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वक्फ बोर्ड के ट्रस्ट को मिला जमीन का मालिकाना हक, बाबर के नाम पर नहीं होगी मस्जिद

अयोध्या में भूमि पूजन से तीन दिन पहले रविवार को अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने मस्जिद की पांच एकड़ जमीन का मालिकाना हक का कब्जा सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दे दिया है. ट्रस्ट इस जमीन पर मस्जिद के अलावा अस्पताल और रिसर्च सेंटर बनाएगा. हालांकि, इस बनने वाली मस्जिद का नाम बाबर के नाम पर नहीं रखा जाएगा.

मस्जिद के लिए रौनाही की इस दरगाह के पास पांच एकड़ जमीन दी गई है मस्जिद के लिए रौनाही की इस दरगाह के पास पांच एकड़ जमीन दी गई है

  • मस्जिद के लिए जमीन का मालिकाना कब्जा ट्रस्ट को मिला
  • ट्रस्ट मस्जिद के अलावा अस्पताल और रिसर्च सेंटर बनाएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे, जिसके बाद मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा. वहीं, भूमि पूजन से तीन दिन पहले रविवार को अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने मस्जिद की पांच एकड़ जमीन का मालिकाना हक सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को सौंप दिया. वक्फ बोर्ड द्वारा गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने जमीन के कागजात जिलाधिकारी से प्राप्त किए हैं. अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का नाम अब बाबरी मस्जिद नहीं होगा, इस बात को ट्रस्ट ने साफ कर दिया है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत अयोध्या में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ भूमि दिए जाने का फैसला दिया था. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 5 फरवरी को ही अयोध्या जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम धन्नीपुर तहसील सोहावल में थाना रौनाही से लगभग 200 मीटर पीछे 5 एकड़ जमीन मस्जिद के लिए आवंटित की थी. इसी जमीन का मालिकाना कब्जा बुधवार को इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट अध्यक्ष जुफर फारुखी, वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सैय्यद मो. शोएब और ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने रविवार को अयोध्या के जिला अधिकारी से लिया.

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मुस्लिम समुदाय को बाबरी मस्जिद के बदले मिली पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने पिछले हफ्ते 'इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन' ट्रस्ट का गठन कर किया है. इस ट्रस्ट में अधिकतम 15 सदस्‍य होंगे. वक्फ बोर्ड ने निर्माण के लिए ट्रस्ट के 9 सदस्‍यों के नाम घोषित किए हैं बाकी 6 सदस्यों को मनोनीत किया जाएगा. वक्फ बोर्ड को मिली पांच एकड़ जमीन पर ट्रस्ट ने मस्जिद के अलावा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर बनाए जाने का लक्ष्य रखा है.

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मस्जिद के लिए बने ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने साफ तौर पर कहा कि बाबर के नाम पर मस्जिद का नाम नहीं होगा. उन्होंने कहा कि मस्जिद की बात होती है वो खुदा का घर होता है, ऐसे में उसका नाम किसी राजा के नाम पर हो या रंक के नाम पर, यह मायने नहीं रखता है. यहां लोग इबादत करने आएंगे. ऐसे में उनकी आत्मा और इबादत के प्रति उनकी पवित्रता मायने रखती है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी मस्जिद के नाम से ज्यादा हमारे लिए वहां निर्माण कार्य शुरू करना अहम है.

अतहर हुसैन ने बताया कि अब जल्द ही ट्रस्ट की बैठक बुलाकर आगे की योजना तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि कोरोना से कुछ राहत मिलते ही ट्रस्ट बैठक करेगा और 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण के साथ अस्पताल, विद्यालय और रिसर्च सेंटर भी स्थापित करने की रूप रेखा पर विचार-विमर्श किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की अगली बैठक में हम बाकी 6 मनोनीत सदस्यों के नाम को लेकर भी मंथन करेंगे. इसके लिए हमारी कोशिश है कि देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को शामिल कर उन्हें प्रतिनिधित्व दिया जाए.

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