देश के पूर्व सेनाध्यक्ष और अब केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह को दादरी में अफवाह फैलाकर एक बेकसूर इंसान का सिर कुचलकर हत्या कर दिया जाना इतनी मामूली घटना लगती है कि उन्हें इसकी चर्चा तक मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि दादरी हत्याकांड को मीडिया और कुछ लोग बेवजह तूल दे रहे हैं.
वीके सिंह ने शनिवार को राजभवन में अपनी आत्मकथा 'साहस और संकल्प' के विमोचन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पूरी तरह से गलत है.
पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा, ' को लेकर देश का माहौल बेवजह खराब किया जा रहा है. इसको लेकर राजनीति की जा रही है. महेश शर्मा सरकार के प्रवक्ता नहीं हैं. उन्होंने जो बयान दिया, वह उनका निजी बयान था.'
सांप्रदायिक हत्याओं से आहत साहित्यकारों के पुरस्कार लौटाने को लेकर वीके सिंह ने कहा, 'साहित्यकारों को ऐसा नहीं करना चाहिए. क्या उनके मन में पहले कभी यह ख्याल नहीं आया कि किसी घटना को लेकर पुरस्कार लौटाए जाने की जरूरत है?'
मुंबई में सुधीर कुलकर्णी के चहरे पर कालिख पोते जाने के सवाल पर जनरल सिंह ने कहा कि चेहरे बहुतों के काले हुए हैं, क्या तब किसी ने आवाज उठाई? आज लोग हर बात में भगवाकरण की बात करते हैं. भगवे को लेकर एक अलग तरह का माहौल बनाया जा रहा है.
इनपुट: IANS