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दुश्मन के इलाके में गिरा पायलट कैसे बचता है? US Air Force के ‘सर्वाइवल सिस्टम’ की इनसाइड स्टोरी

दक्षिणी ईरान में अमेरिकी फाइटर प्लेन F-15E को मार गिराए जाने के बाद अब उसमें सवार दो पायलटों को लेकर सस्पेंस छा गया है. एक तरफ ईरानी फौज , तो दूसरी ओर अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस इन पायलटों की तलाश में मिशन चला रहे हैं. ऐसे में सबसे अहम हो जाता है पायलटों के साथ मौजूद सर्वाइवल किट, सिस्टम और ट्रेनिंग पर बात करना. जो उन्हें दुश्मन के इलाके में जिंदा रखने और बच निकलने में मदद करेगी.

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दुश्मन के इलाके में प्लेन क्रैश होने पर फाइटर पायलट को बच निकलने की ट्रेनिंग पहले से ही दे दी जाती है. (फोटो- यूएस एयरफोर्स)
दुश्मन के इलाके में प्लेन क्रैश होने पर फाइटर पायलट को बच निकलने की ट्रेनिंग पहले से ही दे दी जाती है. (फोटो- यूएस एयरफोर्स)

किसी वॉर का सबसे खतरनाक क्षण वह होता है, जब आसमान में उड़ता एक लड़ाकू विमान किसी खराबी या मिसाइल हमले या किसी अन्य कारण से नियंत्रण खो दे और दुश्मन के इलाके में क्रैश कर जाए. क्योंकि ऐसे में पायलट को इजेक्ट होकर बाहर निकलना पड़ता है. जैसे कि खबर है, ईरान में एक F-15E के क्रैश होने के बाद दो पायलट इजेक्ट हो गए हैं. वे पकड़े गए हैं या नहीं, अभी इस पर सस्पेंस बना हुआ है. लेकिन इनके बच जाने की संभावना उस सिस्टम पर टिकी है, जो पायलट विमान में अपने साथ लेकर उड़ते हैं. ईरान की सेना की ओर से कहा गया है कि जो भी इन पायलटों को पकड़ेगा, उन्हें इनाम दिया जाएगा.

किसी फाइटर पायलट के लिए सबसे कठिन समय दुश्मन के इलाके में खुद को जिंदा रखना होता है. ऐसे हालात के लिए United States Air Force ने अपने पायलट्स के लिए एक अत्याधुनिक “सर्वाइवल सिस्टम” तैयार किया है, जो तकनीक, रणनीति और प्रशिक्षण का अनूठा कॉम्बिनेशन है.

एजेक्ट होने के बाद सर्वाइवल के लिए दी जाती है स्पेशल ट्रेनिंग

US Air Force का यह सिस्टम किसी एक बैग या उपकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि कई लेवल पर फैला हुआ एक व्यापक ढांचा है. इसमें इजेक्शन सीट के नीचे लगा सर्वाइवल किट, पायलट के शरीर पर पहना जाने वाला सर्वाइवल वेस्ट, और हेलमेट, रेडियो व हथियार जैसे अन्य जरूरी उपकरण शामिल होते हैं. इन सभी का संयुक्त उद्देश्य “Escape, Evasion, Survival and Rescue” यानी दुर्घटना के बाद सुरक्षित निकलना, दुश्मन से बचते हुए जिंदा रहना और अंततः बचाव दल तक पहुंचना होता है. इन चारों बिंदुओं को मिलाकर पायलट को SERE ट्रेनिंग दी जाती है. इस प्रशिक्षण में उन्हें कठिन परिस्थितियों में जिंदा रहने, दुश्मन से बचने, पकड़े जाने पर मानसिक रूप से मजबूत रहने और सुरक्षित बचाव तक पहुंचने के तरीके सिखाए जाते हैं. यह ट्रेनिंग पायलट को सिर्फ उपकरणों पर निर्भर नहीं रहने देती, बल्कि उसे हर परिस्थिति में निर्णय लेने और अनुकूलन करने के लिए तैयार करती है.

