इंडियन आइडल फेम नाहिद आफरीन के खिलाफ फतवे जारी किए जाने का बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने भी विरोध किया है. उन्होंने आफरीन के समर्थन में ट्वीट किया कि वे ऐसे कट्टरपंथियों के सामने नहीं झुकेगी और गाना जारी रखेगी.
Fatwa against Nahid Afrin: Not afraid, will sing till my last breath, says 16-yr-old Indian Idol Junior runner up
— taslima nasreen (@taslimanasreen)
तसलीमा ने समर्थन में ट्वीट करते हुए कहा कि कोई भी धर्म व्यक्ति को जीना सिखाता है, लेकिन कुछ कट्टरपंथी मौलवी एक लड़की के सपनों की उड़ान को रोकना चाहते हैं. ऐसे फतवे जारी करने वाले मुल्लाओं को सजा मिलनी चाहिए. आफरीन के खिलाफ यह फतवे इसलिए जारी किए गए हैं ताकि उसे लोगों के सामने गाना गाने से रोका जा सके. नाहिद को खौफनाक अंजाम भुगतने की भी धमकी दी गई है.
A fatwabaz mullah issues a death threat to you,and gets away with it. Obviously it would inspire other mullahs to issue death threats to ppl
— taslima nasreen (@taslimanasreen)
There is no such thing as Allah's Islam and Mullah's Islam. Islam is one and that is Allah's Islam. Accept it or reject it.
— taslima nasreen (@taslimanasreen)
गौरतलब है कि मुस्लिम संगठनों के मौलवियों ने नाहिद के खिलाफ फतवा जारी करते हुए उन्हें मंच पर प्रस्तुति देने से मना किया है. उनका कहना है कि किसी भी लड़की का मंच पर प्रस्तुति देना शरिया कानूनों के खिलाफ है. इस पर आफरीन ने कहा कि 'मैं एक गायिका हूं और संगीत मेरी जिंदगी है. अल्लाह ने मुझे अच्छी आवाज बख्शी है. इस पर भी तसलीमा ने करते हुए कहा कि इस तरह से किसी भी महिला का गाना या मंच पर प्रस्तुति देना शरिया के खिलाफ नहीं है.
बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सोनोवाल ने भी आफरीन का समर्थन करते हुए बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि 'कलाकारों की आजादी लोकतंत्र का सार है. वहीं असम के कई संगठन और भारी संख्या में लोग नाहिद के समर्थन में खड़े हो गए. असम के मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने भी नाहिद को खतरे से जुड़ी खबरों के मद्देनजर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया.