दिल्ली में मंगलवार को विदेश सचिव स्तर की बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के सामने कश्मीर का मुद्दा उठाया. दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच लगभग पौने दो घंटे तक चली इस बैठक में भारत ने मजबूती के साथ आतंकवाद का मुद्दा उठाया. भारत ने पाकिस्तान से पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की पाकिस्तान में जांच तेज करने की मांग की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने नई दिल्ली में बताया कि भारत ने जांच के काम को तेज करने की मांग की है.
FS emphasised on the need for early & visible progress on the terrorist attack investigation:MEA on India-Pak FS meet
— ANI (@ANI_news)
FS clearly conveyed that the Pakistan cannot be in denial on the impact of terrorism on the bilateral relations: MEA
— ANI (@ANI_news)
इसके अलावा भारत ने मुंबई हमलों की पाकिस्तान में जांच तेज करने और अजहर मसूद पर बैन के मामले को भी उठाया. विकास स्वरूप ने कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद की समस्या को लेकर चिंता जताई है. विकास स्वरूप ने कहा कि हमने पाकिस्तान में अपहृत पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद मुहैया कराने देने की पाकिस्तान से अनुमति देने का अनुरोध किया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों ने मछुआरों और एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों के मामलों को मानवीय रूप में देखने पर भी सहमति जताई.
Discussions also covered humanitarian issues including those pertaining to fishermen and prisoners: Vikas Swarup,MEA
— ANI (@ANI_news)
पाकिस्तानी प्रवक्ता के मुताबिक, पाक विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी ने बैठक में जोर देकर कहा कि कश्मीर ही दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दा रहेगा और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और कश्मीरियों की इच्छा के आधार पर होना चाहिए. पाकिस्तान ने इस बैठक में रॉ ऑफिसर कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि रॉ कराची और बलूचिस्तान में गलत गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. पाकिस्तान ने समझौता ब्लास्ट के आरोपी की रिहाई पर भी चिंता जताई.
साउथ ब्लॉक में हुई इस बैठक में भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर, उनके पाकिस्तानी समकक्ष एजाज अहमद चौधरी और भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित मौजूद रहे. पाकिस्तानी विदेश सचिव ने उम्मीद जताई कि दोनों देश इसी तरह उच्चस्तरीय संपर्क जारी रख आपसी भरोसा बढ़ाएंगे और वार्ता की प्रक्रिया को आगे भी जारी रखेंगे.
Another important bilateral for Foreign Secretary as he meets with his Pakistan counterpart Aizaz Ahmed Chaudhry
— Vikas Swarup (@MEAIndia)
क्यों अहम थी ये बैठक?
यह इसलिए बहुत अहम थी क्योंकि पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों की इस तरह की ये पहली मीटिंग है. यह बैठक ऐसे समय में हुई, जबकि दोनों पक्षों ने हाल ही में घोषणा की कि वे विदेश सचिव स्तर की
बैठक को लेकर एक-दूसरे के संपर्क में हैं, जो व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की रूपरेखा तय करेंगे.
दक्षेस बैठक में मिले थे दोनों विदेश सचिव
जानकारी के मुताबिक बातचीत में मुख्य फोकस और इस संबंध में एनआईए की टीम के संभावित दौरे पर रहेगा. बीते साल दिसंबर में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के इस्लामाबाद में सीबीडी की घोषणा करने के बाद से जयशंकर और चौधरी के बीच यह पहली औपचारिक बैठक होगी. दोनों सचिवों ने इस साल मार्च में नेपाल में दक्षेस की एक बैठक के दौरान थोड़ी देर के लिए अनौपचारिक रूप से बातचीत की थी.
हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे चौधरी
हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में अमेरिका, चीन, रूस, अफगानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान सहित कई देशों के सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे. इस साल हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है. इसमें 14 देशों के अलावा 16 सहायक देश और 12 अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं.