कांग्रेस के सीनियर लीडर पी. चिदंबरम ने कहा है कि सलमान रश्दी की किताब 'द सैटेनिक वर्सेज' पर बैन लगाना राजीव गांधी सरकार की गलती थी.
ने एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा, 'मुझे यह कहने में हिचक नहीं है कि सलमान रश्दी की किताब पर बैन लगाना एक गलती थी.'
गलती कबूलने में 27 साल लग गए: सलमान रश्दी
चिदंबरम के बयान के बाद सलमान रश्दी ने ट्वीट करके सवाल खड़े किए हैं. सलमान रश्दी ने कहा कि गलती को स्वीकार करने में 27 साल लग गए.
This admission just took 27 years. How many more before the "mistake" is corrected?
— Salman Rushdie (@SalmanRushdie)
'असहनशीलता' पर जताई चिंता
चिदंबरम ने देश में असहनशीलता का माहौल पैदा होने पर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा, 'हाल के दिनों में समाज में असहनशीलता बढ़ गई है.'
गौरतलब है कि राजीव गांधी सरकार ने 1988 में सलमान रश्दी की किताब 'द सैटेनिक वर्सेज' पर बैन लगा दिया था. बैन लगने के बाद यह किताब और भी ज्यादा चर्चा में आ गई.
बहरहाल, चिदंबरम ने कांग्रेस सरकार के पुराने फैसले पर सवाल उठाकर एक बार फिर असहनशीलता के मामले को हवा दे दी है. वैसे लोकसभा में सोमवार को जब असहनशीलता के मुद्दे पर चर्चा होगी, तो बीजेपी को भी कांग्रेस पर पलटवार करने एक मौका मिल जाएगा.