झुलसती गर्मी, तेज धूप और गर्म हवा से ईंट और कंक्रीट से बने घर बुरी तरह तपते रहते हैं. ऐसे में ना लोगों को घर के बाहर सुकून मिलता है और ना ही घर के अंदर. ऐसे में गर्मी से छुटकारा पाने और घर को ठंडा बनाए रखने के लिए लोग पूरे-पूरे दिन AC और कूलर चलाए रखते हैं. इससे उन्हें ठंडक तो मिलती है, लेकिन उनका सारा बजट बिगड़ जाता है क्योंकि पूरे दिन AC-कूलर चलने के कारण बिजली का बिल बढ़ा हुआ आता है. इसी वजह से बहुत से घरों में लोग देसी जुगाड़ करके बिना AC-कूलर के घर को ठंडा बनाए रखने की कोशिश करते हैं.
ऐसा ही कुछ राजस्थान के जयपुर में रहने वाले प्रतीक तिवारी ने भी किया. प्रतीक ने इस चिलचिलाती गर्मी में अपने घर को ठंडा रखने के लिए एक ऐसा देसी तरीका अपनाया, जिसने बिना AC के ही घर को ठंडा रखना आसान बना दिया. खास बात ये है कि उनका ये आइडिया इतना शानदार है कि मशहूर बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा को भी खूब पसंद आया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी खुलकर तारीफ भी की. चलिए जानते हैं बिना AC घर को ठंडा रखने का ये देसी तरीका क्या है और कैसे इससे घर ठंडा रह सकता है.
क्या है ये देसी जुगाड़?
प्रतीक तिवारी ने अपने घर को भीषण गर्मी में ठंडा बनाए रखने के लिए 'पोर्टेबल रूफटॉप गार्डनिंग' नामक तकनीक का इस्तेमाल किया है. इस तकनीक में घर की छत को छोटे से गार्डन या खेत में बदल दिया जाता है. इसमें बिना किसी तोड़-फोड़ के खास कंटेनर और ग्रो-बैग्स का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें सब्जियां और पौधे लगाए जाते हैं.
छत पर जब पौधों की हरियाली रहती है तो वो सूरज की सीधी गर्मी को रोकती है. इससे कंक्रीट कम गर्म होता है और घर के अंदर का तापमान अपने आप कम रहने लगता है. जब तापमान कम रहेगा तो अपने आप घर में ठंडक बनी रहेगी.
कैसे काम करती है ये तकनीक?
सूरज की गर्मी सोख-सोख कर घर न केवल दिन में बल्कि रातों में भी किसी भट्टी की तरह गर्म हो रहे हैं. इसकी वजह है कि गर्मियों में छत सबसे ज्यादा गर्म होती है. यही गर्मी धीरे-धीरे कमरों तक पहुंचती है. लेकिन जब छत पर पौधों की हरियाली से भरी लेयर बन जाती है, तो धूप पहले पौधों पर पड़ती है. इससे छत कम तपती है और घर में नेचुरल ठंडक बनी रहती है. इसके अलावा, पौधों से आसपास की हवा भी ठंडी महसूस होती है, जिससे घर का माहौल रिलैक्सिंग हो जाता है.
आनंद महिंद्रा को क्यों पसंद आया ये आइडिया?
आनंद महिंद्रा ने इस आइडिया की तारीफ करते हुए कहा कि आने वाले समय में ऐसे हरे-भरे और सस्टेनेबल घरों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी. उनका मानना है कि लोग अगर अपनी छतों को हरियाली से भर दें, तो इससे गर्मी कम करने के साथ-साथ घर में ताजी सब्जियां भी उगाई जा सकती हैं.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'हम जलवायु परिवर्तन के बारे में अभी बहुत सी बातें नहीं जानते हैं. लेकिन एक बात साफ है भारत में पड़ने वाली भीषण गर्मी और हीटवेव अब कभी-कभार होने वाली चीज नहीं रह गई है, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है. ऐसे में कुछ लोगों ने अपने रहने का तरीका ही बदल दिया है. उन्होंने अपने घरों को इस तरह बनाया है कि वे ज्यादा ठंडे रहें, पर्यावरण के लिए बेहतर हों और इतना उपयोगी हों कि घर में ही फल-सब्जियां भी उगाई जा सकें. आने वाले समय में हमें इसी तरह की समझदारी और बदलाव की जरूरत पड़ेगी. सच में, ये लोग दूसरों के लिए मिसाल हैं.'
घर में सीलन का डर भी होगा कम
अक्सर लोग छत पर गार्डन बनाने से इसलिए डरते हैं कि कहीं पानी रिसकर छत खराब न कर दे. लेकिन इस तकनीक की सबसे खास बात यही है कि इसमें 'लीक-प्रूफ कंटेनर' इस्तेमाल किए जाते हैं. ये कंटेनर सीधे छत को नहीं छूते, इसलिए पानी रिसने या घर में सीलन आने का खतरा अपने आप कम हो जाता है. इसके साथ ही पूरी छत साफ भी दिखती है.
ड्रिप इरिगेशन से होगी पानी की बचत
इस सिस्टम में पौधों को पानी देने के लिए ड्रिप इरिगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. यानी बूंद-बूंद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है. इससे जरूरत से ज्यादा पानी बर्बाद नहीं होता और पौधों में नमी भी बनी रहती है.
घर को ठंडा रखने के लिए ऐसे शुरू करें रूफटॉप गार्डन
अगर आप भी अपने घर को ठंडा रखने के लिए छत को कूलिंग जोन बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले हल्के ग्रो-बैग्स या प्लास्टिक कंटेनर लें. फिर छत पर प्लास्टिक शीट या ड्रेनेज मैट बिछाएं ताकि पानी सीधे फर्श तक न पहुंचे. इसके बाद कोकोपीट, हल्की मिट्टी और वर्मीकंपोस्ट मिलाकर कंटेनर में भरें. इससे वजन भी ज्यादा नहीं बढ़ेगा और पौधे अच्छे से बढ़ेंगे.