
उत्तराखंड के दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता हुई ट्रैकर बबीता पांडेय की तलाश अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पूरे सर्च ऑपरेशन की नजर एक रहस्यमयी झील पर टिक गई है. यह झील उसी कैंप स्थल के बेहद करीब बताई जा रही है, जहां से बबीता के अचानक लापता होने की आखिरी जानकारी मिली थी. पांच दिनों से लगातार चल रहे सघन खोज अभियान में आर्मी ,ITBP ,एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और अन्य एजेंसियों की 150 सदस्य वाली टीमों ने जंगलों, ढलानों, ट्रैकिंग रूट और दुर्गम क्षेत्रों की बारीकी से तलाश की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आ पाया है.
रहस्मयी झील में उतरेगी डीप डाइव सर्च टीम
अब जांच और सर्च ऑपरेशन का फोकस इस झील पर केंद्रित कर दिया गया है. संभावना जताई जा रही है कि इस क्षेत्र से कोई महत्वपूर्ण संकेत मिल सकता है. जानकारी के अनुसार कुछ ही देर में SDRF की 6 सदस्यीय विशेष डीप डाइव सर्च टीम मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू करेगी. टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से झील की गहराई में उतरकर और आसपास के क्षेत्र की सूक्ष्म जांच करेगी.

उस दिन बबीता के साथ क्या हुआ था?
खोजबीन का यह तरीका कई सवालों को भी जन्म दे रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह कि उस दिन बबीता के साथ क्या हुआ था? पुलिस को घटना की सूचना भी कुछ देरी से मिली, जिससे शुरुआती घंटों में तलाश अभियान प्रभावित हुआ. इसने भी कई सवालों को जन्म दिया. फिर भी सूचना मिलते ही प्रशासन ने कई टीमें रवाना कर दीं और सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ा दिया गया.
स्थानीय लोगों और प्रशासन की नजर अब इस अभियान पर टिकी हुई है. उम्मीद की जा रही है कि यह सर्च ऑपरेशन मामले में कोई नई दिशा दे सकता है. हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की गई है. दयारा बुग्याल की शांत वादियों के बीच अब हर गुजरता पल एक ही सवाल छोड़ रहा है- आखिर बबीता पांडेय कहां हैं?
गोई बेस कैंप तक पहुंची और फिर गायब
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती अपने दो साथियों के साथ घूमने के उद्देश्य से 25 मई को उधम सिंह नगर क्षेत्र से निकली थी. यात्रा के दौरान समूह ने 25 मई को देहरादून में रात को स्टे किया था. इसके बाद वे लोग 26 मई को हर्षिल पहुंचे तथा 26 और 27 मई को लम्बा टॉप और गंगोत्री क्षेत्र में भ्रमण किया.

बताया गया कि 28 मई को तीनों रैथल गांव में रुके और 29 मई को दयारा बुग्याल ट्रैक के लिए रवाना हुए, जिसकी सीसीटीवी फुटेज आज तक को मिली है. इसके बाद ये युवती इन दोनों युवकों के साथ गोई बेस कैंप तक पहुंची, जहां से उसके लापता होने की सूचना सामने आई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों युवकों को मनेरी में पूछताछ के लिए रोका गया है.
लड़कों को मनेरी में रोककर पूछताछ
युवकों से भी पुलिस और संबंधित एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बबीता के साथ गए लड़कों में एक 23 साल का हरमन पाल सिंह पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी दिनेश पुर उधम सिंह नगर उत्तराखंड का है जबकि दूसरा लड़का 23 साल का हरमनप्रीत सिंह पुत्र श्याम सिंह निवासी ग्राम व थाना बाडा जिला शाहजहांपुर का है. हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका या किसी आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

समुद्र तल से 3500 मीटर ऊंचाई पर बै दयारा बुग्याल
दयारा बुग्याल समुद्र तल से लगभग 2600 से 3500 मीटर की ऊंचाई तक फैला विशाल हिमालयी घास का मैदान है. यहां घने जंगल, ऊंची ढलानें और कई दुर्गम हिस्से हैं, जिससे किसी भी लापता व्यक्ति की तलाश कठिन हो जाती है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हर संभावित दिशा में खोज की जा रही है और अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक युवती का पता नहीं चल जाता.
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर ट्रेक के दौरान ऐसा क्या हुआ कि युवती अपने साथियों से अलग हो गई? क्या वह रास्ता भटक गई, किसी दुर्घटना का शिकार हुई या मामला कुछ और है?