उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल इन दिनों भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रही है. गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. इसका सबसे ज्यादा असर नैनीताल और आसपास के पर्यटन स्थलों पर देखने को मिल रहा है, जहां वाहनों की रिकॉर्ड आमद ने ट्रैफिक व्यवस्था को दबाव में डाल दिया है. नैनीताल में पर्यटन सीजन अपने चरम पर पहुंच चुका है.
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. लगातार बढ़ते वाहनों के कारण नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग, कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग, कैंची धाम मार्ग, भवाली रोड और शहर के अंदरूनी हिस्सों में जगह-जगह लंबा जाम लग रहा है.
वीकेंड और मैदानी इलाकों में स्कूलों की छुट्टियों के चलते हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं. पर्यटकों की भीड़ बढ़ने से स्थानीय लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है. बाजारों और प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ गया है कि कई इलाकों में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. लंबे जाम के कारण पर्यटकों की यात्रा प्रभावित हो रही है. कई पर्यटकों का कहना है कि नैनीताल की खूबसूरती उन्हें हर बार आकर्षित करती है, लेकिन इस बार घंटों का ट्रैफिक जाम उनकी यात्रा का अनुभव खराब कर रहा है.
घंटों जाम में फंसे पर्यटक, यात्रा हुई प्रभावित
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है. जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है. लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्था पर दबाव कम नहीं हो रहा है. एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी ने कहा कि नैनीताल में आने से पहले पर्यटकों को ट्रैफिक प्लान जरूर देखना चाहिए. उन्होंने अपील की है कि केवल पार्किंग सुविधा वाले होटल ही बुक करें. उन्होंने यह भी बताया कि बाइक टैक्सी और टैक्सी बाइक के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है.
कैंची धाम और आसपास विशेष व्यवस्था
कैंची धाम क्षेत्र में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है और शटल सेवा भी शुरू की गई है. श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें. पर्यटकों की भारी आमद से होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को फायदा हो रहा है. कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं, लेकिन दूसरी ओर ट्रैफिक जाम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. फिलहाल स्थिति यह है कि नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में जाम से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है.