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Why indian men have belly fat: भारतीय पुरुषों की क्यों निकलती है तोंद? जबकि विदेशी लोग होते हैं एकदम फिट

भारतीय पुरुषों में बढ़ता पेट और मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है, जबकि वेस्टर्न पुरुष अक्सर फिट नजर आते हैं. इसके पीछे का असली कारण क्या है, इस बारे में स्टोरी में जानेंगे.

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बैली फैट आजकल कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है. (Photo: AI Generated)
बैली फैट आजकल कम उम्र के लोगों में भी देखा जा रहा है. (Photo: AI Generated)

भारत में पुरुषों का मोटापा और बाहर निकली हुई तोंद आज के समय में काफी कॉमन समस्या बन चुकी है. जहां पहले कुछ लोग ही ओवरवेट होते थे, वहीं आजकल कम उम्र के लोगों में भी पेट बाहर आने की समस्याएं दिख रही हैं, जबकि वेस्टर्न देशों के पुरुष बढ़ती उम्र में भी काफी फिट और मस्कुलर नजर आते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे कोई जेनेटिक जादू नहीं बल्कि हमारी रोजाना की खराब आदतें और डाइट पैटर्न जिम्मेदार हैं. यदि समय रहते इन गलत आदतों को सुधार लिया गया तो आप भी तोंद कम कर सकते हैं और बीमारियों से बच सकते हैं. लेकिन उससे पहले भारतीयों की तोंद निकलना का कारण समझ लीजिए.

कम प्रोटीन और ज्यादा कार्ब्स की आदत

भारतीय पुरुषों के मोटे होने का सबसे बड़ा कारण उनका खानपान है. दरअसल, भारतीयों की डेली डाइट में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम और कार्बोहाइड्रेट्स (जैसे रोटी, चावल) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. वहीं इसके विपरीत वेस्टर्न पुरुष हाई प्रोटीन और एक बैलेंस्ड डाइट को फॉलो करते हैं. इसके अलावा भारतीय पुरुष दिनभर में कई बार मीठी चाय, बिस्कुट और नमकीन खाते हैं जो शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी स्टोर करता है. वेस्टर्न लाइफस्टाइल में प्रोसेस्ड फूड और मीठे का सेवन काफी सीमित मात्रा में किया जाता है.

खराब ईटिंग टाइमिंग और सिटिंग लाइफस्टाइल

भारतीय वर्किंग कल्चर में ज्यादातर पुरुषों की लाइफस्टाइल बैठने वाली हो चुकी है जिसमें फिजिकल मूवमेंट बहुत कम होता है. सबसे बड़ी गड़बड़ी रात के खाने के समय में होती है. भारतीय घरों में अक्सर देर रात 10 या 11 बजे हैवी डिनर किया जाता है और लोग तुरंत सो जाते हैं. वहीं, वेस्टर्न देशों में लोग शाम को 7 से 8 बजे तक अपना लाइट डिनर पूरा कर लेते हैं. देर से खाने और कम एक्टिविटी के कारण कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और वह सीधे पेट के आसपास फैट के रूप में जमा होने लगती है.

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कम नींद, भारी स्ट्रेस और पानी की कमी

मोटापे का सीधा कनेक्शन मेंटल हेल्थ और स्लीपिंग पैटर्न से भी है. भारतीय पुरुष अक्सर काम के प्रेशर में ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं और मात्र 5-6 घंटे की अधूरी नींद लेते हैं, जिससे हार्मोनल इंबैलेंस होने लगता है. वहीं वेस्टर्न लाइफस्टाइल में बेहतर स्ट्रेस मैनेजमेंट और 7-8 घंटे की गहरी नींद को प्राथमिकता दी जाती है. इसके अलावा भारतीय पुरुषों की डाइट में फाइबर और पानी की भारी कमी देखी जाती है जिससे डाइजेशन सुस्त हो जाता है.

तोंद कम करने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट्स का कहना है, यदि आप भी बाहर निकलती तोंद को अंदर करना चाहते हैं तो सिर्फ क्रैश डाइट करने से काम नहीं चलेगा. इसके लिए आपको अपनी आदतें बदलनी होंगी. हर मील में अंडे, पनीर या दाल जैसे प्रोटीन के ऑप्शंस शामिल करें. रोजाना कम से कम 8 से 10 हजार स्टेप्स पैदल चलने की आदत डालें. चीनी, मीठी चाय और जंक फूड को अपनी लाइफ से तुरंत कम करें. रात का डिनर हर हाल में 7-8 बजे तक खत्म कर लें और 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें. इसके साथ ही हफ्ते में 4 से 5 दिन वर्कआउट जरूर करें.

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