इराक में लापता भारतीय के बारे में जानकारी देने के लिए सुषमा स्वराज मंगलावार को लोकसभा में खड़ी हुईं लेकिन उन्हें पूरा बयान दिए बिना ही अपनी बात खत्म करनी पड़ी. लोकसभा में सांसदों ने जमकर नारेबाजी की इसी वजह से सुषमा सदन में अपना पूरा बयान नहीं दे सकीं.
लोकसभा में पूरा बयान न दे पाने के बाद सुषमा स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदन में हंगामा किया. उन्होंन कहा कि राज्यसभा में बयान देने के बाद लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हंगामे की अगुवाई की. उन्होंने कहा कि इस दुखद खबर पर भी कांग्रेस पार्टी राजनीति कर रही है.
लोकसभा में क्या हुआ
बजट सत्र के 12वें दिन भी लोकसभा में हंगामा चल रहा था. स्पीकर ने 12 बजे के बाद कार्यवाही शुरू होने पर कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एक अहम मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखना चाहती हैं. लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण सुषमा विस्तार से बयान नहीं दे सकीं और उन्होंने केवल इतना बताया कि 39 लोगों में से 38 के का मिलान होने के बाद उनके मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और एक अन्य व्यक्ति के डीएनए नमूने का भी 70 प्रतिशत मिलान हो चुका है.
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Shameful how opposition members did not let EAM Smt. make a statement in Lok Sabha on the horrific killing of 39 Indians by ISIS in Mosul, Iraq despite repeated appeals by the Speaker! They heartlessly continued to create ruckus for their partisan agenda.
— BJP (@BJP4India)
कांग्रेस और CPM का हंगामा
राज्यसभा में विदेश मंत्री बिना किसी हंगामे के अपना पूरा बयान दे चुकी थीं, लेकिन लोकसभा में ऐसा नहीं हुआ. सुषमा जब बयान देने के लिए खड़ी हुईं तो वेल में खड़े टीआरएस और AIADMK के सदस्य शांत हो गये लेकिन इस पर कांग्रेस, सीपीएम, एनसीपी और सपा समेत अन्य विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे.
विदेश मंत्री और आसन की ओर से कई बार सदस्यों से सहयोग की अपील की गई. सुषमा ने कहा कि वह इस विषय पर शोर-शराबे में विस्तार से जानकारी नहीं दे सकेंगी लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा. सुषमा ने कहा कि इतना ही शोर-शराबा रहा तो मैं नहीं बोल पाऊंगी और इतना कहकर वह बैठ गईं.
स्पीकर ने जताया दुख
लोकसभा अध्यक्ष ने इस पूरी घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि हम राजनीति में इतने कि इस भावनात्मक विषय पर भी विदेश मंत्री की बात नहीं सुन सकते. उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद स्थिति कभी नहीं आई होगी.
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर दु:ख प्रकट करते हुए कहा, ‘हम लोग मानवता से इतने बाहर हो गये हैं, हमारे अंदर कोई भावना नहीं है.' उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा ति देश में ऐसी दुखद स्थिति कभी नहीं आई होगी, कई महत्वपूर्ण काम होने हैं, लेकिन नहीं हो पा रहे, हिंदुस्तान के लोगों के लिए भी संवेदना नहीं है. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया.