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चश्मे के लैंस बिना हाथ लगाए धुंधले क्यों हो जाते हैं? जो बार-बार करने पड़ते हैं साफ, जानें कारण

बिना हाथ लगाए भी चश्मे के शीशे बार-बार धुंधले क्यों हो जाते हैं? जानिए हवा में मौजूद धूल, चेहरे के नेचुरल ऑयल और पलकों के पीछे का वो असली साइंस, जो आपके चश्मे को हर थोड़ी देर में गंदा कर देता है.

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चश्मे के लैंस को दिन भर में कई बार साफ करना पड़ता है. (Photo: ITG)
चश्मे के लैंस को दिन भर में कई बार साफ करना पड़ता है. (Photo: ITG)

यदि आप चश्मा पहनते हैं तो आप इस समस्या से परिचित होंगे कि चश्मे को बार-बार साफ करना कितना मुश्किल भरा होता है.आपने देखा होगा कि कई बार बिना हाथ लगाए भी चश्मे के लेंस बार-बार धुंधले हो जाते हैं. कई बार तो ऐसा लगता है कि लेंस अभी-अभी साफ किया था और कुछ ही मिनटों में उस पर फिर से एक धुंधली परत जम गई. लोग अक्सर सोचते हैं कि जब चश्मे को छुआ ही नहीं, तो वह गंदा कैसे हो गया? दरअसल, इसके पीछे कोई जादू नहीं बल्कि सीधा-साइंटिफिक रीजन है. आइए उन कारणों को जान लीजिए.

स्किन के नेचुरल ऑयल का असर

हमारे चेहरे की स्किन लगातार सीबम यानी नेचुरल ऑयल और पसीना रिलीज करती है. चश्मा भले ही आंखों के ऊपर टिका होता है लेकिन उसका फ्रेम नाक और गालों के हिस्से को टच करता रहता है. जब हम बात करते हैं, हंसते हैं या चेहरा मूव करते हैं तो स्किन का यह ऑयल धीरे-धीरे फैलकर लेंस के किनारों तक पहुंच जाता है. यही ऑयल चश्मे को धुंधला बना देता है.

पलकों का बार-बार टकराना

क्या आप जानते हैं कि आपकी पलकें भी चश्मा गंदा करने में बड़ा रोल निभाती हैं? हमारी पलकों के बालों में भी नेचुरल मॉइस्चर और ऑयल होता है. जब हम बार-बार पलकें झपकते हैं तो कई बार लेंस आंखों के बहुत करीब होने की वजह से पलकें उससे टच हो जाती हैं. पलकों का यह ऑयल सीधे शीशे पर ट्रांसफर हो जाता है जिससे वहां बारीक निशान बन जाते हैं.

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हवा में उड़ती धूल

हवा में हर वक्त धूल-मिट्टी के बारीक कण, पॉल्यूशन और डेड स्किन सेल्स तैरते रहते हैं. चश्मे के लेंस में एक तरह की स्टेटिक इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है जो हवा में मौजूद धूल के कणों को अपनी तरफ चुंबक की तरह अट्रैक्ट करती है. यही वजह है कि बिना छुए भी चश्मे पर धूल की एक परत जम जाती है.

सांस की भाप और नमी

जब हम सांस छोड़ते हैं तो गर्म हवा ऊपर की तरफ जाती है. इसके अलावा गरम चाय या कॉफी पीते वक्त निकलने वाली भाप भी सीधे चश्मे के लेंस से टकराती है. हवा की यह नमी जब शीशे पर बैठती है तो सूखने के बाद पानी के बारीक और जिद्दी दाग छोड़ जाती है, जिससे चश्मा बार-बार साफ करना पड़ता है.

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