महाराष्ट्र के बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को एक सरकारी कर्मचारी मोबाइल से कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करते पकड़ा गया. कोर्ट में मौजूद बेंच ने उसे रोका तो उसने फोन से वीडियो हटाने की कोशिश की. मगर कोर्ट के IT विभाग ने डिलीट किया गया वीडियो भी बरामद कर लिया. इसके बाद कोर्ट ने मोबाइल जब्त करने के साथ उस पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया.
मामला उस समय सामने आया जब जस्टिस जीएस कुलकर्णी और डॉ. नीला गोखले की बेंच कोर्ट की कार्यवाही कर रही थी. बेंच की नजर पीछे की कतार में बैठे एक शख्स पर पड़ी. उसके मोबाइल का फ्लैश ऑन था और शक हुआ कि वह कार्यवाही रिकॉर्ड कर रहा है. पूछताछ में उसकी पहचान शिक्षा निरीक्षक के कार्यालय में कर्मचारी दिलीप वाघ के तौर पर हुई. खास बात यह थी कि उस दिन उनका कोई मामला कोर्ट में सूचीबद्ध नहीं था.
डिलीट किया वीडियो, फिर भी बच नहीं पाया
पकड़े जाने के बाद वाघ ने मोबाइल से रिकॉर्डिंग हटाने की कोशिश की. हालांकि, कोर्ट के IT विभाग ने फोन के डिलीट किए गए हिस्से से वीडियो बरामद कर लिया. इस पर कोर्ट ने कहा कि बिना अनुमति इस तरह की रिकॉर्डिंग बाद में सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश की जा सकती है. बेंच ने यह भी कहा कि कोर्ट में मौजूद व्यक्ति का व्यवहार ऐसा था, जैसे वह किसी बगीचे या सड़क किनारे बैठा हो.
लिखित अनुमति के बिना रिकॉर्डिंग पर रोक
बेंच ने साफ किया कि कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करने के लिए लिखित अनुमति जरूरी है. बिना अनुमति रिकॉर्डिंग करना अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग को लेकर बनाए गए नियम 9.2 और 9.3 का उल्लंघन है. कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारी होने के नाते वाघ की नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी ज्यादा थी. बेंच ने सोशल मीडिया पर कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो को बिना अनुमति रिकॉर्ड कर साझा करने के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई.
दो हफ्ते में जमा करने होंगे ₹10 हजार
कोर्ट ने वाघ का मोबाइल जब्त करने का आदेश दिया. फोन में मौजूद निजी डेटा को रजिस्ट्रार (Judicial-I) और IT विभाग की मौजूदगी में मिटाया जाएगा. इसके बाद फोन को नष्ट किया जाएगा.
वाघ को दो हफ्ते के भीतर मुंबई स्थित हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के सचिव के पास ₹10 हजार जमा करने का निर्देश दिया गया है. ऐसा नहीं करने पर रकम उनकी सैलरी से वसूल की जाएगी. कोर्ट ने चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी हरकत हुई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ अवमानना की कार्यवाही भी हो सकती है.