मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार तड़के भारतीय जनता पार्टी की एक महिला नेता की पेट में गोली लगने से मौत हो गई. उनकी लाइसेंसी बंदूक गलती से चल गई थी.
रंझी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज (SHO) उमेश गोलहानी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि यह घटना रात 1 बजे से 2 बजे के बीच ओल्ड शोभापुर इलाके में हुई. संगीता रजक (38) की एक प्राइवेट अस्पताल में गोली लगने से मौत हो गई. मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के तहत सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं."
परिवार वालों से मिली जानकारी के आधार पर गोलहानी ने बताया कि घर के बाहर झगड़ा हो रहा था और रजक के पति और देवर वहां गए थे. जबकि महिला नेता घर के अंदर रखी लाइसेंसी बंदूक उन्हें देने के लिए बाहर ला रही थीं, तभी वह गलती से चल गई और गोली उनके पेट में लग गई.
गोलहानी ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कुछ दिन पहले परिवार के घर पर विस्फोटक फेंके थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी. इसके बाद परिवार ने सुरक्षा के लिए लाइसेंसी बंदूक ली थी.
बता दें कि संगीता रजक जबलपुर के स्थानीय राजनीतिक हलकों में एक जाना-माना चेहरा थीं. उन्होंने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था, हालांकि वह मामूली अंतर से हार गई थीं. वे आगामी चुनाव के लिए भी अपनी जमीनी तैयारी कर रही थीं.
उनके पति बंटी रजक भी क्षेत्र के बड़े भाजपा नेता हैं. वे विधायक प्रतिनिधि रह चुके हैं, वीर सावरकर मंडल में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और बूथ अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय रहे हैं.
घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस का भारी स्टाफ और सीनियर अधिकारी रात में ही अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से दुर्घटनावश गोली चलने का लग रहा है. हालांकि, पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि देर रात वह विवाद किस बात को लेकर हो रहा था और झगड़ा करने वाले लोग कौन थे.