पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने फारुख अब्दुल्ला के बयान पर टिप्पणी की है. यशवंत सिन्हा ने फारुख अब्दुल्ला का समर्थन करते हुए उन्होंने राष्ट्रवादी करार दिया तो वहीं वह बोले कि अटल बिहारी वाजपेयी भी अलगाववादियों से बातचीत के समर्थन में थे. तो क्या वह भी एंटी नेशनल हो जाते हैं.
क्या देशद्रोही थे अटल?
यशवंत सिन्हा ने कहा कि फारुख अब्दुल्ला हमेशा से ही राष्ट्रवादी रहे हैं, उनका बयान चुनाव प्रचार के दौरान आया था. ऐसे में मैं ये नहीं कह सकता कि ये बयान किस संदर्भ में आया था. सिन्हा बोले कि अगर आज के समय में आप अलगाववादियों से बातचीत की पहल करते हैं तो आप देशद्रोही बन जाते हैं, तो क्या जी भी देशद्रोही थे.
These days,if you talk of dialogue with separatists,then you are called anti-national.Does it mean Atalji was anti-national?:Yashwant Sinha
— ANI (@ANI_news)
नहीं सुधरे हैं पाक से रिश्ते
यशवंत सिन्हा बोले कि पिछले 70 वर्षों में सुधर पाये हैं, क्योंकि दोनों देशों में विश्वास की कमी है. उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान की ओर से नकारत्मक्ता खत्म नहीं होगी, तब तक बात करने का कोई फायदा नहीं मिल सकेगा. वह बोले कि अगर चुनावों में बहुत हिंसा हुई होती तो कोई भी वोट डालने ना जाता.
क्या कहा था फारुख ने?
आपको बता दें कि फारुक अब्दुल्ला ने हाल ही में कश्मीर के युवाओं को लेकर टिप्पणी की थी, उन्होंने कहा था कि पत्थर फेंकने वाले देशहित में ऐसा करते हैं. फारुख अब्दुल्ला ने बयान में भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका को मध्यस्थता करने की बात कही थी. फारुख के इस बयान के बाद काफी बवाल मचा था.