कर्नाटक में सत्ता के शीर्ष पर परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है. सिद्धारमैया ने एक दिन पहले मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफे का ऐलान किया था. सिद्धारमैया लोकभवन भी गए और राज्यपाल के बेंगलुरु से बाहर होने के कारण राज्यपाल के प्राइवेट सेक्रेटरी को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था.
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बावजूद इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ था कि राज्यपाल यह इस्तीफा स्वीकार करते हैं या नहीं. इसे लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नई सरकार के गठन तक उनसे पद पर बने रहने को कहा है.
सिद्धारमैया का इस्तीफा राज्यपाल की ओर से मंजूर कर लिए जाने के साथ ही प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता अब साफ हो गया है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नया नेता चुना जाएगा. यह बैठक राजधानी बेंगलुरु के एक होटल में आज यानी 29 मई को होनी है. यह बैठक शाम पांच बजे से होनी बताई जा रही है.
यह भी पढ़ें: सीएम पद से इस्तीफा, राज्यसभा सीट भी ठुकराई... कुर्सी छोड़ते हुए क्या बोले सिद्धारमैया
नई सरकार के गठन की कवायद बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक शुरू हो गई है. बेंगलुरु में जहां विधायक दल की बैठक होनी है, वहीं कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार, सूबे में पार्टी के दोनों ही शीर्ष नेता नई दिल्ली में हैं. सीएम पोस्ट से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया जयपुर के रास्ते दिल्ली पहुंच चुके हैं.
यह भी पढ़ें: सीएम की कुर्सी छोड़ दिल्ली आ रहे सिद्धारमैया, पार्टी में 'नए रोल' के लिए मना पाएंगे राहुल गांधी?
वहीं, डीके शिवकुमार भी शुक्रवार की सुबह बेंगलुरु से नई दिल्ली पहुंच गए. दोनों ही नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ मुलाकात हो सकती है. इन दोनों नेताओं के दिल्ली दौरे को नई सरकार के गठन, मंत्रिमंडल के स्वरूप के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में जिन नेताओं को शामिल किया जाना है, उन नामों पर इस दौरान मोहर भी लग सकती है.