करीब दो साल पहले भारतीय सेना के जांबाज लड़ाकों द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी किया गया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह भारतीय सेना के जवानों ने पूरी प्लानिंग के साथ आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया. सरकार के द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक की वीडियो जारी किए जाने पर कांग्रेस ने हमला बोला है.
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने ट्वीट कर लिखा कि हर चैनल सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो को एक्सक्लूज़िव बता रहा है. ये सरकार के द्वारा प्लांटेड प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए किया गया है, दुश्मनों के खिलाफ आपके स्ट्रेटेजिक मूव हमेशा से छुपे हुए रहने चाहिए. ये एक तरह की नीच राजनीति है या फिर सही पारदर्शिता?
उन्होंने लिखा कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तारीफ पाना चाहते हैं. ये उनका एक शानदार प्लान है. लेकिन अब जो आतंकी स्ट्राइक हो रही हैं और सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है उसका क्या?Coincidence that all Channels claim Surgical Strike video exclusive first telecast? Planted for propaganda purpose because strategic moves need to remain confidential to retain surprise element agst enemy? Shabby politics or genuine transparency?
— Salman Khurshid (@salman7khurshid)
आपको बता दें कि 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में तीन किमी भीतर जाकर इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था.PM Modi looking for appreciation for Surgical Strike. Well here it is: super execution of clever plan. Now how about putting an end to Terror Strikes and Cease fire violations?
— Salman Khurshid (@salman7khurshid)
सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारतीय सेना ने रॉकेट लॉन्चर, मिसाइलों और छोटे हथियारों से हमला किया था. यह हमला भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के कैंप हुए आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया था. पाकिस्तान की ओर से उरी में 18 सितंबर को हमला किया गया. इस घटना के 11वें दिन बाद सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया.
सर्जिकल स्ट्राइक के होने के बाद कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने इसपर सवाल खड़े किए थे और सबूत मांगे थे. हाल ही में कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज की किताब के विमोचन के मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने सर्जिकल स्ट्राइक को 'फ़र्जिकल स्ट्राइक' करार देते हुए आरोप लगाया था कि चीन, पाकिस्तान और बैंक को लेकर मोदी सरकार के पास कोई नीति नहीं है.