हैदराबाद पुलिस और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो शहर के मीट मार्केट से कलेक्ट किया गया करीब 90 टन सड़ता हुआ कच्चा चिकन वेस्ट मछलियों के चारे के तौर पर सप्लाई करने की फिराक में था.
हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) और GHMC के वेटेरिनरी अधिकारियों के जॉइंट ऑपरेशन में हैदराबाद के कई इलाकों जैसे अंबरपेट, कुलसुमपुरा, अट्टापुर और राजेंद्रनगर - में छापेमारी के दौरान लगभग 90 टन सड़ता हुआ चिकन वेस्ट और सात ट्रांसपोर्ट गाड़ियां जब्त की गईं.
मछली तालाबों में था खपाने का प्लान
जांच करने वालों को पता चला कि शहर भर की चिकन की दुकानों से इकट्ठा किया गया पोल्ट्री वेस्ट, वैज्ञानिक तरीके से निपटान के लिए अधिकृत सुविधाओं में भेजने के बजाय बिना लाइसेंस के गैर-कानूनी तरीके से ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था.
शक है कि यह वेस्ट आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी जिले और तेलंगाना के नलगोंडा जिले के मछली तालाबों में भेजा जा रहा था, जहां कमर्शियल एक्वाकल्चर में इसे सस्ते चारे के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था.
पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ा 'बायोलॉजिकल' खतरा
अधिकारियों ने इस काम को पब्लिक हेल्थ के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बताया. कच्चे पोल्ट्री वेस्ट में, खासकर जब इसे सही साफ-सफाई के बिना ट्रांसपोर्ट और स्टोर किया जाता है, तो इसमें हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट और बीमारी फैलाने वाले अन्य पैथोजन हो सकते हैं.
एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि मछलियों को ऐसा वेस्ट खिलाने से जल स्रोत दूषित हो सकते हैं और इंसानी फूड चेन में बायोलॉजिकल खतरे आ सकते हैं.
हेल्थ अधिकारियों ने एक्वाकल्चर में बिना ट्रीट किए गए जानवरों के वेस्ट के इस्तेमाल को लंबे समय से हतोत्साहित किया है, क्योंकि इससे फूड-बॉर्न बीमारियों और पर्यावरण प्रदूषण का खतरा होता है. पोल्ट्री वेस्ट के गलत निपटान से बदबू, ग्राउंडवाटर प्रदूषण और बीमारी फैलाने वाले कीड़ों और चूहों की संख्या भी बढ़ सकती है.
पुलिस की सख्त एडवाइजरी
पुलिस के अनुसार, यह वेस्ट हैदराबाद भर की कई चिकन की दुकानों से इकट्ठा किया जा रहा था और एक संगठित अंतर-राज्यीय नेटवर्क के जरिए ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था. इस ऑपरेशन से वेस्ट मैनेजमेंट और फूड सेफ्टी नियमों के व्यवस्थित उल्लंघन का पता चला, जिसे अधिकारियों ने उजागर किया.
इसमें शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं और नेटवर्क से जुड़े ऑपरेटरों, ट्रांसपोर्टरों और अंतिम उपयोगकर्ताओं की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है.
हैदराबाद पुलिस ने एक सख्त पब्लिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें मछली पालकों और एक्वाकल्चर ऑपरेटरों को चारे के तौर पर कच्चे पोल्ट्री वेस्ट का इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी गई है.
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ऐसे काम न केवल नियमों का उल्लंघन करते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं की सेहत को भी खतरे में डालते हैं. GHMC के वेटेरिनरी अधिकारियों ने जब्त किए गए 90 टन चिकन वेस्ट को तय सुरक्षा नियमों के अनुसार नष्ट कर दिया.
फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने नागरिकों, मीट की दुकानों के मालिकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे पोल्ट्री वेस्ट को गैर-कानूनी तरीके से फेंकने, जमा करने या ट्रांसपोर्ट करने की जानकारी दें. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी गतिविधियों को रोकना लोगों की सेहत की सुरक्षा और फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है.