एक तरफ संभल में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार पर बुलडोजर चला है. तो दूसरी तरफ शामली में यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर किया है. अब इसी एनकाउंटर को लेकर यूपी में राजनीतिक रस्साकशी चलने लगी हैे. जहां हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड से जुड़े दो शूटर को एसटीएफ ने ढेर कर दिया है. देखें...
नेपाल और तिब्बत में अब एक और झील का खतरा मंडरा रहा है. झील ओवरफ्लो होने पर राहत और बचाव अभियान को रोक दिया गया था लेकिन 3 घंटे बाद इसे फिर से फिर शुरू कर दिया गया. तिब्बत में जो दूसरी झील से फिर तबाही का डर बढ़ गया है, उसमें 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी इकट्ठा हो गया है. देखें खबरदार.
आजतक नेपाल के उसी ग्राउंड जीरो पर मौजूद हूं. जहां से पहती त्रिशूली नदी में बुधवार को तबाही का सैलाब आया है. आजतक के पांच संवाददाता नेपाल से भारत नेपाल बॉर्डर तक लगातार इस विनाश के बाद के मंजर की रिपोर्ट आप तक पहुंचा रहे हैं. जहां भारत के फंसें हुए नागरिकों को लेकर बड़ी चिंता जताई जा रही है. जहां चीन से नेपाल को पहले तबाही की बाढ़ से बचने को लेकर कोई चेतावनी ना मिलने को लेकर शंका जताई जा रही है. तब आपको हर खबर से खबरदार करेंगे. देखें...
वक्त है आज की हर बड़ी खबर से आपको खबरदार करने का. आज की सबसे बड़ी खबर चीन से आई बाढ़ की वजह से नेपाल में मची तबाही और भारत तक उसके असर को लेकर जारी अलर्ट है. 400 से ज्यादा लोग बाढ वाली तबाही की वजह से लापता हैं. जिसमें दर्दनाक खबर है कि 95 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 72 लोगों का शव मिल चुका है. देखें खबरदार.
वक्त है हर खबर से आपको खबरदार करने का। पटना तीसरा जंतर मंतर बन रहा है. पटना में छात्रों ने आज बड़ा प्रदर्शन किया. 15 मांगों के साथ छात्रों का एक गुट पटना में मुख्यमंत्री आवास घेरने निकला. जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग से लेकर वाटर कैनन तक का इंतजाम किया था. फोर्स की भी तैनाती की. लेकिन छात्र जेपी गोलंबर पर लगी बैरिकेडिंग को तोड़कर डांकबंगला पहुंच गए जहां पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं. देखें...
त्योहार के सीजन में चीनी के बढ़े दामों ने लोगों को परेशान कर दिया है. देश में चीनी की कीमतों में तेजी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. विपक्ष इसकी वजह इथेनॉलमें गन्ने के इस्तेमाल को बता रहा है तो सरकार इससे इनकार कर रही है. सवाल ये भी है कि चीनी के दाम में ये तेजी बरकरार रहेगी या फिर जल्द थमेगी? देखें खबरदार.
आज खबरदार में सबसे पहले बात एक FIR के लिए राहुल गांधी के धरने की.. दिल्ली में एक FIR दर्ज करवाने में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 7 घंटे लग गए... एक महीने पहले छात्रों के आंदोलन में कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए एक छात्र की FIR करवाने के लिए आज राहुल गांधी ने आंदोलन किया.. सुबह साढ़े 11 बजे राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग के थाने पहुंचे.. उनके साथ में पैलेट गन का पीड़ित भी था.. मांग बस ये थी कि FIR हो जाए. देखें...
