रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि फरवरी 2021 तक हम 18 राफेल विमानों की डिलीवरी हासिल करेंगे और अप्रैल-मई 2022 तक हमें सभी 36 विमान मिल जाएंगे. पहले चार विमानों की खेप मई 2020 तक भारत पहुंच जाएगी. उन्होंने कहा कि यह हमारी आत्मरक्षा का एक हिस्सा है न कि किसी के खिलाफ आक्रामकता का संकेत. ये एयरक्राफ्ट एक निवारक है.
विमान पर ऊं लिखकर की पूजा
राजनाथ सिंह ने विमान सौंपे जाने के बाद शस्त्र पूजा की. इस दौरान उन्होंने विमान पर ऊं लिखकर पूजा की. इतना ही नहीं, राफेल की टेस्टिंग उड़ान से पहले उसके पहियों के नीचे दो नींबू भी रखे गए, जो कि धार्मिक रीति-रिवाजों का हिस्सा माना जाता है.
सोचा नहीं था की ऐसे एयरक्राफ्ट में उड़ूंगाः राजनाथ
राफेल विमान की शस्त्र पूजा के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राफेल विमान में उड़ान भरी. उनकी उड़ान करीब 30 मिनट की थी. इससे पहले हाल ही में राजनाथ सिंह ने भारत में तेजस विमान उड़ाया था. उड़ान के दौरान उनके साथ दसॉ एविएशन के हेड टेस्ट पायलट फिलिप ड्यूचेटो मौजूद रहे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये उड़ान बेहद रोमांचक और बहुत आरामदायक रही. ये पल बेमिसाल और अनोखा था. मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं किसी सुपर सोनिक स्पीड एयरक्राफ्ट में उड़ूंगा.
Defence Minister Rajnath Singh after taking a sortie in the jet : It was a very comfortable and smooth flight. It was an unprecedented moment, I had never thought that one day I will fly at super sonic speed in a combat aircraft.
— ANI (@ANI)
इससे पहले दसॉ एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने मेरीनेक एयरबेस पर राजनाथ सिंह का स्वागत किया. उन्होंने ट्रैपियर और फ्रांस के अधिकारियों की अगुवाई में दसॉ एविएशन के संयंत्र का दौरा किया. विमान को सुपुर्द करने से पहले राजनाथ सिंह को विमान विनिर्माता के इतिहास पर एक संक्षिप्त ऑडियो-वीडियो क्लिप दिखाई गई. उनके फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ले विमान को सुपुर्द करने के कार्यक्रम में मौजूद रहे.
किसने तैयार किया था मूल आधार ?
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 'पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर रणनीतिक साझेदारी के लिए मूल आधार तैयार किया था. हम उनके आभारी हैं. आज का दिन भारत और फ्रांस के लिए मील का पत्थर और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की नई ऊंचाई का दिन है.'
उन्होंने भारत ने विमान को प्राप्त करने के लिए 8 अक्टूबर का दिन सिर्फ दशहरा की वजह से नहीं, बल्कि 8 अक्टूबर के दिन हर वर्ष मनाए जाने वाले वायुसेना दिवस की वजह से चुना. दशहरा हिंदू परंपरा के अनुसार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और सदियों से दशहरा उत्सव के दौरान शस्त्र पूजा की परंपरा रही है.
क्या है राफेल विमान की कीमत?
इधर, दसॉ एविएशन के सीईओ Eric Trappier ने कहा कि आज हमारे लिए गर्व का पल है. साथ ही भारतीय वायुसेना के लिए भी बड़ा दिन है. उन्होंने कहा कि हमने वही किया जो करार में था. बता दें कि भारत ने फ्रांस और दसॉ एविएशन के साथ 36 राफेल विमान के लिए एक अंतर-सरकारी समझौता किया है. इन विमानों की कीमत 59,000 करोड़ रुपये है.