सार्वजनिक क्षेत्र की की यूनियनें घाटे में चल रही हैं. कंपनी के पुनरद्धार के लिए सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के विरोध में कंपनी कल से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल करेंगी.
फोरम ऑफ यूनियन्स एंड एसोसिएशंस के संयोजक वान नंबूदिरि ने बताया, 'बीएसएनएल सरकार की प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए घाटे में चल रही है. वर्ष 2000 में के पास करीब 40,000 करोड़ रुपये नकदी थी, लेकिन यह सभी पैसा ब्याज और स्पेक्ट्रम मूल्य के रूप में सरकार द्वारा ले लिया गया.'
उन्होंने कहा, का पुनरद्धार उपभोक्ताओं के हितों के लिए जरूरी है. यह फोरम दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है. उन्होंने कहा, प्रौद्योगिकी काफी सुधर गई है, इसलिए कुछ मामलों को छोड़ दें तो सेवा पर कोई खास असर नहीं होगा.
नंबूदिरि ने यह भी कहा कि संघ ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद से यूनियन से मिलने के लिए पांच बार अनुरोध किया है, लेकिन अभी तक समय नहीं दिया गया है.
-इनपुट भाषा