जेन जी और जेन अल्फा. इस वक्त ये वो दो शब्द हैं. जिसे सुनकर सत्ता और प्रशासन सबके कान खड़े हो जाते हैं. छात्रों के प्रदर्शन पर डीएम से लेकर मंत्री तक दौड़े चले आते हैं. वजह है इस जेनरेशन की ताकत. और उसी ताकत का फायदा केवल एक पक्ष ना उठा सके. इसलिए सबके जेहन में केवल जेन जी चल रहा है. यहां तक कि अब तो प्रधानमंत्री अपने हर मंत्री को हर दिन एक एक नया टास्क पूरा करने को दे दिया है. देखें...
वक्त है हर खबर से आपको खबरदार करने का. क्या आंदोलन से ही रास्ते खुलेंगे? कहीं सड़क से ही समाधान निकलेंगे. क्या प्रदर्शन से ही बात बनेगी? रांची में 25 दिन बाद भ्रष्टाचार से ग्रसित भर्तियों को लेकर होता आंदोलन खत्म हो चुका है. लेकिन तब एक और आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 22 भर्ती परीक्षा रद्द कर दी. देखें खबरदार.
बिहार में गजब हो गया. टीचर रिक्र्टूमेंट एग्जाम यानी TRE-4 का विज्ञापन जारी कराने के लिए प्रदर्शन शुरू हुआ. इसके 5 घंटे के भीतर ही BPSC आवेदन का विज्ञापन जारी कर दिया. साफ है कि छात्रों की मांगों पर सरकारों की सुनने की शक्ति जो अब तक कमजोर थी, वो बढ़ने लगी है. बेरोजगार नौजवानों की मांग को अनसुना करना सरकारों के लिए संभव नहीं. इसी पर देखें खबरदार.
देश में 13 तरह की परीक्षाएं कराने वाली सबसे बड़ी एजेंसी NTA क्या अब देश के छात्रों के लिए नेशनल टेंशन एजेंसी बन चुकी है? जहां नीट पेपर लीक पर आंदोलन के बाद एनटीए के 40 से ज्यादा अधिकारियों को बदल दिया गया. वहीं पर पता चला कि इस एजेंसी के पूरे सिस्टम को ही बदलने की जरूरत है, क्योंकि अब NTA ने जून में कराई UGC-NET की परीक्षा में तीन विषय के एग्जाम को रद्द करके सितंबर में कराने का फैसला किया है. देखें खबरदार.
कहीं नारा लग रहा है कि कलेक्टर साहब का आना होगा. कहीं नारे लगाए जाते हैं कि मांगें हमारी सुननी होगी. ये वो बच्चे हैं जिन्हें नागरिक शास्त्र का पाठ पढ़ाया जाता है. लेकिन ये पहली बार उन पाठों का प्रयोग भी कर रहे हैं. ये वो बच्चे हैं जिन्होंने आंदोलन के बारे में पढ़ा है. लेकिन पहली बार खुद आंदोलन कर रहे हैं. अब दो चीजों की जरूरत है. पहली- ऐसे हर आंदोलन में छात्रों की मांग सुनी जाए. देखें...
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर में अगला चुनाव होना है. 6 महीने करीब बचे हैं. तो क्या रेवड़ी, फ्रीबीज के सहारे ही सत्ता साधी जाएगी? क्या पैसा बांटकर चुनाव जीतना ही सबसे सरल सबको लगता है? खबरदार करते इस सवाल की वजह उत्तर प्रदेश है. जहां आज दावा किया गया कि यूपी सरकार चुनाव से पहले महिलाओं के लिए पचास हजार रुपए वाली स्कीम ला सकती है. देखें खबरदार.
बहुत दिनों बाद बेरोजगारों...नौकरियों का मुद्दा राजनीति के केंद्रबिंदु आ चुका है. जहां अपने राज्य की परीक्षा सुरक्षित हो. दूसरे के शासन में कहीं चूक हो तो मुद्दा उठे, छात्रों को न्याय मिले. इसकी तेजी राजनीतिक मैदान में दिख रही है. इन सबके बीच आज एक सवाल आपके सामने रखते हैं. सवाल है क्या जन गण का मन सरकारेें सुनना शुरु करेंगी? जहां जेन जी के बाद जेन अल्फा अपने हक, अधिकार को मांगने के लिए सीएम, डिप्टी सीएम, डीएम, विधायक किसी के सामने बोलने से डर नहीं रहे हैं. देखें...
