मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए हुए निर्वाचन का परिणाम शुक्रवार को घोषित हो गया. मतदाताओं ने मौजूदा अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर को पद से हटाने के पक्ष में फैसला सुनाया है. खाली कुर्सी के पक्ष में 2,633 वोट पड़े, जबकि भरी कुर्सी के पक्ष में 2,167 मत मिले. इस तरह खाली कुर्सी ने 466 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
इस परिणाम के साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया राइट टू रिकॉल प्रस्ताव सफल हो गया है. अब अध्यक्ष पद से जुड़ी आगे की प्रक्रिया निर्वाचन नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी.
खाली कुर्सी के पक्ष में पड़े 2,633 वोट
जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए बुधवार, 4 नवंबर को मतदान कराया गया था. इसमें मतदाताओं के सामने अध्यक्ष को पद पर बनाए रखने या हटाने का विकल्प था.
मतगणना के बाद खाली कुर्सी के पक्ष में 2,633 वोट मिले, जबकि भरी कुर्सी के पक्ष में 2,167 मत पड़े. दोनों विकल्पों के बीच 466 वोटों का अंतर रहा. इस तरह अध्यक्ष को हटाने के पक्ष में ज्यादा मतदाताओं ने अपना समर्थन दिया.
61.52 प्रतिशत हुआ था मतदान
इससे पहले 4 नवंबर को हुए मतदान में 61.52 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. मतदान के दौरान प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे. पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई थी.
मतदान के बाद से ही क्षेत्र के लोगों और राजनीतिक दलों की निगाहें परिणाम पर टिकी थीं. शुक्रवार को मतगणना के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई.
अब आगे क्या होगा?
राइट टू रिकॉल में खाली कुर्सी के पक्ष में आए नतीजे का मतलब है कि मौजूदा अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर को पद से हटाने का प्रस्ताव सफल हो गया है. अब नगर परिषद अध्यक्ष का पद रिक्त होने और आगे की निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े औपचारिक कदम नियमानुसार उठाए जाएंगे. जेरोन खालसा का यह परिणाम स्थानीय निकाय की राजनीति में अहम माना जा रहा है.