राजधानी देहरादून में श्रमिक सेवा केंद्र में आम जनता को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि हम अपने श्रमिक कार्ड बनवाने के लिए सुबह से यहां आ जाते हैं लेकिन यहां पर कभी सर्वर की दिक्कत हो जाती हैं और कभी टोकन नहीं मिलता है. इसकी वजह से उन्हें बिना श्रमिक कार्ड बनवाएं वापस लौटना पड़ता है.
लोगों का आरोप है कि दिन भर तपती धूप में खड़े रहने के बाद कर्मचारी सर्वर खराब होने की बात कहकर वापस लौटा देते हैं. लोगों की मांग है कि लोगों की सुविधा के लिए श्रमिक सेवा केंद्र में काउंटर को बढ़ाना चाहिए. साथ ही सर्वर की समस्या को हल करना चाहिए जिससे कि आसानी से श्रमिक कार्ड बनाएं जा सकें.
दरअसल, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सरकार ने पांच योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं का लाभ मजदूरों को लेबर कार्ड बनाने के तत्काल बाद मिलेगा. इसके लिए श्रम विभाग ठेका मजदूरों की पहचान के लिए उनका पंजीकरण कर लेबर कार्ड बना रहा है. श्रम विभाग की ओर से निशुल्क लेबर कार्ड बनाया जा रहा है. लेबर कार्ड बनते ही मजदूर का दुर्घटना बीमा हो जाएगा.
इसके लिए मजदूरों को किसी तरह का अंशदान नहीं करना पड़ेगा, पर लेबर कार्ड बनाने के लिये केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हुईं हैं, फिर भी शाम तक तपती धूप में खड़े रहने के बाद भी उनके कार्ड नहीं बन पा रहे हैं. इससे लोगों को मायूस होकर वापस जाना पड़ रहा है. केंद्र की तरफ से श्रमिकों को कहा जा रहा है कि सर्वर खराब चल रहा है जिससे कार्ड बनाने में दिक्कत आ रही है. हालांकि, हर बार केंद्र जल्द ही इस समस्या को हल करने की बात कर रहा है.