दिल्ली के जंतर-मंतर से उठी आवाज अब सिर्फ सोनम वांगचुक की नहीं रह गई है बल्कि सरकार, विपक्ष और आंदोलनकारियों...तीनों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रही है. हुआ ये है कि आज सुबह-सुबह 21 दिन से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस उठा ले गई और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवा दिया. जिसके बाद सियासी गलियारे में बहस छिड़ गई. क्या यह एक मेडिकल इमरजेंसी थी या फिर लोकतांत्रिक विरोध के बीच प्रशासनिक दखल? देखें दंगल.