NEET पेपर लीक मामले से जुड़े विवाद को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर बड़ी बैठक हुई. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, NTA डीजी अभिषेक सिंह, पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे. ये मीटिंग करीब 40 मिनट चली.
इस बैठक में तय हुआ कि NEET पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन और अंतिम छात्र के हाथ पेपर पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया पर पीएमओ अधिकारियों की कड़ी निगरानी की जाएगी. शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं और हर छोटी-बड़ी जानकारी लगातार दी जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक, अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद प्रधानमंत्री के निर्देश पर ही पिछली परीक्षा रद्द की गई थी. अब 21 जून को होने वाली परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल होंगे. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार परीक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं.
NTA के डायरेक्टर को किया तलब
विवाद के केंद्र में रही एजेंसी एनटीए (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह को इस बैठक में विशेष रूप से तलब किया गया था. उनके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे जो परीक्षा के आयोजन में हुई गड़बड़ियों और शिकायतों पर सीधा फीडबैक ले रहे थे.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय इस वक्त नीट विवाद से घिरा हुआ है. छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन और विपक्ष की आलोचना के बीच केंद्र सरकार उच्च स्तर पर मामले की समीक्षा कर रही है.
अब तक 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार
नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसके बाद पेपर लीक के आरोपों के चलते परीक्षा रद्द कर दी गई है. CBI ने इस मामले की जांच में धीरे-धीरे पॉइंट्स को जोड़ रही है और अब तक 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी (मास्टरमाइंड माना जा रहा है), लातूर के डॉक्टर मनोज शिरुरे, पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षदकुमार शाह और अन्य शिक्षक एवं कोचिंग से जुड़े लोग शामिल हैं.
बता दें कि कुलकर्णी को इस पूरे पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. एजेंसी की जांच में सामने आया था कि प्रोफेसर कुछ सालों पहले सब्जेक्ट ऑबजर्बर के तौर पर एनटीए से जुड़ा था, लेकिन धीरे-धीरे उसने लापरवाही का फायदा उठाकर अपनी पहुंचे फाइनल होने वाले अंतिम पेपरों तक बना ली.
CBI के अनुसार, NTA से जुड़े कुछ लोगों ने अपनी पहुंच का दुरुपयोग कर प्रश्न लीक किए और उन्होंने ही पेपर को आगे छात्रों और कोचिंग संचालकों तक पहुंचाया गया.