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MP: गुना में शिकारियों ने की 3 पुलिसवालों की हत्या, ग्वालियर IG पर गिजी गाज

Guna News: मध्य प्रदेश के गुना में पुलिस और काले हिरण के शिकारियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. मृतकों में SI राजकुमार जाटव, आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम शामिल हैं. बदमाश काले हिरण और मोर को मारकर ले जा रहे थे.

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दांए SI राजकुमार जाटव और बाएं आरक्षक नीरज भार्गव. (फाइल) दांए SI राजकुमार जाटव और बाएं आरक्षक नीरज भार्गव. (फाइल)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • SI समेत 3 पुलिसकर्मियों को भून डाला
  • मुठभेड़ में एक शिकारी भी मारा गया

मध्य प्रदेश के गुना में शिकारियों की गोलीबारी में शहीद हुए तीनों पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे. उनके अंतिम संस्कार में भी जिलों के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे. वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए ग्वालियर IG अनिल शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. संभाग के आईजी पर घटनास्थल पर देरी से पहुंचे थे. 

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर CM शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवाज आज सुबह हाईलेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाई. इसमें गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी समेत बड़े पुलिस अधिकारी शामिल रहे. 

CM शिवराज ने कहा, गुना में शिकारियों का मुकाबला करते हुए हमारे पुलिस के जवानों ने शहादत दी है. अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो इतिहास में उदाहरण बनेगी. अपराधियों की लगभग पहचान हो गई. जांच चल रही है. पुलिस फोर्स को भेजा गया है. अपराधी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे. 

उधर, जिला प्रशासन ने आरोपियों के घर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं. मृतक नौशाद के घर भी प्रशासन का नोटिस लगा दिया गया है. कुछ देर में आरोपी का घर तोड़ा जाएगा. वहीं, गांव के ही तीन आरोपियों के घर चल बुलडोजर चलाया जा रहा है. यह सभी हत्याकांड के बाद से फरार हैं. 

घटनास्थल पर हिरणों के कटे हुए सिर मिले हैं, (फोटो- Aajtak)

वहीं, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि गुना जिले के आरोन थाना इलाके ‌में 7-8 मोटरसाइकिल सवार बदमाशों की सूचना पुलिस को मिली थी. पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया था. जिस पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी थी. उन्होंने कहा कि इस फायरिंग में पुलिस परिवार के जाबांज एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार नीलेश भार्गव और सिपाही संतराम जी की मौत हो गई है. घटना दुखद और हृदय विदारक है. जिले के पुलिस अधीक्षक और डीजीपी से घटना की जानकारी ली. अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं जो नजीर बनें. 

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की पुलिस मुस्तैदी से जान की बाजी लगाकर कर्तव्य निर्वहन कर रही है. रात्रि में भी पुलिस पेट्रोलिंग नियमित और निरंतर हो रही है, इसीलिए शिकारियों को घेर पाए. पुलिसकर्मियों पर हमलों करने वालों में 7 शिकारी शामिल थे. उनमें से एक शिकारी क्रास फायरिंग में मारा गया. 

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस (फोटो- Aajtak)

बता दें कि गुना के आरोन थाना इलाके स्थित सागा बरखेड़ा गांव में शुक्रवार देर रात पुलिस और काले हिरण के शिकारियों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई थी, जिसमें 3 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. मृतकों में SI राजकुमार जाटव, कॉन्स्टेबल नीरज भार्गव और संतराम शामिल हैं.

बताया गया कि बदमाश काले हिरण और राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करके ले जा रहे थे. इसी दौरान गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों ने उन्हें ललकारा तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ से हुई इस मुठभेड़ में एक शिकारी मौके पर ढेर हो गया, तो वहीं तीनों पुलिसकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी.  

कमलनाथ ने पूछा- अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?

- मध्यप्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है, गुना में शिकारियों की गोलीबारी से हुई तीन पुलिसकर्मियों की मौत की घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है. निश्चित तौर पर अपने कर्तव्य पालन के लिये इन पुलिसकर्मियों ने अपनी शहादत दी है. इनकी शहादत को मैं नमन करता हूं. शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि आख़िर शिवराज सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं..?

- कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरेआम अपराधी पुलिसकर्मियों की हत्या कर रहे हैं..? जंगल में बेख़ौफ़ होकर शिकार कर रहे हैं..? प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी लचर क्यों है , जिम्मेदार आख़िर कहां है..?

- प्रदेश के पूर्व सीएम ने आगे अपने आरोपों में कहा, हर घटना के बाद जागना सरकार की आदत बन चुकी है…आज सभी तरह के माफिया प्रदेश में सक्रिय हैं. चाहे भूमाफिया हो, वन माफिया, शराब माफिया हो, रेत माफिया हो, सभी के हौसले बुलंद हैं.

- CM शिवराज के एक बयान पर कमलनाथ ने कहा, माफ़ियाओं को ज़मीन में गाड़ने की घोषणा हवा- हवाई साबित हो चुकी है. यदि सरकार का क़ानून व्यवस्था पर व अपराधियों पर नियंत्रण होता तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था. हमारे पुलिसकर्मी भाइयों की शहादत बचाई जा सकती थी. इस घटना के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं. 

 

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