शाम की चाय हो या सुबह का हल्का-फुल्का नाश्ता, चाय के कप के साथ कुछ कुरकुरा और नमकीन मिल जाए तो मजा आ जाता है. अक्सर हम इसके लिए बाजार से बिस्किट, भुजिया या मैदे से बने नमकपारे ले आते हैं. लेकिन मैदे का लगातार सेवन सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता. अगर आप भी अपने परिवार को कुछ हेल्दी और टेस्टी खिलाना चाहते हैं तो बाजार की मिलावटी और अनहेल्दी नमकीन को हमेशा के लिए बाय कह दीजिए.
आज हम आपको बताएंगे बिना मैदा के बनने वाले गेहूं के आटे और सूजी के खस्ता नमकपारे की रेसिपी. ये खाने में जितने कुरकुरे और स्वादिष्ट होते हैं, सेहत के लिए उतने ही फायदेमंद हैं. एक बार इसे खाकर हर कोई आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा. अगर आप इसे और भी ज्यादा हेल्दी बनाना चाहते हैं तो आप इसे डीप फ्राई करने की जगह ओवन में बेक या फिर एयर फ्राई भी कर सकते हैं.
सामग्री:
गेहूं का आटा: 2 कप
सूजी (बारीक): आधा कप (क्रिस्पी बनाने के लिए)
अजवाइन: 1 छोटा चम्मच
कलौंजी (मंगरेल): आधा छोटा चम्मच (ऑप्शनल)
नमक: स्वादानुसार
तेल या घी (मोयन के लिए): 4 चम्मच
पानी: आटा गूंथने के लिए
तेल: तलने के लिए
बनाने की विधि:
सख्त आटा गूंथें: एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, अजवाइन (हथेलियों से क्रश करके), कलौंजी और नमक डालकर मिला लें. अब इसमें 4 चम्मच तेल या घी का मोयन डालें और हाथों से अच्छी तरह मिक्स करें (जब आटे को मुट्ठी में बांधें तो वह बंधना चाहिए). अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक सख्त (सख्त पूरी जैसा) आटा गूंथ लें और इसे 15 मिनट के लिए कपड़े से ढककर रख दें.
बेलें और काटें: 15 मिनट बाद आटे को एक बार फिर चिकना कर लें. अब इसकी बड़ी-बड़ी लोइयां तोड़ें और रोटी से थोड़ा मोटा बेल लें. एक चाकू या कटर की मदद से इसे अपनी पसंद के अनुसार डायमंड या लंबी पट्टियों के शेप में काट लें.
धीमी आंच पर तलें: कड़ाही में तेल गरम करें. ध्यान रहे कि तेल बहुत ज्यादा गरम न हो (मीडियम गरम होना चाहिए). अब कटे हुए नमकपारे तेल में डालें और गैस की आंच को धीमा से मध्यम रखें. इन्हें अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि ये दोनों तरफ से सुनहरे और क्रिस्पी न हो जाएं.
स्टोर करें: तैयार नमकपारों को किचन टॉवल पर निकालें ताकि एक्स्ट्रा तेल निकल जाए. पूरी तरह ठंडा होने के बाद इन्हें एक एयर-टाइट कंटेनर में भरकर रख लें. इन्हें आप पूरे महीने आराम से खा सकते हैं.