उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी के संगठन और कार्यक्रमों को लेकर सवाल खड़े किए हैं. रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपनी 'धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा' को लेकर उठे सवालों पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा को गलत समझा गया, इसलिए वह आगे की 8-10 रैलियां स्थगित कर रहे हैं.
हरीश रावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वह 7 अक्टूबर को कुमारी शैलजा से मुलाकात करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि एक दिन की यात्रा को लेकर उन्होंने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से पहले ही माफी मांग ली थी. रावत ने पोस्ट के अंत में उत्तराखंड में कांग्रेस की गतिविधियों को लेकर सीधा सवाल किया. उन्होंने लिखा कि वह स्पष्टीकरण देंगे, लेकिन एक बात उनकी समझ से बाहर है कि इन दिनों कांग्रेस का कोई कार्यक्रम चल ही नहीं रहा है.
संगठित जनसंपर्क अभियान दिखाई नहीं दे रहा- हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं-कहीं एकाध प्रदर्शन जरूर हो रहे हैं और वह भी उनमें शामिल होते हैं. लेकिन जिलों, ब्लॉकों, सड़कों और ग्रामीण क्षेत्रों में कोई संगठित जनसंपर्क अभियान दिखाई नहीं दे रहा है. रावत के मुताबिक ऐसा लंबे समय से नजर नहीं आया है.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस की ओर से कोई संगठित जनसंपर्क अभियान नहीं चल रहा है तो उनकी धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा से पार्टी के कार्यक्रमों में कमजोरी कहां आ रही है.
हरीश रावत की टिप्पणी से गरमाई सियासत
रावत की इस टिप्पणी को कांग्रेस के भीतर संगठन की सक्रियता और जमीनी स्तर पर जनसंपर्क को लेकर उनके सवाल के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अपनी पोस्ट में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह 8-10 रैलियां स्थगित कर रहे हैं और पार्टी नेताओं से मुलाकात भी करेंगे.
इससे पहले भी हरीश रावत उत्तराखंड में कांग्रेस संगठन की गतिविधियों को लेकर अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं. उनकी ताजा पोस्ट ऐसे समय आई है जब वह अपनी जनसंवाद यात्रा को लेकर पार्टी के भीतर उठे सवालों का जवाब दे रहे हैं.