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US fighter pilot survival kit
अमेरिकी फाइटर पायलट अपने साथ इस तरह की सर्वाइवल किट लेकर उड़ान भर रहे हैं. (फोटो- यूएस एयरफोर्स)

क्या है पायलट सर्वाइवल किट

जब पायलट इजेक्ट करता है, तो उसके साथ जो सबसे अहम चीज जमीन तक आती है, वह है इजेक्शन सीट के नीचे लगा सर्वाइवल किट. यह किट पैराशूट के साथ जुड़ी होती है और पायलट के जमीन पर उतरते ही उसके लिए लाइफलाइन बन जाती है. इस किट में सबसे पहले ध्यान कम्युनिकेशन और नेविगेशन पर दिया गया है. इसमें मौजूद सर्वाइवल रेडियो पायलट को रेस्क्यू टीम से संपर्क करने में सक्षम बनाता है, जबकि कंपास, सिग्नल मिरर और आधुनिक GPS बीकन उसे अपनी लोकेशन समझने और बताने में मदद करते हैं. यह उपकरण खासतौर पर तब महत्वपूर्ण हो जाते हैं, जब पायलट किसी जंगल, पहाड़ी इलाके या दुश्मन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में उतरता है. यदि, ईरान वाले एपिसोड में समझें तो अमेरिकी पायलट जागरोस पहाड़ियों के बीच कहीं हैं. यदि वे पकड़े नहीं गए हैं, तो उनकी तलाश में ईरान की IRGC और अमेरिकन फोर्सेस के बीच जंग चल रही है.

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एजेक्ट हुए पायलट कैसे देते हैं सिग्नल

फाइटर पायलटों के सर्वाइवल किट में सिग्नलिंग उपकरणों का एक पूरा सेट मौजूद होता है. फ्लेयर्स, स्मोक बम, स्ट्रोब लाइट और ग्लो स्टिक्स जैसे साधन पायलट को रेस्क्यू टीम तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में मदद करते हैं. कई बार घने जंगलों या रात के अंधेरे में ये छोटे-छोटे उपकरण ही जीवन और मौत के बीच का अंतर तय करते हैं. जब कोई हेलीकॉप्टर या खोजी विमान पास से गुजरता है, तो इन्हीं संकेतों के जरिए पायलट अपनी लोकेशन दे पाता है.

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खाने-पीने का क्या इंतजाम होता है?

दुश्मन के इलाके में जिंदा रहने की चुनौती सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि भोजन और पानी की उपलब्धता भी उतनी ही बड़ी समस्या होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए सर्वाइवल किट में पानी के पैकेट, पानी साफ करने की गोलियां और हाई एनर्जी वाले इमरजेंसी फूड पैक शामिल रहते हैं. ये भोजन हल्के और पर्याप्त कैलोरी वाले होते हैं, ताकि पायलट कई दिनों तक अपनी एनर्जी बनाए रख सके. आमतौर पर यह किट तीन से सात दिनों तक जीवित रहने के लिए डिजाइन की जाती है, हालांकि वास्तविक परिस्थितियों में पायलट को इससे भी अधिक समय तक काम चलाना पड़ सकता है.

घायल होने पर फर्स्ट-एड की व्यवस्था

इजेक्शन या क्रैश के दौरान चोट लगना लगभग तय होता है, इसलिए किट में प्राथमिक चिकित्सा के साधनों को भी शामिल किया गया है. फर्स्ट एड किट, बैंडेज और टॉर्निकेट जैसे उपकरण पायलट को शुरुआती इलाज देने में मदद करते हैं. टॉर्निकेट विशेष रूप से खून बहने को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और कई मामलों में यह जीवन रक्षक साबित होता है. ऐसे उपकरण पायलट को तब तक सुरक्षित रखते हैं, जब तक कि उसे पेशेवर चिकित्सा सहायता नहीं मिल जाती.

