकता है. ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइज़री जारी कर उन भारतीय नागरिकों से, जो अभी भी ईरान में हैं, कहा है कि वे 'अगले 48 घंटों तक जहां हैं, वहीं रहें और सभी बिजली व सैन्य प्रतिष्ठानों से दूर रहें.' साथ ही, उनसे घर के अंदर ही रहने को कहा गया है. ये एडवायजरी ट्रंप के उस बयान के बाद और ईरान में पिछले तीन घंटे में तेज हुए अमेरिका इजरायल के हमले के बाद आई है.
खबर महायुद्ध की, जहां ट्रंप बार बार डेडलाइन ईरान के लिए बढ़ा देते हैं. जहां सीजफायर की अटकलें आती हैं, लेकिन फिर हमला तेज हो जाता है. ट्रंप जब कुछ देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आने वाले हैं. उससे पहले ही इजारयल ने अब से कुछ देर पहले ईरान की साउथ पार्स गैस फील्ड पर फिर से मिसाइल हमला किया. ये दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है, जो ईरान और कतर के बीच फैली हुई है. ये वही साउथ पार्स गैस फील्ड है. जिस पर ने 18 मार्च को भी इजरायल ने हमला किया था. तब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें इस हमले की कोई जानकारी नहीं थी. ट्रम्प ने ये भी कहा था कि इस तरह के और हमले नहीं होने चाहिए. लेकिन आज ना सिर्फ इजरायल ने साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया बल्कि इसका आकर एलान भी किया है. पिछली बार इसी गैसफील्ड पर हमले के बाद ईरान ने कतर में बड़ा अटैक किया था.
महायुद्ध के 35वें दिन वो हो गया है, जो अब तक नहीं हुआ था. आज की खबर ऐसी है जिसके बाद सब पूछ रहे हैं कि अब अमेरिका क्या करेगा? क्योंकि न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से खबर आ चुकी है कि ईरान के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया गया है. दावा है कि ये F-15E अमेरिकी फाइटर जेट है। जिसके दो पायलट दावा है कि विमान मार गिराए जाने के बाद ईरान में खुद को इजेक्ट करके लैंड किए हैं.
क्या ईरान महायुद्ध अब ऐसे मोड़ पर आ चुका है. जहां अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर घातक वार हर पल तेज करने जा रहे हैं. और क्या अब महायुद्ध बहुत लंबा भी चल सकता है? इस सवाल के जवाब से तथ्यों के साथ आज आपको खबरदार करेंगे. लेकिन पहले इस युद्ध के 34वें दिन का अपडेट जान लीजिए. 1- व्हाइट हाउस का बयान आया है. फिर से कहा गया है कि अमेरिकी सेना की कार्रवाइयों की वजह से अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं. 2- फ्रांस के राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आपत्तिजनक बयान को गलत बताया और कहा कि ट्रंप के शब्द “न तो अच्छे हैं और न ही जवाब देने के लायक हैं. 3- ईरान की राजधानी तेहरान को कराज शहर से जोड़ने वाले बड़े पुल पर हमला किया गया है. ये पुल मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे पुलों में से एक माना जाता है. इस हमले में कई लोग घायल हो गए. इसके अलावा कराज के अन्य इलाकों पर भी हमले हुए. 4- ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी के तेहरान स्थित घर पर अमेरिका ने हमला किया. इसमें उनकी पत्नी की मौत हो गई और खराजी को गंभीर हालात में हॉस्पिटल में भर्ती किया गया. खराजी अभी ईरान की स्ट्रैटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल के चेयरमैन हैं. जो संस्था सीधे देश के सर्वोच्च नेता को सलाह देती है. 5- वहीं ईरान की राजधानी तेहरान में 100 साल पुराने मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान’ को निशाना बनाया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस महायुद्ध में फिर दोहराया है कि 'हम बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे,' लेकिन ट्रंप ने समय-सीमा नहीं बताई है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है. ईरान की नई लीडरशिप पहले के मुकाबले कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. लेकिन हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट सबके लिए खुला रहेगा, वरना हम बड़ा हमला करेंगे. इस बीच ईरान ने फिर दावा किया है कि उसने अमेरिका से किसी तरह की सीजफायर की मांग नहीं की है. चौथी बड़ी खबर ये है कि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कह दिया है कि ईरान छह महीने लड़ने के लिए तैयार हैं. वहीं पांचवीं खबर NATO से जुड़ी हुई है. ट्रंप ने कहा है कि हम नाटो से निकलने के बारे में विचार कर रहे हैं. ट्रंप ने चिढ़ाते हुए कहा है कि नाटो कागजी शेर है.