वक्त है हर खबर से आपको खबरदार करने का। झारखंड में भर्ती धांधलियों के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्रों को 18 दिन हो चुके हैं. रांची से दिल्ली तक सवाल पूछा जा रहा है. लेकिन हमारे देश में छात्रों के मुद्दे पर सियासत के स्वादानुसार फायदा देखकर बोला और चुप्पी साधी जाती है. वही इस बार भी हो रहा है. देखें खबरदार...
झारखंड में छात्रों का आंदोलन 17वां दिन भी जारी है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन करते छात्रों ने सरकार से तीन दौर की बातचीत की, लेकिन सारी मांगें नहीं मानी गईं तो सोमवार को विधानसभा का घेराव करने निकले. जहां पुलिस ने कंटीले तारों वाले बैरीकेड से लेकर लाठी, आंसू गैस के गोले, वॉटर कैनन का इस्तेमाल छात्रों पर किया. देखें खबरदार.
क्या देश जल्द ही अब दूसरे बड़े जेन जी आंदोलन का असर झारखंड की राजधानी रांची में देखने वाला है? क्योंकि पिछले ही महीने जंतर मंतर पर जेन जी आंदोलन करके अपनी सबसे बड़ी बात मनवा चुके हैं. जेन अल्फा के शहर शहर आंदोलन का असर दिखने लगा है. सरकारें मांग सुनने लगी हैं. इन सबके बीच रांची में 14 दिन से चलते छात्रों के प्रदर्शन में सरकार और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत होने लगी है. देखें खबरदार.
सबसे पहले बात जेन जी से संघ प्रमुख मोहन भागवत के संवाद की करते हैं. जिसमें सरकार की कार्रवाई से लेकर पैलेट गन के इस्तेमाल तक के सवालों का आज मोहन भागवत ने जवाब दिया जब उनसे पूछा गया कि क्या जंतर मंतर पर छात्रों से पहले ही बात कर ली होती तो आंदोलन नहीं होता, तो इसके जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि "जो नहीं होना चाहिए जब होता है कहीं न कहीं इसमें चूक हो जाती है लेकिन गलती ठीक कर ली जाएगी. देखें...
उत्तर प्रदेश की आज की बड़ी राजनीतिक खबर से खबरदार करते हैं. जहां अखिलेश यादव ने शॉर्ट फॉर्म से वोट का लॉन्ग फॉर्म हासिल करनी चाही है. अखिलेश यादव ने 2024 में पीडीए का गठन किया. तब कहा कि पीडीए मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक...लेकिन अब जैसा वोट, वैसा जोड़ चलने लगा है. जहां P- से कभी पिछड़ा कहते हैं, आज पीडीए में पी का मतलब पंडित बताने लगे. देखें...
बांकीपुर और दतिया उपचुनाव में बीजेपी को हार मिलती है. बांकीपुर में बीजेपी अध्यक्ष की सीट पर ही बीजेपी हार जाती है. ऐसे ही टर्बुलेंस की वजह से अब विपक्ष को लगता है कि वो बीजेपी के सामने उड़ान भर सकती है. आखिर बांकीपुर उपचुनाव की जीत से विपक्ष की बांछें कैसे खिलीं? देखें खबरदार.
बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन की खाली हुई सीट पर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने 19 हजार से ज्यादा वोट से जीत हासिल की. बीजेपी के सामने अब तक जहां मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी रही, वहां बांकीपुर में तेजस्वी यादव की पार्टी की जमानत तक जब्त हो गई. आखिर प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में कैसे किया इतना बड़ा उलटफेर? देखें खबरदार.