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आंखों देखी: भक्तिमय हुआ कैंची धाम, देश-विदेश से पहुंचे भक्त, किए बाबा नीम करौली के दर्शन

सोमवार को कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के प्रति भक्तों का अटूट विश्वास देखने को मिला. महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.

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5 बजे तक सत्तर हजार लोग बाबा के दर्शन कर चुके थे. (Photo: PTI/ITG)
5 बजे तक सत्तर हजार लोग बाबा के दर्शन कर चुके थे. (Photo: PTI/ITG)

सुबह 6 बजे मैं नैनीताल से निकला. हल्की ठंड थी. मौसम बड़ा सुहावना था, पर आसमान बिलकुल साफ. यह सब बाबा नीम करौली महाराज का ही आशीर्वाद था क्योंकि दो दिन से नैनीताल में बारिश हो रही है लेकिन आज मौसम बिल्कुल साफ था.

नैनीताल से कैंची धाम 19 किलोमीटर है और पहुंचने में लगभग 40 मिनट लगते हैं, पर मुझे पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटा लगा. रास्ते भर सुरक्षा के भारी इंतजाम थे. नैनीताल से 11 किलोमीटर दूर भवाली एक छोटा सा कस्बा है जहां पर मैंने पुलिस द्वारा जारी अपना प्रेस पास लिया और कैंची धाम की तरफ बढ़ गया. 

प्रशासन ने श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए हल्द्वानी, नैनीताल, भीमताल से शटल सेवा की व्यवस्था करी थी और वह शटल सेवा श्रद्धालुओं को कैंचीधाम से एक किलोमीटर पहले उतार रही थी. जहां से श्रद्धालु पैदल कैचीधाम की ओर प्रस्थान कर रहे थे.

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कैंचीधाम से 2 किलोमीटर पहले से श्रद्धालुओं का जनसैलाब कैंची धाम की तरफ बाबा के दर्शन करने और महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए धीरे-धीरे बढ़ रहा था. श्रद्धालु बाबा नीम करौली महाराज के जयकारे लगा रहे थे पूरा कैंचीधाम, क्षेत्र भक्तिमय था और बाबा के जयकारों से गूंज रहा था.

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मंदिर परिसर के पास पहुंचने से पहले मेरी मुलाकात नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी से हुई. वह सवेरे 5 बजे से ही घूम-घूमकर सुरक्षा व्यवस्था देख रहे थे. सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम थे. उन्होंने बातचीत में बताया कि श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से एक किलोमीटर पहले से ही लाइनों में लगाकर व्यवस्थित ढंग से धीरे-धीरे बाबा के दर्शनों के लिए मंदिर की तरफ व्यवस्थित ढंग से भेजा जा रहा है. 

दिव्यांग और बुजुर्गों को नैनीताल पुलिस का विशेष दस्ता अपनी मोटरसाइकिलों और ई-रिक्शा से मंदिर परिसर तक पहुंचा रहा है, जो बहुत ही प्रशंसनीय काम था.

अब मैं मंदिर पहुंच चुका था. मंदिर के बाहर ही मेरी मुलाकात नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल से हुई. बहुत ही सौम्य और सरल अधिकारी. उन्होंने बातचीत में बताया कि श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक लाने के लिए शटल सेवा की व्यवस्था की गई है और लगभग 800 बसों और छोटी गाड़ियों को शटल सेवा के लिए लगाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, श्रद्धालु ट्रैफिक जाम में न फंसें, इसलिए निजी वाहन और मोटरसाइकिलें प्रतिबंधित की गई हैं.

उसके बाद मैं पुलिस कंट्रोल रूम के अंदर गया जहां पर पूरे मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों पर एक विशेष टीम द्वारा हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी.

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अब मैं मंदिर के मुख्य द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहा था. मुख्यद्वार के बाद बीस-बीस मीटर पर इलेक्ट्रॉनिक गेट लगा हुआ था, जो मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती कर रहा था. 9 बज रहा था और लगभग बीस हजार लोग बाबा के मंदिर में प्रवेश कर चुके थे.

मैंने भी मंदिर में प्रवेश किया. पूरा आश्रम परिसर भक्तों की भीड़ से भरा हुआ था. हर तरफ 'बाबा नीम करौली महाराज की जय' के जयकारे गूंज रहे हैं. श्रद्धालु कतार में लगकर बाबा के दर्शन कर रहे थे और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे. 

मैंने भी बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन किए और उनसे अपने और अपने परिवार के लिए आशीर्वाद मांगा. उसके बाद मैं आगे बढ़ा और उस जगह पर गया जहां पर बाबा एक तख्त पर कंबल के ऊपर बैठते थे, उस कंबल पर पुष्प रखे हुए थे और ऊपर बाबा नीम करौली की मंत्रमुग्ध कर देने वाली एक फोटो लगी थी.

उसके बाद मैं उस स्थान पर गया जहां पर एक शिला थी जहां पर बाबा बैठकर ध्यान लगाते थे, फिर मैं आगे बढ़ा उस स्थान पर जहां सैकड़ों की संख्या में सेवक बाबा का महाप्रसाद श्रद्धालुओं को बड़ी श्रद्धा से राम नाम लेकर प्रणाम करके दे रहे थे, भक्त भी हाथ जोड़कर, उनका अभिवादन स्वीकार कर रहे थे. 

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मैंने भी आगे बढ़कर महाप्रसाद ग्रहण किया और खुश मन से महाप्रसाद लेकर गेट से बाहर प्रस्थान किया. बाहर निकल कर देखा तो कमिश्नर कुमाऊं दीपक रावत और आईजी निवेदिता कुकरेती मेला क्षेत्र में घूमकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे. 

भक्तों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है मौसम बड़ा सुहावना था. बाबा के जयकारे पूरे कैंची धाम क्षेत्र में गूंज रहे थे और भक्त लाइनों में लगकर धीरे धीरे बाबा के दर्शनों के लिए और महाप्रसाद प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे थे. 

मैंने लाइनों में लगे श्रद्धालुओं से बात की. देश दुनिया के कोने कोने से श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने आए थे. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, मुंबई, यहां तक कि अमेरिका से भी बाबा के भक्त स्थापना दिवस पर बाबा के दर्शन करने और महाप्रसाद ग्रहण करने कैंचीधाम पहुंचे थे. 

सारे भक्त खुश थे और पुलिस और प्रशासन की व्यवस्थाओं की तारीफ कर रहे थे. बाबा के कैंची धाम में आज जो मैंने देखा वह एक मेला नहीं था बल्कि बाबा नीम करौली महाराज के प्रति करोड़ों लोगों की अटूट आस्था और विश्वास की कहानी बयां कर रहा था.

कहते हैं, बाबा के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता और यही आस्था आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालुओं को इस पावन धाम तक खींच लाई थी.

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अब 5 बज चुके थे. मैं एक बार फिर मुख्य द्वार पर गया और द्वार पर लगे इलेक्ट्रिक गेट पर नजर डाली और इस वक्त तक सत्तर हजार लोग बाबा के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण कर चुके थे.

अब मैं कैंचीधाम से नैनीताल की ओर प्रस्थान कर गया और 6 बजे नैनीताल पहुंचा. लेकिन रास्ते भर, श्रद्धालुओं की भीड़ अभी भी कैंची धाम की ओर प्रस्थान कर रही थी, उम्मीद ही नहीं, पूरा विश्वास है कि कैचीधाम मंदिर के कपाट बंद होने तक एक लाख से ऊपर लोग बाबा के दर्शन कर महाप्रसाद ग्रहण कर चुके होंगे.

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