कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने शनिवार को पार्टी के महाधिवेशन को संबोधित करते हुए मोदी सरकार के खिलाफ करारा हमला बोला है. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में गुस्सा फैलाया जा रहा है, लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है. एक-दूसरे को आपस में लड़वाया जा रहा है.
सोनिया ने कहा कि राहुल ने चुनौतीपूर्ण समय में ज़िम्मेदारी संभाली है. हम सभी को निजी अहम और आकांक्षाओं को किनारे रखकर एकजुट होकर राहुल का साथ देना होगा. सोनिया के अनुसार कांग्रेस एक दल नहीं, एक सोच है, आंदोलन है. हमारे जीवन का अंग है कांग्रेस, इसमें सबको जगह है.
उन्होंने कहा कि पार्टी नए अध्यक्ष के साथ ऐसी पार्टी बने जो देश दुनिया का एजेंडा तय करे, सभी वर्गों की उम्मीदों को पूरा करे. 40 साल पहले इंदिराजी ने चिकमंगलूर में सब बदल दिया था. कर्नाटक में हमारा प्रदर्शन ऐसा हो, जो देश की राजनीति को नई दिशा प्रदान करे. गुजरात और राजस्थान से साबित हुआ क़ि जो लोग कांग्रेस के अस्तित्व को समाप्त करने की बात करते थे, जनता ने उन्हें बता दिया क़ि, वो कांग्रेस को प्यार करती है.
सोनिया ने कहा कि परिस्थितियों ने मुझे ऐसी दुनिया में आने को प्रेरित किया, जबकि मैं इस दुनिया में आना नहीं चाहती थी. 2003 में हमने सामान विचार वाली पार्टियों के साथ काम करना शुरू किया और 2004 में उसका रिजल्ट हमें मिला. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व में हमारी 5 सालों की मेहनत ने हमें 2009 में और बड़ी जीत दिलाई. यूपीए सरकार के दरम्यान देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी. सोनिया बोलीं कि अब वक्त आ गया है कि कांग्रेस राहुल गांधी के साथ आगे बढ़े.
सोनिया ने कहा कि जब मैं मुड़कर पीछे देखती हूं तो याद आता है कि सबने कितनी मेहनत कर 1998 से 2004 के बीच कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनाई, जिससे ताक़त मिली. 1998 में पचमढ़ी चिंतन शिविर में आम राय बनी कि एकला चलो. फिर 2003 में वक्त बदला तो गठबंधन का फैसला हुआ. फिर 2004 में हमने सरकार बनाई. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने बढ़िया सरकार चलायी, अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी. 2009 में हम और ज़्यादा सीटें लेकर आये. मनरेगा, भूमि अधिग्रहण, आरटीआई , भोजन का अधिकार जैसे कानून लाये गए.
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज देखकर बहुत दुख होता है कि हमारी ऐसी सफल योजनाओं को मोदी सरकार बर्बाद कर रही है. सत्ता के नशे में सरकार मदमस्त है. लेकिन कांग्रेस पार्टी न सत्ता के अहंकार के आगे झुकी है और ना झुकेगी. विपक्ष के खिलाफ फर्जी मुकदमे लगाना, मीडिया को सताना जैसे काम ये तानाशाह मोदी सरकार कर रही है.
सोनिया ने कहा कि कुर्सी के लिए मोदी झूठी नारेबाजी कर रहे हैं, कांग्रेस उन्हें 2019 में सबक सिखाएगी. सोनिया ने यह भी कहा कि मोदी सरकार विपक्ष की आवाज को दबा रही है .
देश को सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही रास्ता दिखा सकती हैः राहुल गांधी
इससे पहले अपने भाषण में राहुल ने कहा कि वह इस अधिवेशन में दो भाषण देंगे, इसलिए शुरुआती भाषण में वह थोड़ा बोलेंगे. उन्होंने कहा कि अपने समापन भाषण में वह लोगों की बात को सुनकर अपनी बात को रखेंगे.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देश को जोड़ने की बात की है. हाथ के निशान की ताकत से ही देश को आगे बढ़ाया जा सकता है. राहुल ने कहा कि पार्टी नए तरीके से आगे बढ़ेगी, युवा लोग पार्टी को चलाएंगे लेकिन सीनियर नेताओं को साथ लेकर ही पार्टी आगे बढ़ेगी.
राहुल ने कहा कि देश को सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही रास्ता दिखा सकती है. जब किसान, मजदूर, गरीब लोग मोदी सरकार की तरफ देखते हैं तो उन्हें रास्ता नहीं दिखता है. बीजेपी वाले गुस्से का प्रयोग करते हैं, लेकिन हमारी पार्टी प्यार से आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि ये देश हर किसी का है, हर धर्म वाले का है.

महाधिवेशन को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हमने उपचुनावों में जीत हासिल की है. हमें चुनौती देने वाले देख लें. अब हम राज्यों में सरकार बनाने के साथ-साथ 2019 का चुनाव भी जीतेंगे.
