उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में दूरदराज के गांव के एक परिवार ने बुधवार को दावा किया कि पाकिस्तान से लौटी गीता उनकी बेटी है.
गीता करीब एक दशक पहले अपने अभिभावकों से अलग हो गई थी. वह न तो बोल सकती है और न ही सुन सकती है. यूपी के अतरौली तहसील के उतरा गांव के निवासी बहुल सिंह ने कहा कि है और वह इसे साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट को तैयार हैं.
बहुल सिंह ने कहा कि डॉली 11 नवंबर, 2000 को लापता हो गई थी और इस बारे में बरला थाने में एक मामला दर्ज कराया गया था. बहुल के बेटे नरिन्दर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि वह तीन बहन और एक भाई थे.
नरिन्दर ने कहा कि उस दिन पूरा परिवार डॉली को छोड़कर तीर्थयात्रा पर गया था और वह गुस्से में घर से चली गई, फिर कभी नहीं लौटी.
इसके पहले प्रतापगढ़ के एक गांव के एक परिवार ने दावा किया था कि गीता उनकी सविता है, जो 12 साल पहले बिहार से लापता हो गई थी. परिवार ने भी कहा था कि वह डीएनए टेस्ट के लिए तैयार है.