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इमरजेंसी के लिए और क्या क्या...

इस किट में मौसम से लड़ने लायक चीजें भी होती हैं. चाहे ठंड हो, बारिश हो या तेज धूप—हर स्थिति के लिए इसमें कुछ न कुछ मौजूद होता है. थर्मल ब्लैंकेट शरीर की गर्मी को बनाए रखने में मदद करता है, जबकि पोंचो बारिश और हवा से सुरक्षा प्रदान करता है. आग जलाने के साधन जैसे फ्लिंट या माचिस पायलट को गर्मी, रोशनी और भोजन पकाने का साधन देते हैं. यह सब मिलकर उसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता प्रदान करते हैं.

यदि पायलट समुद्र में गिरता है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है और किट भी उसी हिसाब से तैयार की जाती है. इसमें इंफ्लेटेबल लाइफ राफ्ट होती है, जो पानी में तैरते रहने में मदद करती है. इसके अलावा “सी डाई” नाम का एक विशेष रसायन होता है, जिसे पानी में डालने पर वह चमकीला रंग फैलाता है और ऊपर से खोज कर रही टीम को पायलट की लोकेशन पहचानने में मदद करता है. समुद्री परिस्थितियों में यह उपकरण बेहद उपयोगी साबित होता है.

South Iran US plane hit
ईरानी मीडिया का दावा है कि दक्षिणी प्रांत खोजेस्तान में अमेरिकी फाइटर प्लेन गिरा है, जिसके पायलटों की खोज के लिए बड़े इलाके में ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

आत्मरक्षा के लिए हथियार भी

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हालांकि पायलट का मुख्य उद्देश्य दुश्मन से बचना होता है, लेकिन आत्मरक्षा के लिए भी उसे तैयार रखा जाता है. पहले पायलट्स को केवल पिस्टल दी जाती थी, लेकिन अब एक कॉम्पैक्ट सर्वाइवल राइफल को भी किट में शामिल किया गया है, जिसे अलग-अलग हिस्सों में रखकर आसानी से ले जाया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर इसे जोड़कर इस्तेमाल किया जा सकता है. फिर भी इसका उपयोग अंतिम विकल्प के रूप में ही किया जाता है, क्योंकि प्राथमिक रणनीति छिपकर बच निकलने की होती है.

यूएस के ये सिस्टम हैं मॉड्यूलर और फ्लैक्सिबल

समय के साथ US Air Force ने इस सिस्टम को और अधिक उन्नत और लचीला बनाया है. अब मॉड्यूलर किट्स का उपयोग किया जाता है, जिन्हें मिशन और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बदला जा सकता है. आर्कटिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त गर्म कपड़े और बर्फ से निपटने के उपकरण जोड़े जाते हैं, जबकि रेगिस्तानी इलाकों के लिए अधिक पानी और धूप से बचाव के साधन दिए जाते हैं. समुद्री मिशनों के लिए अलग प्रकार के उपकरण शामिल किए जाते हैं. यह लचीलापन इस सिस्टम को और प्रभावी बनाता है.

अंततः, दुश्मन के इलाके में गिरा पायलट अकेला जरूर होता है, लेकिन वह असहाय नहीं होता. उसके पास तकनीक, उपकरण और ट्रेनिंग का ऐसा संगम होता है, जो उसे सबसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की क्षमता देता है. US Air Force का यह सर्वाइवल सिस्टम आधुनिक युद्ध की उस सच्चाई को सामने लाता है, जिसमें जीत केवल ताकतवर हथियारों से नहीं, बल्कि सूझबूझ, तैयारी और धैर्य से हासिल होती है. ईरान में गिरे यूएस प्लेन के पायलट को ये सारी सुविधाएं और ट्रेनिंग कब तक काम आती है, पूरी दुनिया की नजर है.

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