ललित मोदी विवाद पर कांग्रेस पार्टी केंद्र की मोदी सरकार को बचने का कोई मौका नहीं देना चाहती. कांग्रेस इस मामले को जिंदा रखना चाहती है और इसी कड़ी में सोमवार को गुलाम नबी आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पांच सवाल रखे. कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह को क्लीन चिट दिए जाने पर ऐतराज जताया है.
Everyday there are new scandals being exposed on the , but PM is silent :
— INC India (@INCIndia) In Jan 2015, Add Solicitor Gen had told HC that investigation shall be taken to logical conclusion:
— INC India (@INCIndia)
ED and Ad Solicitor Gen Gives undertaking to HC, but Finance Min says that Dushyant Raje case is just commercial transaction:
— INC India (@INCIndia)
We charge the Finance Minister of influencing the ED probe in Raje's son and Lalit Modi's case:
— INC India (@INCIndia)
Whether Smt. Sushma Swaraj & Vasundhara Raje are not guilty of FEMA, Money Laundering & Passport Acts?:
— INC India (@INCIndia)
What made the Finance Minister give a clean chit to Vasundhara Raje & Lalit Modi, when ED is probing:
— INC India (@INCIndia)
PM apne "nidra-aasan" se uthey, aur humaare prashano ka jawaab de:
— INC India (@INCIndia)
'वसुन्धरा राजे के साथ कल भी और आज भी'एक दिन की यात्रा पर जयपुर पहुंचे केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं. आरोपों में न कोई वैधानिकता है और न किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ है.
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ' लगे हैं वे बेबुनियाद हैं. जहां तक इनके बेटे पर लगे आरोप का मामला है, वह पूरी तरह से व्यावसायिक लेनदेन है और इसका आयकर रिटर्न भी दाखिल किया गया है. किसी से कर्ज पर पैसा लेना कोई गुनाह नहीं है. इस प्रकार की डील को इस तरह राजनैतिक विवादों में लाने की जो कोशिश की जा रही है वह दुर्भाग्यपूर्ण है. चाहे वह का.'
उन्होंने कहा, 'वसुन्धरा कानूनी तौर पर तार्किक दृष्टि से और नैतिक मूल्यों की दृष्टि से बिल्कुल सही हैं. कहीं उनकी कोई गलती नहीं है. कोई भ्रष्टाचार नहीं है और गैरकानूनी लेनदेन नहीं है. आरोपों में तथ्य नहीं है और यह आरोप निराधार हैं. इस प्रकार की राजनीति करना मुझे लगता है ठीक नहीं है और किसी को भी इस प्रकार बदनाम करना उचित नहीं है.'