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Guna: मुठभेड़ में शहीद पिता का शव पहुंचा घर, 8 माह के मासूम ने छुए पैर, फफक पड़ी मां

Guna News: मध्य प्रदेश के गुना में शुक्रवार को काले हिरण और मोर के शिकारियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई. दोनों तरफ से हुई फायरिंग में तीन पुलिसकर्मी भी शहीद हुए थे. इनमें श्योपुर जिले के पुलिस आरक्षक संतराम रावत भी शामिल थे. शहीद संतराम को उनके गौहर गांव का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान उनकी फफक कर रोती पत्नी और मासूम बेटे को देख हर किसी की आंखें नम हो गईं.

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शहीद पिता के पैर छूता मासूम बेटा. शहीद पिता के पैर छूता मासूम बेटा.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शिकारियों की फायरिंग में शहीद हुए संतराम रावत
  • 2014 में जॉइन की थी एमपी पुलिस की नौकरी
  • दो साल पहले ही हुई थी संतराम की शादी

मध्य प्रदेश के गुना में शिकारियों के साथ मुठभेड़ में शहीद पुलिसकर्मी संतराम रावत का अंतिम संस्कार कर दिया गया. श्योपुर जिले के गौहर गांव में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ शहीद को ससम्मान अंतिम विदाई दी गई. इस मौके पर पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे. 8 माह के मासूम बेटे ने भी बिलखती मां की गोद से ही पैर छूकर अपने शहीद पिता को विदाई दी. यह दृश्य देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू आ गए और परिजन फफक-फफक कर रो पड़े.  

गुना के आरोन थाना इलाके में काले हिरण और मोर के शिकारियों के हमले में बलिदानी आरक्षक संतराम मीणा का शव पूरे सम्मान के साथ उनके वीरपुर के गोहर गांव में लाया गया. यहां अपने गांव के वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए पहले से ही हजारों लोग जमा थे.

तिरंगे में लिपटे पिता के आखिरी बार पैर छूता मासूम.

जब शव पहुंचा तो गांव में जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के भी तमाम अधिकारी मौजूद थे. संतराम एक दिन पहले ही गुना अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे और गश्त के दौरान उनका सामना शिकारियों से हो गया और मुठभेड़ में शहीद हो गए. 

पति के शव से लिपटकर रोती-बिलखती पत्नी को संभालते परिजन.

परिजनों का कहना था कि ऐसा पता होता तो बेटे को एक दिन और घर रोक लेते. जब शहीद संतराम का शव गोहर गांव में पहुंचा तो स्वजन फफक-फफक कर रो पड़े. इस दौरान श्योपुर मुख्यालय से पुलिस के अफसर भी संतराम के घर पर पहुंच गए थे और उन्होंने स्वजनों को ढांढस बंधाया. 

शहीद पति के पार्थिव शव के पास विलाप करती पत्नी.

दो साल पहले ही संतराम रावत की शादी हुई थी. उनका बेटा अभी 8 महीने का हो पाया है. उस अबोध बालक को अभी यह मालूम ही नही कि दो दिन पहले उसे गोद में खिलाने वाले पिता अब शहीद हो गए हैं.

शहीद संतराम मीणा के पिता श्रीनिवास मीणा किसान हैं. इसके अलावा उनके दो भाई भारतीय सेना में हैं और एक सरकारी शिक्षक हैं. पुलिस में भर्ती हुए संतराम रावत को अभी 8 साल ही हुए थे. साल 2014 में ही उन्होंने एमपी पुलिस में जॉइनिंग की थी. शहीद आरक्षक के भाई ने सूबे की शिवराज सरकार से मांग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर कर बदला लिया जाए. साथ ही शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए. 

शहीद पुलिस आरक्षक संतराम रावत की तस्वीर

गौरतलब है कि गुना के आरोन थाना इलाके स्थित सागा बरखेड़ा गांव में शुक्रवार देर रात पुलिस और काले हिरण के शिकारियों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई थी, जिसमें 3 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. मृतकों में SI राजकुमार जाटव, कॉन्स्टेबल नीरज भार्गव और संतराम शामिल हैं.  

दरअसल, बदमाश काले हिरण और राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करके ले जा रहे थे. इसी दौरान गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों ने उन्हें ललकारा तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ से हुई इस मुठभेड़ में एक शिकारी मौके पर ढेर हो गया, तो वहीं तीनों पुलिसकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी. उधर, पुलिस ने एक और अपराधी को मार गिराया. गुना से 48 किलोमीटर दूर जंगल में उसका एनकाउंटर किया गया. इस हमले में 7 शिकारी शामिल थे.  

 

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