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फैक्ट चेक: अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ बताकर वायरल हुए ये वीडियो मणिपुर और जम्मू-कश्मीर के हैं

सोशल मीडिया पर दो वीडियो अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की 60 किलोमीटर तक घुसपैठ का दावा करते हुए वायरल हो रहे हैं. हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा भ्रामक निकला. जांच में पता चला कि पहला वीडियो मणिपुर के कांगपोकपी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प का है, जबकि दूसरा वीडियो जम्मू-कश्मीर के बालटाल में अमरनाथ यात्रा के दौरान जुटी भीड़ का है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये अरुणाचल प्रदेश का वीडियो है जहां से चीनी सेना के जवानों को भारत में दाखिल होते हुए देखा जा सकता है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये मणिपुर का वीडियो है जहां कुछ प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हो गई थी. 

सुरक्षाबलों और आम जनता के बीच झड़प और धक्कामुक्की के दो वीडियो, सोशल मीडिया पर, अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ बताकर खूब शेयर किए जा रहे हैं. इन्हें पोस्ट करते हुए कई लोग दावा कर रहे हैं कि चीनी सेना, सीमा पार करके 60 किलोमीटर तक अंदर घुस चुकी है.  

पहले वीडियो में एक व्यक्ति कहता है, "राम-राम जी दोस्तों, ये आप वीडियो देख रहे हो न? ये चाइना वाले इंडिया के अंदर घुस रहे हैं. अरुणाचल प्रदेश में." "वीडियो पर लिखा है, 60 किलोमीटर अरुणाचल प्रदेश के अंदर चीनी सेना, हिंदू मुस्लिम करो, राज करो".  

Fact Check 2nd

इसी तरह, दूसरे वीडियो में एक शख्स कहता है, " भारत का बॉर्डर पार करके चाइना अंदर घुस रहा है. और इंडिया का नेता खाली अपना सीट के चक्कर में पूरे देश को बर्बाद कर रहा है. इतना अंदर घुस गया है, 60 किलोमीटर अंदर."

Fact Check 3rd

ऐसे ही दो पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है.

दरअसल, हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के 'नाह वेलफेयर सोसायटी' नाम के एक आदिवासी समूह ने दावा किया था कि चीन ने अपर सुबनसिरी जिले में जमीन पर कब्जा करके सड़कें और मिलिट्री कैंप बना लिए हैं. इसी संदर्भ में ये वीडियो वायरल हो रहे हैं.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि जहां पहला वीडियो मणिपुर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच की झड़प को दिखाता है, वहीं दूसरा वीडियो अमरनाथ यात्रा से संबंधित है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें 'दीमापुर टुडे' नामक न्यूज आउटलेट के 23 जून के एक पोस्ट में मिला. यहां इसे मणिपुर के Kangpokpi जिले की एक घटना से संबंधित बताया गया है. पोस्ट के मुताबिक, ये 22 जून का वीडियो है जब कुछ कुकी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाबलों के साथ झड़प हो गई थी.  

हमें इस घटना से संबंधित इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट की 22 जून की एक रिपोर्ट भी मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सुरक्षाबल, पक्षपाती तरीके से कुकी बहुल इलाकों में तलाशी अभियान चलाते हैं. वो इसी के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन जब जवानों ने हवाई फायर किए और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो लोगों में दहशत फैल गई. इस घटना में कम-से-कम तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

क्या है दूसरे वीडियो की कहानी?

दूसरे वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें सुशील सैनी नाम के एक व्यक्ति के 5 जुलाई के इंस्टाग्राम पोस्ट में मिला. यहां बताया गया है कि ये वीडियो जम्मू और कश्मीर के बालटाल का है, जो अमरनाथ यात्रा का मुख्य बेस कैंप है.

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साथ ही, यहां ये भी बताया गया है कि ये अमरनाथ यात्रा के तत्काल रजिस्ट्रेशन के लिए जुटी भीड़ का वीडियो है. हमने इस बारे में और जानकारी पाने के लिए सुशील सैनी से संपर्क किया. उन्होंने आजतक को बताया कि ये वीडियो बालटाल का है जो उनके दोस्त हर्षित ने रिकॉर्ड किया था. दिल्ली के निवासी सुशील ने आगे बताया कि ये वीडियो 4 जुलाई का है जब वो अपने दोस्तों के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए थे.  
   
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ पर सरकार ने क्या कहा है?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ और कब्जे से साफ इंकार किया. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सीमा का औपचारिक निर्धारण नहीं हुआ है. इसी वजह से LAC को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं. उन्होंने ये भी कहा कि कई बार दोनों देशों के जवान एक-दूसरे के दावे वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं.  

भारतीय सेना ने भी ‘चीनी सेना के कब्जे’ के इस दावे को गलत और आधारहीन बताया है.  

भारत-चीन सीमा पर समय-समय पर चीन की तरफ से अवैध घुसपैठ की खबरें आती रहती हैं. कई बार वहां इसको लेकर मामूली बहस और विवाद भी होता है और स्थिति बदलती रहती है. इसलिए घुसपैठ की हर खबर की सटीक तरीके से जांच करना मुश्किल है.

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