तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ टिप्पणी करने वाले डीएमके विधायक के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है. पुलिस ने सोमवार (20 जुलाई) को डीएमके के विलाठिकुलम विधायक जी. वी. मार्कंडेयन को मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानिकारक भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
डीएमके विधायक को गिरफ्तार करने के लिए जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो उनके समर्थकों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि समर्थकों के विरोध के बीच पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई तमिलगा वेट्री कजगम के पदाधिकारी पी. कासीराम की शिकायत के बाद की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विधायक ने अपने विवादित भाषण में मुख्यमंत्री को धमकी दी और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की.
पुलिस ने पी. कासीराम की शिकायत पर मार्कंडेयन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की तीन धाराओं- आपराधिक धमकी, सार्वजनिक शांति भंग करने की नीयत से जानबूझकर अपमान करने और झूठी जानकारी फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई को जिले के कोविलपट्टी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मार्कंडेयन ने मुख्यमंत्री के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जिन्हें आपत्तिजनक माना गया.
विधायक ने किया विरोध
गिरफ्तारी के बाद वायरल वीडियो में विधायक यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह विधायक हैं, इसलिए तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता. हालांकि पुलिस ने उन्हें समझाने के बाद थाने ले गई. मार्कंडेयन हाल के दिनों में तूतुकुड़ी से गिरफ्तार होने वाले डीएमके के दूसरे विधायक हैं. इससे पहले तिरुचेंदूर विधानसभा सीट से विधायक और पूर्व राज्य मंत्री अनिता आर. राधाकृष्णन को 3 जुलाई को मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. डीएमके ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सत्तारूढ़ दल पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है.