पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सितंबर के मध्य में एक इंटरनेशनल मीडिया को दिए इंटरव्यू के इस अंश पर गौर करिए- “जब न्यूक्लियर हथियारों से लैस कोई देश अंत तक लड़ता है, मौत तक लड़ता है, तो इसके परिणाम होते हैं.” पढ़ें मंगलवार शाम की पांच बड़ी खबरें.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सितंबर के मध्य में एक इंटरनेशनल मीडिया को दिए इंटरव्यू के इस अंश पर गौर करिए- “जब न्यूक्लियर हथियारों से लैस कोई देश अंत तक लड़ता है, मौत तक लड़ता है, तो इसके परिणाम होते हैं.”अब उनके 30 अगस्त को न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखे ‘ओपिनियन’ के इन शब्दों को देखिए- “अगर दुनिया कश्मीर और इसके लोगों पर भारत के हमले को रोकने के लिए कुछ नहीं करेगी, तो उसके पूरी दुनिया के लिए नतीजे होंगे क्योंकि न्यूक्लियर हथियारों से लैस दो देश सीधे सैन्य टकराव के करीब होंगे.”
पीओके में आज शाम 4 बजकर 35 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.8 दर्ज की गई है. इतनी तेज जलजले से पूरा उत्तर भारत भी कांप उठा. पीओके के जाटलान इलाके में भूकंप का केंद्र बताया जा रहा है, जो कि मीरपुर के करीब है. शुरुआती खबरों के मुताबिक पीओके और पाकिस्तान दोनों जगहों पर भूकंप से भारी तबाही मची है. बताया जा रहा कि भूकंप से पाकिस्तान में 19 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 300 लोग घायल हैं. वहीं पीओके में 5 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की खबर है. वहां सड़कें बीच से फट गई हैं. गाड़ियां पलट गईं.
बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले एक्टर अमिताभ बच्चन को भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा 'दादा साहब फाल्के अवॉर्ड' दिया जाएगा. सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार शाम ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी. प्रकाश जावड़ेकर ने लिखा, "लीजेंड अमिताभ बच्चन जिन्होंने हमें दो पीढ़ियों तक एंटरटेन किया है. उन्हें एकमत ढंग से दादा साहब फाल्के अवॉर्ड के लिए चुना गया है. पूरा देश और इंटरनेशनल कम्युनिटी इस बारे में खुश है. मेरी उनको बहुत-बहुत शुभकामनाएं."
साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को झटका लगा है. टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घरेलू टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं. बीसीसीआई ने ट्वीट कर बताया कि पीठ के निचले हिस्से में मामूली फ्रैक्चर की वजह से वह आगामी टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे.
इकोनॉमिक सर्वे 2018-19 के पहले ही अध्याय में इस बात पर जोर दिया गया है कि बचत और निवेश पर जोर देने वाली नीति लानी चाहिए. इसके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अनुभव यह बताते हैं कि अर्थव्यवस्था में लगातार तेज बढ़त जारी रखने के लिए ऊंचा निवेश और बचत होना बहुत जरूरी है. उदाहरण के लिए चीन भी मुख्यत: ‘ऊंचे बचत और निवेश’ पर निर्भर रहा है. साल 2017 में इन दोनों की बढ़त दर जीडीपी के 45 फीसदी तक पहुंच गई थी, जब चीन का ग्रोथ रेट कुछ संयत था.