श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ईपीएफ पर 8.65 फीसदी के दर से ब्याज देने का फैसला किया है. इस मामले में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.
हाल ही में आरबीआई ने भी पेंशन से संबंधित कई सर्कुलर जारी किए थे. इस सर्कुलर के मुताबिक बैंक अगर पेंशनर्स के खाते में पेंशन डालने में देर करते हैं तो उन्हें जुर्माना देना होगा.
Ministry of Labour & Employment has notified 8.65% rate of interest on Employees' Provident Fund (EPF) for financial year 2018-19. pic.twitter.com/SCrGE58mS8
— ANI (@ANI) September 24, 2019
इंप्लाई प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (ईपीएफओ) के निर्णय लेनेवाले शीर्ष निकाय सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को बढ़ाकर 8.65 फीसदी करने का फैसला किया था.
ईपीएफओ वर्तमान में ईपीएफ निकासी दावों के तहत 2018-19 के लिए 8.55 फीसदी ब्याज दर का भुगतान कर रहा है. 2017-18 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.55 फीसदी ब्याज दर तय की गई थी.
2018-19 के लिए, ईपीएफओ ने 2017-18 में प्रदान की गई ब्याज दर 8.55 फीसदी को बढ़ाकर 8.65 फीसदी कर दी है. ईपीएफओ ने इससे पहले 2016-17 के लिए ब्याज दर को घटाकर 2015-16 के 8.80 फीसदी की तुलना में 8.65 फीसदी कर दिया था.