जम्मू-कश्मीर के एस्टेट डिपार्टमेंट ने पिछली मुफ्ती सरकार के 24 मंत्रियों को बंगले खाली करने के लिए नोटिस दिए हैं. फिलहाल प्रदेश में राज्यपाल शासन लागू है. राज्य में कोई मौजूद सरकार नहीं है, फिर भी सभी 24 विधायक, मंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं.
अभी तक सिर्फ मुफ्ती मोहम्मद सईद के परिवार ने श्रीनगर और जम्मू में सरकारी घर खाली किए हैं.
पीडीपी-बीजेपी के बीच कश्मकश
फिलहाल जम्मू-कश्मीर में जल्द सरकार बनने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जल्दबाजी में सरकार बनाने के मूड में नहीं हैं, हालांकि हाल ही में उन्होंने दिए थे.
सईद के निधन के बाद राज्यपाल शासन
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का इस साल 7 जनवरी को निधन हो गया था. पीडीपी ने बीजेपी के 25 विधायकों के साथ मिलकर मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में 10 महीने तक गठबंधन सरकार चलाई थी. मुफ्ती की उत्तराधिकारी मानी जा रही उनकी बेटी का कोई दावा पेश नहीं किया, जिसके बाद 8 जनवरी को प्रदेश में राज्यपाल शासन लागू हो गया. 87 सीटों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीडीपी के 27 विधायक हैं.