कांग्रेस को सिर्फ कांग्रेस ही हरा सकती है: खड़गे
अधिवेशन में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने देश में विकास का काफी काम किया. उन्होंने कहा कि देश में आज अनाज की खदानें हैं, इसरो की शुरुआत, कंप्यूटर सब कांग्रेस के राज में ही हुआ है. उन्होंने कहा कि जो लोग अंधे हैं उन्हें विकास नहीं दिखेगा. खड़गे ने कहा कि सिर्फ चाय वाला होने से कुछ नहीं होता, देश के लिए कुछ करना भी पड़ता है. आज देश में हर कोई परेशान है.
कांग्रेस पार्टी हर-एक देश वासियो की है। श्री जवाहरलाल नेहरू के दूरदर्शी नेतृत्व में , कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर उद्योगों, सिंचाई परियोजनाओं की स्थापना की और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया: Shri
— Congress (@INCIndia)
खड़गे ने कहा कि पिछले काफी समय से मैं चुनकर आ रहा हूं, क्योंकि कांग्रेस पार्टी मेरा साथ देती है. अगर कांग्रेस को कोई हरा सकता है, तो सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही हरा सकती है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी हमारी पार्टी के अंदर ही अलग होते हैं. एक-दूसरे को हराने की कोशिश करते हैं, मुख्यमंत्री बनने की कोशिश करते हैं. या फिर मंत्री बनने की सोचते हैं. हमें ये सब छोड़कर आगे बढ़ना होगा.
उन्होंने कहा कि यूपी के सीएम कर्नाटक में प्रचार कर रहे हैं, लेकिन अपना घर नहीं संभल रहा है. कांग्रेस पार्टी कर्नाटक में सरकार बनाएगी. जिस तरह बीजेपी और आरएसएस के लोग घर-घर जाकर प्रचार करते हैं, उसी तरह हमें भी काम करना होगा.
'दलितों और पिछड़ों की आवाज बने राहुल गांधी'
कार्यक्रम में दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि पिछले एक दशक में राहुल गांधी दलितों और पिछड़ों की आवाज बन गए हैं. माकन ने कहा कि देश की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा करना अब राहुल गांधी के हाथ में है.
राहुल के भाषण के साथ हुआ अधिवेशन का आगाज
इससे पहले शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस महाधिवेशन की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण के साथ हुई. इसके बाद स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया गया और कांग्रेस के दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई.
नेता नहीं कार्यकर्ताओं का अधिवेशन
अधिवेशन के दौरान मंच पर कोई भी नेता मौजूद नहीं रहेगा. पार्टी संदेश देना चाह रही है कि ये नेतृत्व नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं का अधिवेशन है. अधिवेशन में बूथ और जिला स्तर के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रस्ताव पर बोलने का मौका मिलेगा.
राहुल ने बदला ट्विटर हैंडल
अधिवेशन शुरू होने से पहले राहुल ने ट्वीट कर सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया. अधिवेशन से ठीक पहले राहुल ने अपना ट्विटर अकाउंट @OfficeOfRG से बदलकर @RahulGandhi कर लिया. कांग्रेस ने अधिवेशन शुरू होने से पहले मोदी सरकार के खिलाफ 5 बुकलेट जारी की हैं. इन बुकलेट को कार्यकर्ताओं के बीच बांटा जाएगा.
इन मुद्दों पर है बुकलेट -
1. युवा, नौकरी, महिला, अल्पसंख्यक
2. अर्थव्यवस्था
3. राष्ट्रीय सुरक्षा
4. मोदी सरकार की लूट
5. किसानों के मुद्दों पर
Welcome delegates and distinguished guests to the .
Over the next two days I look forward to interacting with you and to sharing experiences and perspectives that will together help us build a stronger, more vibrant Congress party.
Jai Hind.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
84th Session starts ...
— Supriya Bhardwaj (@Supriya23bh)
बैठक में बनी रणनीति
से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इस विषय पर समिति की बैठक हुई. इसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता एके एंटनी, जनार्दन द्विवेदी और पार्टी के प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया.
बैठक में महाधिवेशन के दौरान पारित किए जाने वाले चार प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया. इनमें राजनीतिक, आर्थिक, विदेशी मामलों तथा कृषि, बेरोजगारी एवं गरीबी उन्मूलन के प्रस्ताव शामिल हैं. पार्टी हर क्षेत्र पर अपना दृष्टिकोण रखेगी और वर्तमान परिदृश्य से उसकी तुलना करेगी.
UPA Chairperson Smt Sonia Gandhi, Former Prime Minister Dr Manmohan Singh and Congress President Rahul Gandhi with senior Congress Leaders at the meeting of the Subjects Committee of the Congress Plenary at Constitution Club, New Delhi
— Congress (@INCIndia)
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि इन चारों प्रस्तावों को चिंतन बैठक में अंतिम रूप दिया गया. उन्होंने कहा कि महाधिवेशन में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विचार जानने के बाद उनके अनुरूप इनमें संशोधन करने के बाद ही पारित किया जाएगा.