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मोदी को फिर से PM बनाने के लिए 10 बच्चे पैदा करें हिंदू : वासुदेवानंद

बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने हिन्दुओं को 10 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य ने यह बेतुका बयान दिया.

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Shankaracharya Vasudevananda Saraswati
Shankaracharya Vasudevananda Saraswati

बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने हिंदुओं से 10 बच्चे पैदा करने की अपील की है. उनका कहना है कि हिंदू 10 बच्चे पैदा करेंगे, तभी नरेंद्र मोदी दोबारा देश के प्रधानमंत्री बन सकेंगे. शंकराचार्य ने यह बात इलाहाबाद में चल रहे माघ मेले के दौरान कही.

शंकराचार्य ने कहा, 'हिंदुओं के एकजुट होने के कारण ही मोदी प्रधानमंत्री बन पाए.' उन्होंने कहा, 'बहुसंख्यक बने रहने के लिए हिंदुओं को 10 बच्चे पैदा करना जरूरी है.'

इससे पहले शनिवार को संगम किनारे आयोजित धर्म संगम के दौरान शंकराचार्य ने घर वापसी मुद्दे पर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था, 'हिन्दू धर्म से ही ईसाई, इस्लाम और सिख पंथ का जन्म हुआ है. इसलिए हर शख्स को अधिकार है कि वो अपने मूल आस्था की ओर लौटें.' उन्होंने कहा, 'घर वापसी पर कोई बंदिश न लगे इसलिए धर्म परिवर्तन के खिलाफ कोई कानून नहीं लागू होना चाहिए.'


उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने हाल ही में संत समागम महोत्सव में कहा था कि देश में चार पत्नियों और 40 बच्चों का फार्मूला नहीं चलेगा. अब समय आ गया है जब हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए हिन्दू महिलाएं कम से कम चार बच्चे पैदा करें. इस विवादास्पद बयान के लिए बीजेपी आलाकमान ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा है.

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पश्चिम बंगाल के जिला स्तर के एक नेता निकल गए. बीरभूम के बीजेपी नेता समीर गोस्वामी ने कुछ दिन पहले कहा था कि हिंदू महिलाओं को पांच-पांच बच्चे पैदा करने चाहिए. समीर गोस्वामी जिले के राजनगर में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा, 'हिंदू समाज को बचाने के लिए हर हिंदू महिला को कम से कम पांच बच्चे पैदा करने चाहिए.'


करने की सलाह देने का सिलसिला जारी रखते हुए उज्जैन के महामंडलेशवर स्वामी सत्यमित्रानंद ने कहा कि अगर हिन्दुओं ने तीन बच्चे पैदा नहीं किए तो हिन्दू समाज अल्पसंख्यक हो जाएगा.फिल्म 'पीके' को लेकर उपजे विवाद पर फ्रांस के पेरिस में हुए आतंकी हमले का उदाहरण देकर कहा कि हिन्दुओं को भी अपने भगवान के प्रति जागरुक होना चाहिए. भारत माता मंदिर के संस्थापक महामंडलेशवर स्वामी सत्यमित्रानंद ने उज्जैन में एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं.

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