अमृतसरी छोले केवल एक डिश नहीं बल्कि स्वाद का एक अहसास है जो पंजाब की गलियों से निकलकर पूरे भारत में पॉपुलर हो चुका है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका गहरा रंग और मसालों का संतुलन जो न बहुत ज्यादा तीखा होता है और न ही फीका.
ज्यादातर लोग यह सोचते हैं कि बाजार अमृतसरी छोले बनाने के लिए बहुत मेहनत की जरूरत होती है लेकिन असल में कुछ आसान ट्रिक्स के साथ इसे आप घर पर बेहद आसानी से बना सकते हैं. आज हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं अमृतसरी छोले की वो ऑथेंटिक रेसिपी जिसे एक बार खाने के बाद आप इसका स्वाद कभी नहीं भूल पाएंगे. खासतौर पर गर्मियों के लंच में इसे आपको जरूर ट्राई करना चाहिए.
काबुली चने के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें
काबुली चना - 2 कप (रात भर भिगोए हुए)
चाय पत्ती की पोटली या 2 टी-बैग्स (काले रंग के लिए)
खड़े मसाले: तेजपत्ता, बड़ी इलायची, दालचीनी, लौंग
मसाले: अनारदाना पाउडर धनिया पाउडर, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, कसूरी मेथी
अदरक के लच्छे और हरी मिर्च (तड़के के लिए)
घी या तेल
अमचूर पाउडर या इमली का पानी
बनाने का तरीका
भिगोए हुए छोलों को कुकर में डालें. इसमें पानी, नमक, खड़े मसाले और चाय पत्ती की पोटली डालकर 5-6 सीटी आने तक उबालें ताकि वे अच्छे से गल जाएं और काला रंग आ जाए.
एक कड़ाही में तेल/घी गर्म करें. इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च भूनें. अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च और सबसे जरूरी अनारदाना पाउडर डालकर पकाएं.
उबले हुए छोले में से पानी और टी-बैग हटा दें और इसे मसाले में डालें और धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक पकने दें ताकि मसाले अंदर तक समा जाएं.
अंत में ऊपर से अदरक के लच्छे, कसूरी मेथी और थोड़ा सा गरम मसाला डालकर गरमा-गरम भटूरे या कुल्चे के साथ परोसें.