तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार (17 जुलाई) को चेन्नई के सैदापेट स्थित एम.सी. राजा सोशल जस्टिस हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने छात्रावास में रह रहे छात्रों से सीधे बातचीत कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. छात्रों ने मुख्यमंत्री के सामने खाने की क्वालिटी, सिक्योरिटी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें रखीं.
निरीक्षण के दौरान छात्रों ने बताया कि उन्हें परोसे जाने वाले भोजन में कई बार कीड़े मिलते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रसोई में खाना बनाने वाले कर्मचारी बिना ग्लव्स और कैप के काम करते हैं, जिससे स्वच्छता के स्टैंडर्ड का पालन नहीं हो रहा है.
छात्रों ने वार्डनों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई. उनका कहना था कि वार्डन उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं. इसके अलावा उन्होंने शिकायत की कि हॉस्टल परिसर में बाहरी असामाजिक तत्व घुस आते हैं और छात्रों को धमकाते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है.
यूपीएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने बताया कि हॉस्टल का गेट तय समय से पहले बंद कर दिया जाता है. देर होने पर वार्डन दरवाजा नहीं खोलते, जिसके कारण कई छात्रों को रात पार्कों में मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ती है.
शौचालय की हालत खराब
छात्रों ने यह भी बताया कि हॉस्टल के बाथरूम और बाथरूम की हालत बेहद खराब है. कई सुविधाएं टूटी हुई हैं और रेगुलर सफाई भी नहीं होती. स्पोर्ट फैसिलिटी भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे छात्रों को परेशानी हो रही है. सिक्योरिटी व्यवस्था को लेकर छात्रों ने कहा कि हॉस्टल में नियमों के मुताबिक 64 सीसीटीवी कैमरे होने चाहिए, लेकिन फिलहाल केवल कुछ ही कैमरे लगाए गए हैं.
छात्रावास का भी निरीक्षण
इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने अन्य पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) के छात्रों के लिए संचालित एक सरकारी हॉस्टल का भी निरीक्षण किया और वहां की जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया. इस दौरान सामाजिक न्याय मंत्री वन्नी अरसु, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपत कुमार और विभागों के सीनियर अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे.