झारखंड में जेएमएम प्रुख हेमंत सोरेन के अगुवाई में इंडिया ब्लॉक की सरकार है. राज्यसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक के पास वोटों का नंबर पूरा होने के बाद कांग्रेस नहीं जीत सकी. बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी ने कांग्रेस को चित कर दिया. झारखंड का हिसाब कांग्रेस ने कर्नाटक में किया और 'रिवर्स ऑपरेशन लोटस' कराकर बीजेपी को मात दी.
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद हुए पहली बार एमएलसी चुनाव हुए. सत्ताधारी कांग्रेस ने विधान परिषद की सात सीटों में से पांच पर जीत हासिल किया जबकि विपक्षी बीजेपी को दो सीटें मिलीं.
एमएलसी चुनाव के नतीजों से साफ पता चला कि बीजेपी और जेडीएस के विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की. सत्ताधारी पार्टी को कुल 151 वोट मिले, जो उम्मीद के मुताबिक 140 वोटों से 11 वोट ज़्यादा हैं. इस तरह बीजेपी और जेडीएस के विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट कर सारा गेम ही बदल दिया.
कर्नाटक का एमएलसी चुनाव
कर्नाटक के सात विधान परिषद चुनाव के लिए 8 उम्मीदवार मैदान में थे, जिसके लिए गुरुवार को चुनाव हुए. कांग्रेस ने पांच उम्मीदवार उतारे तो बीजेपी से दो और जेडीएस से एक उम्मीदवार किस्मत आजमा रहा था. विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी की चार और एनडीए की तीन सीटों पर जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन डीके शिवकुमार के रणनीति से एनडीए का गेम बिगाड़ दिया. बीजेपी और जेडीएस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते ही पूरे खेल बदल गया.
कांग्रेस के पांच उम्मीदवार जीते हैं, जिसमें थिप्पन्नाप्पा कामकनूर, पीवी मोहन, बीके हरिप्रसाद, शिवन्ना बीएस और विनय कार्तिक प्रकाश एमएलसी बने हैं. बीजेपी के दोनों उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु आर जीतने में सफल रहे जबकि जेडीएस के एकमात्र उम्मीदवार गोविंदराजू को क्रॉस वोटिंग के चलते हार का सामना करना है.
कर्नाटक में'रिवर्स ऑपरेशन लोटस'
देश भर में जहां अलग-अलग विपक्षी दलों के नेता बीजेपी का दामन थाम रहे या फिर उसके सहयोगी दलों के साथ जा रहे हैं, लेकिन कर्नाटक में बीजेपी के विधायक ही क्रॉस वोटिंग कर बैठे. एमएलसी चुनाव में कांग्रेस की जीत को सीएम डीके शिवकुमार और पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के लिए मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है.
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि आंतरिक क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं के बीच अपनी संख्या बरकरार रखते हुए, खासकर दूसरी पार्टियों से उम्मीद से ज़्यादा वोट हासिल करने में पार्टी की सफलता उनके नेतृत्व और संगठनात्मक कौशल को दर्शाती है. एक नेता ने कहा कि बीजेपी के लिए क्रॉस-वोटिंग एक 'झटके' की तरह है.
बीजेपी और जेडीएस के 11 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया है. ये बीजेपी के भीतर गुटबादी और राज्य नेतृत्व के प्रति असंतोष के बीच एक बड़ी नाकामी के तौर पर देखा जा रहा है. जेडीएस लिए यह नतीजा उन चुनौतियों को दर्शाता है, जिनका सामना उसे भविष्य में वोक्कालिगा समुदाय के कद्दावर नेता शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद करना पड़ सकता है.
बीजेपी के 3 और JDS के 8 MLA क्रॉस वोटिंग
पीटीआई के मुताबिक कर्नाटक एमएलसी चुनाव में बीजेपी के तीन विधायकों और जेडीएस के आठ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है. बीजेपी के एक विधायक का वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. इन विधायकों ने जेडीएस के बजाय कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया है. कर्नाटक में बीजेपी और जेडीएस का गठबंधन है. ऐ
कांग्रेस पार्टी से बी के हरिप्रसाद को 30 वोट, पी वी मोहन को 29 वोट, बी एस शिवन्ना को 30 वोट, टिप्पन्नाप्पा कामाकानूर को 30 वोट और विनय कार्तिक, जिन्हें शिवकुमार का करीबी माना जाता है, उनको 32 वोट मिले और वे जीत गए. बीजेपी के रघु आर को 29 वोट और लिंगराज पाटिल को 27 वोट मिले और दोनों चुने गए.
एक एमएलसी उम्मीदवार को जीत के लिए 27.63 वोट तय किया गया था. हालांकि, लिंगराज पाटिल उस कोटे तक नहीं पहुंच पाए और आखिरकार एलिमिनेशन राउंड में जीत गए. सूत्रों ने बताया कि रघु को मिले वोटों में से एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया.जेडीएस के गोविंदराजू केवल 14 वोट ही हासिल कर पाए.
कर्नाटक में क्या नंबर गेम रहा
कर्नाटक विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 224 है, लेकिन मौजूदा संख्या 222 है. कांग्रेस के पास 135 विधायक (डिप्टी स्पीकर सहित) हैं और उसे सर्वोदय कर्नाटक पक्ष के एक, दो निर्दलीय और BJP से सस्पेंड किए गए दो सदस्यों , टी सोमशेखर और शिवराम हेब्बार का समर्थन प्राप्त है.
विधानसभा में 62 विधायकों वाली बीजेपी को कल्याणा राज्य प्रगति पक्ष के जी जनार्दन रेड्डी, जो अब BJP के साथ हैं. बीजेपी से निकाले गए नेता बसंगौडा पाटिल यतनाल का समर्थन प्राप्त था और जेडीएस पास 18 विधायक हैं. इस नतीजे के बाद विधान परिषद में कांग्रेस की संख्या बढ़कर 39 हो गई है और बीजेपी की संख्या घटकर 28 रह जाएगी, जबकि JD(S) की संख्या घटकर 6 हो जाएगीय
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि यह नतीजा सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों और राज्य के लोगों के हितों के लिए विधायकों के समर्थन है. आज सभी विधायकों ने अपना भरोसा जताया है. अलग-अलग पार्टियों के सदस्यों ने हमारा समर्थन किया है.
क्रॉस-वोटिंग के आरोपों पर शिवकुमार ने कहा कि न तो उन्होंने दूसरी पार्टियों के विधायकों से समर्थन मांगा और न ही उन्हें पता है कि किसने किसे वोट दिया, क्योंकि चुनाव गुप्त मतदान के ज़रिए हुआ था. बीजेपी विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग की बात मानते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने कहा कि पार्टी से गद्दारी करने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र ने कहा कि किसने क्रॉस-वोटिंग की और क्यों? जानकारी मिलने के बाद पार्टी इस पर फैसला करेगी. क्रॉस-वोटिंग के डर से कांग्रेस और JD(S) दोनों ने अपने विधायकों को शहर के बाहरी इलाकों में अलग-अलग रिसॉर्ट्स में रखा था. इसके बाद भी न ही बीजेपी और न ही जेडीएस की क्रॉस वोटिंग को रोक सके.