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आतंक विरोधी अभियानों के LIVE प्रसारण पर लगेगी रोक

टेलीविजन चैनलों द्वारा आतंक विरोधी अभियानों के लाइव प्रसारण पर जल्दी ही रोक लगने की संभावना है. गृह मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से ऐसे प्रसारण रोकने के लिए नियमों में संशोधन करने को कहा है.

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टेलीविजन चैनलों द्वारा के लाइव प्रसारण पर जल्दी ही रोक लगने की संभावना है. गृह मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से ऐसे प्रसारण रोकने के लिए नियमों में संशोधन करने को कहा है.

मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले के दौरान हुए अप्रिय अनुभवों का जिक्र करते गृह मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से 'केबल टेलीविजन नेटवर्क रूल्स' के तहत कार्यक्रम संहिता में संशोधन करने को कहा ताकि भविष्य में आतंकवाद से संबंधित किसी भी अभियान का सीधा प्रसारण नहीं हो सके. मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान समाचार चैनलों ने एनएसजी अभियान का सीधा प्रसारण किया था.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा इस प्रकार के सीधे प्रसारण से न सिर्फ अभियान की प्रभावशीलता और गोपनीयता प्रभावित होती है बल्कि सुरक्षाबलों, आम लोगों और पत्रकारों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है. गृह मंत्रालय द्वारा करीब एक महीना पहले भेजे गए इस अनुरोध पर सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अभी जवाब नहीं दिया है.

नेशनल ब्रॉडकास्टर एसोसिएशन ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के बाद निजी प्रसारकों की ओर से स्वनियमन उपाय के तहत कई नियम जारी किए थे, जिनमें ऐसी स्थिति के सीधे प्रसारण पर रोक की बात भी शामिल है. हालांकि आतंकवाद विरोधी अभियान के सीधे प्रसारण पर अब तक आधिकारिक रूप से कोई प्रतिबंध नहीं है.

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गृह मंत्रालय इस उद्देश्य के लिए केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम-1994 के तहत 15 सूत्री कार्यक्रम संहिता में और बदलाव के लिए कह रहा है. नियमों में 2009 में संशोधन किया गया था, जब निजी प्रसारकों को केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के दायरे में लाया गया था. मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान टेलीविजन चैनलों ने सुरक्षा बलों के विभिन्न कदमों, हेलीकॉप्टरों से कमांडो के उतरने आदि का सीधा प्रसारण किया था. इस पर अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया था.

उस समय सूचना प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों के लिए दिशानिर्देश जारी किया था और उनसे आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं के प्रसारण में एहतियात बरतने को कहा था.

-इनपुट भाषा से

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