ईरान इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है. एक तरफ युद्ध तो दूसरी ओर लंबे समय से लगे आर्थिक प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है.ईरान की मुद्रा रियाल में इतनी गिरावट आ चुकी है कि बड़े मूल्य के नोट भी बेहद कम कीमत के रह गए हैं. यहां तक कि 1 करोड़ रियाल का नोट भी भारतीय रुपये में सिर्फ कुछ सौ रुपये के बराबर रह गया है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ईरान इस समय कितने गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है.
यह स्थिति नई नहीं है, बल्कि पिछले करीब 40 सालों से ईरान अलग-अलग तरह के संकट और टकराव का सामना करता रहा है. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी बात है, जो लोगों को हैरान करती है. वो है ईरान के युवाओं का शिक्षा स्तर और उनके आईक्यू से जुड़े आंकड़े. कई रिपोर्ट्स में ईरान के युवा दुनिया के टॉप देशों में शामिल बताए जाते हैं. आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य.
क्या कहती हैं हालिया रिपोर्ट्स?
हाल के वर्षों में कुछ ऑनलाइन आईक्यू टेस्ट रिपोर्ट्स में ईरान का प्रदर्शन काफी अच्छा बताया गया है. 2025-26 के आसपास सामने आए एक बड़े ऑनलाइन डेटा सेट में ईरान को दुनिया में चौथे स्थान पर रखा गया, जहां औसत आईक्यू 104 से 106 के बीच बताया गया. इस सूची में साउथ कोरिया, चीन और जापान शीर्ष पर रहे. इस सूची में इज़रायल 48वें स्थान पर रहा, जिसका औसत आईक्यू स्कोर 98.57 था. वहीं अमेरिका 18वें स्थान पर रहा, जहां औसत आईक्यू स्कोर 101.04 दर्ज किया गया.
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि ये आंकड़े ऑनलाइन टेस्ट पर आधारित होते हैं, जिनमें आमतौर पर वही लोग हिस्सा लेते हैं जिनके पास इंटरनेट की सुविधा और रुचि होती है.
वैज्ञानिक अध्ययन क्या बताते हैं
अगर पारंपरिक शोध देखें, तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है. 2019 के एक मेटा-एनालिसिस (Wechsler टेस्ट आधारित) में ईरान के युवाओं का औसत आईक्यू करीब 97 के आसपास पाया गया. वहीं कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में यह आंकड़ा 84 से 87 के बीच बताया गया है, हालांकि इन तरीकों को लेकर विशेषज्ञों में बहस भी होती रही है.
ईरान की शिक्षा व्यवस्था, खासकर विज्ञान और गणित के क्षेत्र में, मजबूत मानी जाती है. अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में ईरानी छात्र लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं. STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) में ग्रेजुएट्स की संख्या भी काफी ज्यादा है.
UNESCO और World Bank के आंकड़ों के अनुसार, ईरान में उच्च शिक्षा में नामांकन दर पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ी है और बड़ी संख्या में युवा यूनिवर्सिटी तक पहुंच रहे हैं.
महिलाओं की भागीदारी भी चौंकाती है
ईरान में महिलाओं को लेकर सख्त सामाजिक नियमों की चर्चा होती है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में तस्वीर अलग है. UNESCO के मुताबिक, यूनिवर्सिटी स्तर पर महिलाओं की हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक है और कई वर्षों में यह पुरुषों से ज्यादा भी रही है.
PISA और TIMSS का संकेत
अंतरराष्ट्रीय आकलन जैसे PISA और TIMSS में ईरान का प्रदर्शन मध्यम स्तर का रहा है. मैथ्स में स्कोर लगभग 419-446 के बीच रहता है. ईरान एक ऐसा देश है जहां आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियां काफी गहरी हैं, लेकिन इसके बावजूद युवाओं की शिक्षा और बौद्धिक क्षमता से जुड़े आंकड़े मजबूत दिखाई देते हैं. ऑनलाइन रिपोर्ट्स में वे टॉप देशों में नजर आते हैं, जबकि वैज्ञानिक अध्ययनों में उनका स्तर औसत से थोड़ा ऊपर माना जाता है.