कई बार ये स्पष्ट हो चुका है कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन कई लोग पासपोर्ट को नागरिकता का दस्तावेज मान रहे थे. हालांकि, अब विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि पासपोर्ट एक ट्रेवल डॉक्यूमेंट है और ये नागरिकता का दस्तावेज नहीं है. एमईए के अधिकारी ने बताया, '2025 में हमने 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी कई सर्विस दी हैं, जिनमें अकेले पासपोर्टों की संख्या 1.39 करोड़ रही. ऐसे में सवाल है कि जब पासपोर्ट, आधार, वोटर लिस्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है तो फिर नागरिकता साबित करने का दस्तावेज कौनसा है और वो कैसे बनता है?
नागरिकता के दस्तावेज के बारे में जानने से पहले आपको बताते हैं कि आखिर विदेश मंत्रालय ने हाल में क्या कहा है. विदेश मंत्रालय की ओर से पासपोर्ट को लेकर कहा गया है कि पासपोर्ट जारी करने में, पुलिस सत्यापन को छोड़कर, केवल 6 वर्किंग डे लगते हैं. पासपोर्ट सेवा केंद्र और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदकों का औसत समय 45 मिनट से भी कम है. देशभर में अब 545 पासपोर्ट केंद्र हैं, जबकि 10 साल पहले इनकी संख्या केवल 77 थी.
मंत्रालय ने बताया कि पिछले साल हमने 10 नए पीओपीएसके खोले थे और इस वर्ष भी 10 नए पीओपीएसके खोले जाएंगे. भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री प्रवेश देने वाले देशों की संख्या 27 हो गई है, जो 2019 में 16 थी. इसके अलावा, 47 देश भारतीयों को वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा देते हैं और 66 देश ई-वीज़ा उपलब्ध कराते हैं.
अब करते हैं नागरिकता की बात. पहले चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट ने ये स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड को पहचान का प्रमाण है और ये नागरिकता साबित करने का दस्तावेज नहीं है. कोर्ट ने भी पहले ये स्पष्ट कर दिया था कि आधार अधिनियम, 2016 और प्रतिनिधित्व ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 के तहत ये नागरिकता, जन्मतिथि या निवास प्रमाण नहीं है. इसके अलावा पैन कार्ड या वोटर आईडी होने से कोई भारतीय नागरिक नहीं बन जाता है.
फिर क्या है नागरिकता का दस्तावेज?
वैसे भारत में नागरिकता प्रमाणित करने के लिए आधिकारिक तौर पर कोई कागज नहीं दिया जाता. संविधान के अनुसार, भारत में पैदा होने वाला शख्स भारतीय नागरिक है. भारत में पैदा होने वाली संतान या उनके वंशज भी भारतीय नागरिक माने जाते हैं. इसके अलावा भारत में पैदा हुआ शख्स जो अब बाहर रह रहा है, उसे भी भारतीय नागरिकता देने का इंतजाम है.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जन्मे लोग बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाणपत्र के जरिए ये साबित कर सकते हैं कि उनका जन्म भारत में हुआ था और इस लिहाज से वो भारत के नागरिक हुए. जन्म प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम आदि से जारी किया जाता है और आप आसानी से इसे बनवा सकते हैं.
बता दें कि नागरिकता प्रमाण पत्र सरकार की ओर से भारतीयों को जारी नहीं किया जाता. जो विदेशी भारत की नागरिकता लेते हैं, उन्हें सरकार की ओर से भारत की नागरिकता का सर्टिफिकेट दिया जाता है. ये प्रमाण पत्र कई आधार पर विदेशियों को दिए जाते हैं.