जब भक्त मदद के लिए भगवान को पुकारता है तो भगवान किस तरह से दौड़े चले आते हैं इसे आगरा के बटेश्वर में आकर समझा जा सकता है. चाहे देव हों या असुर, राजा हो या रंक, औघड़दानी के लिए सब बराबर हैं.