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शादी से किया इनकार तो AI से बना दी हनीमून की फेक फोटो, बांटे गोदभराई के कार्ड, भोपाल के साइको की करतूत

भोपाल में सामने आए एक मामले ने एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ा दी है. एक युवती ने आरोप लगाया है कि शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद एक युवक ने उसकी फर्जी तस्वीरें और नकली सामग्री बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया. मामला अब महिला आयोग और पुलिस की जांच के दायरे में है.

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शादी से किया इनकार तो AI से बना दी हनीमून की फेक फोटो (Photo: representational image)
शादी से किया इनकार तो AI से बना दी हनीमून की फेक फोटो (Photo: representational image)

तकनीक के बढ़ते दौर में अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं. राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अशोका गार्डन क्षेत्र की एक युवती ने आरोप लगाया है कि शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद राजस्थान के उदयपुर निवासी एक युवक पिछले करीब एक वर्ष से उसे और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है. युवती और उसके परिजनों ने मामले की शिकायत महिला आयोग से की है.

पीड़िता के अनुसार पूरे मामले की शुरुआत मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर बने एक प्रोफाइल से हुई थी. परिवार की मौजूदगी में दोनों पक्षों की मुलाकात भी हुई, लेकिन युवक का व्यवहार संदिग्ध लगने के कारण युवती और उसके परिवार ने रिश्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया.

मोहल्ले में बांट दिए गोदभराई के इंविटेशन

आरोप है कि इसके बाद युवक ने बदले की भावना से युवती को निशाना बनाना शुरू कर दिया. उसने AI तकनीक का इस्तेमाल कर हनीमून, निजी पलों और यहां तक कि गोदभराई जैसी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं. इन तस्वीरों को सोशल मीडिया और फर्जी आईडी के जरिए वायरल कर दिया. इतना ही नहीं, व्हाट्सएप स्टेटस पर भी इन तस्वीरों को लगाया गया ताकि युवती और उसके परिवार की सोशल इमेज को नुकसान पहुंचाया जा सके.

पीड़िता का आरोप है कि युवक ने हद तब पार कर दी जब उसने गोदभराई के नकली निमंत्रण कार्ड छपवाकर कॉलोनी में बांट दिए. कार्ड में लोगों को आकर्षित करने के लिए चांदी का सिक्का देने का भी उल्लेख किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचें और परिवार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़े.

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घर पर भेजीं 500 टैक्सी

परिजनों का कहना है कि युवक लगातार फर्जी नंबरों से फोन कर परेशान करता रहा. इसके अलावा युवती के पते पर 500 से अधिक टैक्सियां और कैब बुक कर भेजी गईं, जिससे परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा.

यह मामला केवल एक परिवार की परेशानी नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि AI का गलत इस्तेमाल किसी की पर्सनल लाइफ को किस हद तक प्रभावित कर सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक और AI आधारित फर्जी कंटेंट आने वाले समय में साइबर अपराध की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन सकते हैं.

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और उम्मीद कर रहा है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में कोई अन्य परिवार इस तरह की मानसिक प्रताड़ना का शिकार न बने. अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेन्द्र सिंह चौहान बोले आवेदक द्वारा जो भी आरोप लगाए गए उनकी जांच की जा रही है, अगर जो भी गलत तथ्य पाए जा जाएंगे संबंधित आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी.
 

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