प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिए गए ये तीन बयान हैं जो उन्होंने पिछले साल हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद दिए थे. वहीं उत्तर प्रदेश के महाराजगंज स्थित फरेंदा क्षेत्र के हरपुर बेलहिया निवासी पंकज त्रिपाठी भी पुलवामा हमले में शहीद हुए थे. इसके अलावा भारत का मौजूदा आर्थिक माहौल हमारे पूर्व अनुमान से भी कमजोर है और उसे जल्द ही महत्वाकांक्षी संरचनात्मक और वित्तीय सुधार करने की जरूरत है, जिससे कि मध्यावधि में राजकोष बढ़े. पढ़ें शुक्रवार सुबह की 5 बड़ी खबरें :-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिए गए ये तीन बयान हैं जो उन्होंने पिछले साल हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद दिए थे. इन बयानों ने ही उस कहानी को बयां कर दिया था कि अपने 40 जवानों को खोने का गम जो पूरा देश मना रहा था वो पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरपरस्तों के जीवन पर काल बनकर टूटने वाला है. और हुआ भी कुछ ऐसा ही 14 फरवरी को आतंकी हमला किया गया और 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में बम बरसा दिए और तहलका मचा दिया.
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज स्थित फरेंदा क्षेत्र के हरपुर बेलहिया निवासी पंकज त्रिपाठी भी पुलवामा हमले में शहीद हुए थे. पंकज सीआरपीएफ में चालक के पद पर तैनात थे. पंकज अपने पीछे प्रतीक के रूप में एक बेटा छोड़ गए. प्रतीक का जन्म 2016 में हुआ था. पंकज की शहादत के समय पत्नी रोहिणी गर्भवती थी. कुछ समय बाद शहीद के घर किलकारी गूंजी और शहीद की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया.
भारत का मौजूदा आर्थिक माहौल हमारे पूर्व अनुमान से भी कमजोर है और उसे जल्द ही महत्वाकांक्षी संरचनात्मक और वित्तीय सुधार करने की जरूरत है, जिससे कि मध्यावधि में राजकोष बढ़े. इसके लिए भारत को एक रणनीति के तहत काम करना होगा. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हाल ही में पेश किए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही.
चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में फैल गया है. जापान में एक लग्जरी क्रूज डायमंड प्रिंसेस को योकाहामा पोर्ट पर सरकार ने आइसोलेट करके रखा है. इस जहाज के 219 यात्री कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें दो भारतीय हैं. जहाज पर क्रू और टूरिस्ट को मिलाकर कुल 138 भारतीय हैं.
14 फरवरी का दिन क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड के प्यार नहीं, पराक्रम को याद दिलाता है. 124 साल पहले आज ही के दिन 1896 में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को उसके घर में बेरहमी से रौंद डाला था और उसके Valentine's Day को सदमे में तब्दील कर दिया था. 13 फरवरी को शुरू हुए पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट को अंग्रेजों ने अगले ही दिन 14 फरवरी को 288 रनों से जीत लिया. सच तो यह है कि इस खास दिन के मौके पर इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को महज 30 रनों पर ढेर कर तहलका मचा दिया था.