144 घंटे बाद क्या ट्रंप सबसे बड़ा युद्ध अपराध कर सकते हैं? इस सवाल से जुडे जवाबों पर आज खबरदार करेंगे. लेकिन सबसे पहले आपको युद्ध के 32वें दिन की पांच बड़ी खबरों से अपडेट कर देते हैं. 1- डोनाल्ड ट्रम्प ने आज कहा कि अब अमेरिका किसी देश की मदद नहीं करेगा. देशों को खुद ही अपने हालात संभालने होंगे. ट्रम्प ने कहा कि अगर देश चाहें, तो हिम्मत दिखाएं और खुद होर्मुज स्ट्रेट जाकर तेल ले लें. 2- असल में अमेरिका झल्ला गया है. क्योंकि एक के बाद एक दूसरे देश मदद से इनकार कर रहे हैं. स्पेन ने कल हाथ खड़ा कर दिया था. अब इटली ने अमेरिका को अपने सिगोनेला मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया. ये बेस सिसिली आइलैंड पर है. अमेरिका यहां विमान उतरना चाहता था, लेकिन इटली ने इजाजत नहीं दी. 3- फ्रांस ने भी मिलिट्री सप्लाई से भरे हुए इजरायल जाते प्लेन को अपने इलाके से उड़ने नहीं दिया तो ट्रंप नाराज हो गए. कहने लगे कि अमेरिका भूलेगा नहीं.
31 दिन बाद महायुद्ध अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां अमेरिका बातचीत को उतावला दिख रहा है. ईरान सीधे बात करने से बच रहा है और ऊर्जा ठिकानों पर युद्ध की आग लगातार पहुंच रही है. ट्रंप ने आज कहा है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल के कुओं और खार्ग द्वीप को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा. ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब तक दोनों देशों के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेश भेजे गए हैं. स्पेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. साथ ही मिलिट्री बेस के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है.
ईरान का अमेरिका पर तंज कसना बताता है कि अपनी लीडरशिप गंवाने के बाद भी ईरान के हौसले बुलंद हैं. सवाल ये है कि क्या इसीलिए डोनाल्ड ट्रंप बार बार सीजफायर की मियाद बढ़ा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने आज 10 दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने का ऐलान किया है. सवाल ये है कि ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है?
महायुद्ध को 27 दिन पूरे हो चुके हैं. एक महीना होने वाला है. युद्ध अगर नहीं रुका तो क्या संकटों के बीच नया संकट आ सकता है? पांच अपडेट से सबसे पहले इस जरूरी खबर को समझिए. पहला अपडेट- ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताया है कि ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर आधिकारिक रूप से जवाब दे दिया है. दावा है कि ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा की, लेकिन बातचीत में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है. दूसरा अपडेट- ट्रंप ने प्रस्ताव बातचीत का देने के बाद अब फिर से ईरान को चेतावनी दी है. कहा है कि 'ईरान को गंभीर हो जाना चाहिए, इससे पहले देर हो जाए'. तीसरा अपडेट- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान युद्ध को लेकर गंभीर आशंका जता दी है. उन्होंने कहा कि इस युद्ध से कोविड महामारी जैसे हालात हो सकते हैं. पुतिन ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग के नतीजों का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है. चौथा अपडेेट- विश्व व्यापार संगठन यानी WTO ने कहा है कि दुनिया इस समय 80 साल के सबसे बड़े व्यापार संकट से गुजर रही है. और पांचवां अपडेट- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे. इसमें ईरान जंग के चलते पैदा हुई परिस्थितियों पर चर्चा हो सकती है.
सबसे पहले बात सर्वदलीय बैठक की. जिसमें जब ईरान युद्ध में पाकिस्तान की तरफ से मध्यस्थता करने का मुद्दा उठा तो विदेश मंत्री ने बहुत तीखा बयान दिया. सूत्रों के मुताबिक सर्वदलीय बैठक में जयशंकर ने कहा कि हम दलाल देश नहीं हो सकते. जयशंकर ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान का इस्तेमाल साल 1981 से करता आ रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.
महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.
जहां 21 दिन से हर रोज महायुद्ध का पारा चढ़ता जा रहा है. वो पश्चिम एशिया जिस पर संकट के बादल पिछले 21 दिन से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हो रहे महायुद्ध से छाए हुए हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या इस जंग का अंजाम परमाणु तबाही पर जाकर रुकेगा? देखें खबरदार.
महायुद्ध से इस वक्त पूरी दुनिया खबरदार हो चुकी है. क्योंकि 24 घंट के भीतर ईरान और खाड़ी देशों में तेल-गैस रिफाइनरी पर हमले में आग के बाद दुनिया का बाजार, सोना, चांदी, रुपया, ट्रंप की रेटिंग सबकुछ में उथलपुथल मच चुकी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ी धमकी दी है अगर हमारे बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ तो हम बिल्कुल भी संयम नहीं बरतेंगे. इज़राइल की तरफ से हुए हमले के पलटवार में हमने अपनी शक्ति का एक अंश ही इस्तेमाल किया है. संयम बरतने का एकमात्र कारण तनाव कम करने के अनुरोध का सम्मान करना है.