होटल के बाथरूम में रखा मोटा, मुलायम और सफेद तौलिया देखकर शायद ही कोई सोचता होगा कि कुछ समय बाद इसका क्या होगा. लेकिन लगातार इस्तेमाल और धुलाई के बाद तौलिए की हालत बदलने लगती है. कपड़ा पतला हो सकता है, सफेदी कम हो सकती है और पानी सोखने की क्षमता भी घट सकती है. ऐसे में होटल उन्हें गेस्ट के इस्तेमाल से हटा देते हैं.
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर पुराना तौलिया सीधे कूड़े में चला जाता है. क्लीन इंडिया जर्नल के मुताबिक, होटल में पुराने लिनेन और तौलियों को दोबारा इस्तेमाल करने के कई तरीके अपनाए जाते हैं. इनमें सफाई के कपड़े बनाना और दूसरे कामों में इस्तेमाल करना शामिल है.
गेस्ट के बाद सफाई में काम आता है तौलिया
जो तौलिया गेस्ट के इस्तेमाल के लिए फिट नहीं रह जाता, उसका कपड़ा अगर ठीक है तो उसे होटल के दूसरे कामों में लगाया जा सकता है. मसलन, उसे सफाई के कपड़े या डस्टर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
Sunway Hotels & Resorts अपने सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम में बताता है कि पुराने तौलिए को क्लीनिंग क्लॉथ के तौर पर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है. उसके मुताबिक, पुराने लिनेन का इस्तेमाल पेंटिंग के दौरान प्रोटेक्टिव कवर के रूप में भी किया जा सकता है.
यानी गेस्ट रूम से हटने के बाद भी तौलिए की उपयोगिता खत्म नहीं होती. उसका इस्तेमाल होटल के अंदर ही किसी दूसरे काम में जारी रह सकता है.
कुछ पुराने तौलिए दान भी किए जाते हैं
हर होटल की पॉलिसी एक जैसी नहीं होती. कुछ जगहों पर इस्तेमाल से हटाए गए लिनेन को जरूरतमंद लोगों या संस्थाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था भी होती है.
Washington Post ने होटल इंडस्ट्री में पुराने तौलिए दोबारा इस्तेमाल करने के तरीकों पर रिपोर्ट करते हुए बताया कि कुछ होटल इन्हें क्लीनिंग रैग में बदलते हैं, जबकि कुछ जगहों पर इन्हें शेल्टर, अनाथालय या चैरिटी संस्थाओं को दिया जाता है. रिपोर्ट में Hilton की ओर से पुराने टेरी आइटम्स को एनिमल शेल्टर्स को दान करने की पहल का भी जिक्र है.
बहुत ज्यादा खराब हो गया तो रिसाइक्लिंग
जब तौलिया इतना घिस जाए कि उसका दोबारा इस्तेमाल भी मुश्किल हो, तब टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग एक विकल्प हो सकता है. रिसाइक्लिंग में कपड़े को प्रोसेस करके उसके फाइबर का दोबारा इस्तेमाल किया जाता है.
भारत में भी होटल लिनेन को रिसाइकिल करने की पहल चल रही है. रीवीव360 के मुताबिक, होटल और हॉस्पिटल से निकले लिनेन को इकट्ठा करके उन्हें नए इस्तेमाल योग्य उत्पादों में बदला जाता है. उसके प्लेटफॉर्म पर कई होटल पार्टनर्स के साथ लिनेन रिसाइक्लिंग की जानकारी दी गई है.
हर पुराना तौलिया नया तौलिया नहीं बनता
यहां एक दिलचस्प बात समझना जरूरी है. रिसाइक्लिंग का मतलब यह नहीं कि पुराना तौलिया हमेशा फिर से नया तौलिया बन जाएगा.
फाइबर की गुणवत्ता के आधार पर उसका इस्तेमाल अलग-अलग उत्पादों में हो सकता है. Clean India Journal ने भी पुराने होटल लिनेन के लिए क्लीनिंग रैग और दूसरे दोबारा इस्तेमाल वाले विकल्पों का उल्लेख किया है.
यानी होटल के बाथरूम से हटने के बाद तौलिए की कहानी खत्म नहीं होती. उसकी हालत अच्छी है तो वह सफाई के काम आ सकता है, दान किया जा सकता है या किसी अन्य उपयोग में पहुंच सकता है. और अगर वह पूरी तरह घिस चुका है, तो रिसाइक्लिंग के जरिए उसके फाइबर को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है.
इसलिए अगली बार होटल के बाथरूम में रखा सफेद तौलिया देखकर सिर्फ उसकी सफेदी और मुलायमपन न देखें. उसके पीछे एक ऐसी लाइफ-साइकिल भी है, जिसमें इस्तेमाल, दोबारा उपयोग, दान और रिसाइक्लिंग-सब शामिल हो सकते हैं.